ख़्वाहिश की ख़्वाहिश पूरा करने तक का सफर

(ये कहानी न केवल समलैंगिकता पर आधारित है बल्कि आम लोगो के जीवन में प्रेरणा स्त्रोत भी है आप सभी जरूर पड़े व अच्छी लगे तो लाइक , कमेन्ट और शेयर जरूर करें )

अधूरी कहानी

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संजू जय के प्यार मे पूरी तरह पागल था, वो अब बिना उसके नही रहना चाहता था, उसका प्यार समय के साथ साथ और बढ रहा था तो जय का प्यार अब ठंडा पडने लगा था, लोग अब उसे जानने लगे थे, और सबके सामने संजू का साथ साथ रहना उसे असहज करने लगा, और वो अब जैसे तैसे उससे दूरी बनाना चाहता था, जय के................

Confused me

In this society even a mother can't handle her lesbian daughter or gay son..this is where the people of our country fails and fails