FICTION

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हसीन बला

sunita   936 views   2 weeks ago

"शुक्रिया..." कहते हुए झटपट उतर चल पडी पीछे मुड कर भी न देखा बारिश लगभग रूक सी गयी कौन थी वो हसीनं बला मै सिर्फ सोचता ही रहा उसके ख्यालों में डूबा कब घर के कारिडोर तक जा पहुचाँ पता ही न चला..

धोखा

mrinal   1.08K views   3 months ago

" हा हा हा हा!धोखा!हाँ, धोखा। तुमने जो किया, वह क्या था?"

परिकल्पना - ( ओरिजिन )

abhi92dutta   546 views   4 months ago

यह कहानी साइंस फ़िक्शन , इंडियन माइथोलॉजी और सुपरहीरो की अवधारणा पर आधारित है ।

हाय रे मोटापा..

Kavita Nagar   1.67K views   3 months ago

मोटापा भोली भाली लक्ष्मी के लिए दुश्मन हो गया था,सब उसके लिए संवेदनहीन हो गए थे,जैसे।

हवेली

mmb   1.00K views   3 months ago

राजस्थान के दूर दराज इलाके में एक रहस्यमयी हवेली की कथा जिसमें रोमांच है।

जोगन-2

sunita   309 views   1 month ago

मैने जीवन में प्रभु को ही सबकुछ माना पर प्रभु ने मुझे माया में फंसा दिया मेरी जीवन नैय्या मझधार में है माता !! मै क्या करूं इतनी बेकल तो मै कभी न हुई कितनी बार लोगों के व्यंगों का सामना किया समाज से परे जा कर भी।

उस शाम की चाय की वो प्याली

swappy   1.52K views   3 months ago

पति की आदतें मैं जानती नहीं थी, बस ये जरूर समझ आया कि वो शाम की चाय नहीं पीते थे। दिन गुज़रने लगे, वो ऑफिस चले जाते, मैं घर के काम करके कोई किताब पढ़ने में लग जाती। शाम को आकर वो अखबार में डूबे रहते और में टीवी या किताबोंं में। किसी की ज़िंदगी में क्या चल रहा है, ये दोनों ही नहीं जानते थे।

वापसी

sunita   1.77K views   2 months ago

चल पड़े महाकाल से मिलने वहां पहुचें तो देखा माँ अादि शक्ति महाकाल के आगे हाथ जोड़ कर कड़ी उनसे विनती कर रही हैं.. "हे महाकाल आप तो काल के भी काल है !"

मैं बिकूँगा नहीं

rajesh   680 views   4 months ago

उस अजनबी का स्वर यकायक हिसंक हो उठा----"क्या अपनी पत्नी को भी दाँव पर.......... ।"

कशमकश जिंदगी की

rajmati777   1.21K views   4 months ago

एक महिला शादी कर ससुराल आती हैं,नये माहौल में सामंजस्य स्थापित करती है। अपने रिश्ते बड़े ईमानदारी से निभाती है। पर फिर भी वो अकेली ही महसूस करती है।

जोगन

sunita   1.00K views   2 months ago

एक दिन निम्मी ने देखा जोगन घर के बाहर खडी गीत गा रही है निम्मी को उसे देख क्रोध आया पहले की तरह प्यार नही। आज अच्छा मौका है निम्मी जल्दी से बाहर जा पंहुची , "ऐ जोगन यहां क्या शोर मचा रही हो जाओ कही ओर जाकर मांगों "

काल्पनिक निष्पक्षता

Mohit Trendster   292 views   3 months ago

“...निष्पक्ष पत्रकारिता, एथिक्स वाला मीडिया नाम की कोई चीज़ नहीं होती। बस के खाई में गिरने से 5 लोगों की मौत जैसी प्लेन ख़बरों के अलावा बयान, घटना, विवरण, निष्कर्ष सब इस बात पर निर्भर करते हैं कि किस मीडिया में पैसे का स्रोत क्या है और ऊपर के मैनेजमेंट से कौन लोग जुड़े हैं।”

हम सब (आंशिक) पागल हैं! #लेख

Mohit Trendster   88 views   4 months ago

किसी साधु-संत को अक्सर कहते सुना होगा, "दुनिया पागल है!" क्या वाकई हम सब पागल हैं?

न्याय-अन्याय

Ankita Bhargava   685 views   3 months ago

अपराधी को उसके कर्मों की सज़ा तो मिलनी ही चाहिए। न्याय भी होना चाहिए यह सही है किन्तु जब किसी एक के साथ न्याय होता है कहीं ना कहीं किसी ना किसी के साथ अन्याय भी होता है

कृतज्ञता

Ankita Bhargava   908 views   3 months ago

मात्र गरीब और अनपढ़ होने के कारण मोहन को कम आंकना एक व्यक्ति के रूप में सुरेंद्र कपूर की बड़ी भूल थी। जब उन्हें इसका अहसास हुआ तो अपनी भूल सुधारने में उन्हें देर नहीं लगी।