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@dawriter

कुछ अनकहे लफ्ज़

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jhalak by  
jhalak

अपनी क्षमता पर शक नहीं है मुझे,

फिर भी पृयास से डरता हुं...

अपनी विफलता का शोक नहीं है मुझे,

फिर भी सीख देने से डरता हुं....

किसी के सहारे की आस नहीं है मुझे,

फिर भी अकेले चलने से डरता हुं....

कहि ना करदू किसी के साथ नाइंसाफी,

बस इस बात से डरता हुं.....



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