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उस शाम की चाय की वो प्याली

swappy   1.56K views   1 year ago

पति की आदतें मैं जानती नहीं थी, बस ये जरूर समझ आया कि वो शाम की चाय नहीं पीते थे। दिन गुज़रने लगे, वो ऑफिस चले जाते, मैं घर के काम करके कोई किताब पढ़ने में लग जाती। शाम को आकर वो अखबार में डूबे रहते और में टीवी या किताबोंं में। किसी की ज़िंदगी में क्या चल रहा है, ये दोनों ही नहीं जानते थे।

पश्चाताप की ज्वाला -3

sunita   1.43K views   5 months ago

' तुम सही कह रहे हो कालू , लेकिन मै दीपक की कही हुई जगह पर नही जाना चाहता था। मैने जीया के लिए बहुत ही बडे डॉ0 से बात की थी लेकिन मेरी नही सुनी मेरी गैरहाजिर में इसने जरा क्या ध्यान रखा खुद को बडा हीरों बन रहा है , जबरन मेरे परिवार का सदस्य बन बैठा । ”

हम सब (आंशिक) पागल हैं! #लेख

Mohit Trendster   89 views   1 year ago

किसी साधु-संत को अक्सर कहते सुना होगा, "दुनिया पागल है!" क्या वाकई हम सब पागल हैं?

हसीन बला -2

sunita   242 views   9 months ago

वो तुम्हे चाहती थी ! क्या ! कबीर आश्चर्य चकित !! “ अगर वह मुझे चाहती थी तो उसने कभी कहा क्यों नही मै तो उसी ऑफिस में था उससे हंसी मजाक करता रहता था उसने तो कभी जाहिर नही किया।”

पश्चाताप की ज्वाला पार्ट-2

sunita   1.55K views   5 months ago

रिश्तों के भंवर में डूबती उतरती रिया और जीया दो बहनों की कहानी .....

पश्चाताप की ज्वाला -4

sunita   1.34K views   5 months ago

जीया ने यह बात छिपा ली थी कि दीपक ने उसे कितना टॉर्चर किया था अब वह जब भी सामने आता , जीया को वही सब याद आने लगता उस घूर्त की मक्कारी को देख जीया अपमानित महसुस करती और उस घडी को कोसती जब.....इसी कहानी में

वापसी

sunita   1.81K views   1 year ago

चल पड़े महाकाल से मिलने वहां पहुचें तो देखा माँ अादि शक्ति महाकाल के आगे हाथ जोड़ कर कड़ी उनसे विनती कर रही हैं.. "हे महाकाल आप तो काल के भी काल है !"

भेड़िया आया था (लघुकथा)

chandresh   142 views   7 months ago

भेड़िया इस बार फिर आया, लेकिन कैसे? कौन था भेड़िया? पुरानी लोक कथा पर आधारित आज की लघुकथा।

झूठी भावना पर सच्चा आशीर्वाद

Mohit Trendster   472 views   10 months ago

"क्या यार! थोड़े दिन बाद नहीं जा सकती थी मम्मी? इतना मटेरियल जमा कर रखा था मैंने....थोड़ा-थोड़ा करके ऑनलाइन डालती। अब खुद उनकी डेथ की अपडेट नहीं कर सकती...सब कहेंगे मातम की जगह नौटंकी कर रही हूँ।"

परिकल्पना - ( ओरिजिन )

abhi92dutta   561 views   1 year ago

यह कहानी साइंस फ़िक्शन , इंडियन माइथोलॉजी और सुपरहीरो की अवधारणा पर आधारित है ।

हाय रे मोटापा..

Kavita Nagar   1.70K views   1 year ago

मोटापा भोली भाली लक्ष्मी के लिए दुश्मन हो गया था,सब उसके लिए संवेदनहीन हो गए थे,जैसे।

मैं बिकूँगा नहीं

rajesh   690 views   1 year ago

उस अजनबी का स्वर यकायक हिसंक हो उठा----"क्या अपनी पत्नी को भी दाँव पर.......... ।"

कशमकश जिंदगी की

rajmati777   1.22K views   1 year ago

एक महिला शादी कर ससुराल आती हैं,नये माहौल में सामंजस्य स्थापित करती है। अपने रिश्ते बड़े ईमानदारी से निभाती है। पर फिर भी वो अकेली ही महसूस करती है।

पश्चाताप की ज्वाला- (अन्तिम भाग )

sunita   621 views   5 months ago

एक दिन जीया की तबियत कुछ संभली तो रवीश ने कहा वह थोडी देर के लिए ऑफिस हो आते है , जीया की आँख भर आयी , “ तुम्हे मुझसे ज्यादी नौकरी की पडी है।” रवीश ने जीया की हालत देख कहा तुम नही चाहती तो नही जाऊंगा नौकरी करने , यही रहुंगा तुम्हारे पास थका हारा रवीश .......जीया के बेड पर ही सर रख सो गया।

भूतिया महल

mmb   542 views   9 months ago

अपने महल में राजा औऱ रानी का भूत