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@dawriter

एक ऐसा गीत गाना चाहती हूं, मै..

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soni by  
soni

 

एक ऐसा गीत गाना चाहती हूं, मै..

सुर से सरगम को मिलाना चाहती हूँ, मै,

खुशी हो या गम, बस मुस्कुराना चाहती हूं, मै. .

दोस्तों से दोस्ती तो हर कोई निभाता है..

दुश्मनों को भी अपना दोस्त बनाना चाहती हूं, मै,

जो मै उड़ी ऊचाई पे अकेले, तो क्या नया किया..

साथ मे हर किसी के पंख फ़ैलाना चाहती हूं, मै..

वो सोचते हैं कि मै अकेली हूं उनके बिना..

तन्हाई साथ है मेरे, इतना बताना चाहती हूँ, मै,

कन्हैया तमन्ना बस इतनी सी है.. कबूल करना..

मुस्कुराते हुए ही तेरे पास आना चाहती हूं, मै,

जहाँ उग रही है नफ़रतें,

प्यार की बारिश लाना चाहती हूँ मै,

जहर घुला है हर कहीं,

मिठास ही बिखराना चाहती हूँ मै,

तकलीफ में हो गर कोई

उस तकलीफ को मिटाना चाहती हूँ मै,

खुद खुश हुई तो क्या किया,

दूसरों को खुशियाँ बाँटना चाहती हूँ मै,

ऊँच नीच का फर्क मिटा अपनापन बाँटना चाहती हूँ,मै,

गिरकर रूकना नहीं फिर उठ कर,

मंजिल की ओर कदम बढ़ाना चाहती हूँ, मै,

अपने लिए तो सब जीते हैं पर,

अपने वतन के लिए जीना चाहती हूँ, मै,

साँसों का आना जाना जीवन नहीं ,

जीवन का हर रंग अपनाना चाहती हूँ मै,

घुट घुट कर जीना बस में नहीं मेरे,

बस खुलकर जीना चाहती हूँ,मै,

गम खुशी चाहे कुछ मिले जीवन राह में,

मुस्कुराकर आगे बढ़ना चाहती हूँ, मै,

डरकर नहीं आँख मिलाकर,

मुसीबतों को जिन्दगी तेरी हराना चाहती हूँ, मै,

जीवन के हर पहलु में बस मुस्कुराना चाहती हूँ मै,

ऐ जिन्दगी मौत भी आ जाए इस राह में तो,

उसे भी हँसकर गले लगाना चाहती हूँ, मै,

हर पल बस तेरा तराना लबों पे गुनगुना कर,

आजाद पंछी की तरह उड़ना चाहती हूँ, मै,

बस सुर को सरगम से मिलाना चाहती हूँ, मै,

मरने के बाद भी लोग याद रखें,

कुछ यूँ जीकर जाना चाहती हूँ मै,

बस सबके लबों पर मुस्कुराहट लाना चाहती हूँ मै....

तेरे बिन तेरे संग

राधे कृष्णा

#मीनू



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