DOMESTIC VIOLENCE

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Domestic violence- hindi poem

ruinedstorm   264 views   1 year ago

Please like it, share and comment if it shakes you. Women gives the birth and deserves the respect. She is the sole creator of life, new life.

YOUR HATEFUL SURVIVOR

aesha   240 views   1 year ago

A very short open letter to my ex abuser. You were a mistake I choose. But I have found peace away from you

कभी कभी लड़की वाले भी दहेज के दोषी होते हैं

nehabhardwaj123   239 views   10 months ago

ये कहानी है चड्ढा साहब की जिन्होंने लड़के वालों के न चाहते हुए भी अपनी बेटी की दहेज दिया, पर दूसरी बेटी की शादी करने के समय आर्थिक स्थिति तंग हो चुकी थी।

498A कितना सफल कितना असफल

swati21   164 views   8 months ago

IPC 498A The most misuse law. आज तक सरकार भी इस कानून को सही अर्थो में लागू नहीं करा पाई है।

Journey of an oppressed- woman

jhalak   150 views   1 year ago

This poem is about the phases comes in life of an oppressed woman from her marriage to her pregnancy and to her equation of being free and make others to help in this...so please read it full...its also a story of a dear daughter

A stamped on Rose

misswordsmith   129 views   11 months ago

A small article where I have tried to picturise the scenario of a woman facing domestic violence in both physical and mental form.

Consensual Rape

mehakmirzaprabhu   113 views   1 year ago

Marital rape is a form of domestic abuse that is never spoken about, infact mostly not considered as a reason to stand up against by the women it self.

सुलोचना....( सच्ची कहानी )

dhirajjha123   108 views   1 year ago

बदलाव का अधिकार हर किसी के पास है । पर इस अधिकार का पूरा फायदा उसी को मिलता है जिसमें लड़ने की ताकत है, जिसमे हक़ छीन लेने की हिम्मत है । जो लड़ सकता है अपनों के ख़िलाफ, जो चुनौती दे सकता है सनातन से चले आ रहे बेकार के रिवाज़ों को

श्रेणी- Story/Domestic Violence

sonikedia12   106 views   1 year ago

हाँ ये शब्द कई बार सुना । कई चोट और निशान भी देखे। पर उन चोटों और निशानों का क्या जो बड़े प्यार से दिए जाते हैं पर हम कई बार पहचान नहीं पाते और अंदर ही अंदर घुटते है एक जिंदा लाश की तरह जिसमें सिर्फ़ साँसे होती है पर खुद के लिए नहीं । इसमें गलती किसकी ये तय करना भी कठिन होता है ।

Men: The Perpetrators (A Reality or a Mindset)

abhinav   86 views   1 year ago

Violence against men do breathe in our very society. Men are always contemplated as perpetrators and women as sufferer.But is it always so?

गोपाल फ़िर से जी उठा stopdomesticviolence

hema   72 views   1 year ago

कभी कभी स्थितियाँ ऐसी हो जाती हैं कि कहानी के सभी पात्र किसी न किसी वजह से कमज़ोर और मजबूर दिखते हैं ..लेकिन नियति सबको एक मौका ज़रूर देती है अपनी भूल का प्रायश्चित करने का ... यह कहानी है उस घरेलू हिंसा की जिसकी जड़ है बेमेल विवाह...

नाम

sonikedia12   53 views   1 year ago

कभी कभी इंसान उन गलतियों का बोझ ढोता हैं जो उसने किया ही नहीं ।

घरेलू हिंसा

nis1985   51 views   9 months ago

आज भी हमारे देश में न जाने कितने कमलू जैसे दरिंदे भरे पड़े है जो दारु पीकर अपनी औरतो को प्रताड़ित करते है बेटा न पैदा करने पे, ये घटिया मानसिकता अभी भी १००% ख़त्म नहीं हुई है

Dowry

Shreya Dubey   46 views   1 year ago

They say marriages are made in heaven

An unforgettable fear

jhalak   35 views   1 year ago

Woman is the best creation of God ,only she can sit on the chair of God in the form of Mother.....but the best have to face the worst...