DOMESTIC VIOLENCE

FILTERS


LANGUAGE

घर का मामला

varsha   410 views   2 months ago

आज के समय में जब हम अपने आसपास कुछ भी गलत होता देखकर भी आंखें मोड़ लेते हैं तो हम कैसे अपने लिए संवेदनशीलता की उम्मीद रख सकते हैं।

Dowry

Shreya Dubey   46 views   8 months ago

They say marriages are made in heaven

An unforgettable fear

jhalak   33 views   9 months ago

Woman is the best creation of God ,only she can sit on the chair of God in the form of Mother.....but the best have to face the worst...

शादी के बाद का बर्थडे

kavita   1.08K views   1 month ago

संतान द्वारा माता पिता को खुश रखने की चाह ....अर्थात बच्चे बड़े हो गए ...! प्रेम, विवशता, और उनके अनकहे दर्द को दर्शाती एक लघु कथा

बेजुबान

udyalkarai   20 views   7 months ago

आज सवाल उठाने का मन में ख्याल है आया

घरेलूं हिंसा

Piyush Shukla   17 views   8 months ago

घरेलूं हिंसा का मतलब यह नही होता है कि किसी महिला या लड़की को मारना या पीटना बल्कि इसका वास्तविक मतलब ,किसी भी महिला या लड़की की भावनाओं से खेलना, उसे उसकी मर्जी के विरुद्ध कार्य करवाना , शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना।।

अनकहा दर्द ।

chandrasingh   295 views   8 months ago

आखिर ये नयी सदी मे जी रहे लोगो की मानसिकता कब तक ये दहेज रूपी गुलामी की जंजीरों को झेलेगी इसे तोड़ना होगा और शुरुवात करनी होगी एक दहेज मानसिकता मुक्त समाज की । ताकि किसी तनिशा का फिर से अन्त न हो । अब हमे लड़ना हो, जागना होना नही तो अगली तनिशा हमारे घर से भी हो सकती है ।

Defence

ashwanikumartiwari3   9 views   4 months ago

It's a story thats best savoured when unfolded without having any prior information about it.

गोपाल फ़िर से जी उठा stopdomesticviolence

hema   69 views   8 months ago

कभी कभी स्थितियाँ ऐसी हो जाती हैं कि कहानी के सभी पात्र किसी न किसी वजह से कमज़ोर और मजबूर दिखते हैं ..लेकिन नियति सबको एक मौका ज़रूर देती है अपनी भूल का प्रायश्चित करने का ... यह कहानी है उस घरेलू हिंसा की जिसकी जड़ है बेमेल विवाह...

कभी कभी लड़की वाले भी दहेज के दोषी होते हैं

nehabhardwaj123   226 views   4 months ago

ये कहानी है चड्ढा साहब की जिन्होंने लड़के वालों के न चाहते हुए भी अपनी बेटी की दहेज दिया, पर दूसरी बेटी की शादी करने के समय आर्थिक स्थिति तंग हो चुकी थी।

घरेलू हिंसा

nis1985   42 views   3 months ago

आज भी हमारे देश में न जाने कितने कमलू जैसे दरिंदे भरे पड़े है जो दारु पीकर अपनी औरतो को प्रताड़ित करते है बेटा न पैदा करने पे, ये घटिया मानसिकता अभी भी १००% ख़त्म नहीं हुई है

साढ़े तीन ऑंखें

dhirajjha123   351 views   3 months ago

एक कहानी मानवीय प्रेम की, एक कहानी एक आम औरत की, एक कहानी एक माँ की

और मैं मुक्त हो गयी

kavita   502 views   2 months ago

शोषण के विरुद्ध एक स्त्री के आत्मबल संजो कर विद्रोह करने की मार्मिक कथा

नाम

sonikedia12   44 views   7 months ago

कभी कभी इंसान उन गलतियों का बोझ ढोता हैं जो उसने किया ही नहीं ।

498A कितना सफल कितना असफल

swati21   111 views   2 months ago

IPC 498A The most misuse law. आज तक सरकार भी इस कानून को सही अर्थो में लागू नहीं करा पाई है।