8
Share




@dawriter

तोहफा

1 515       
mrinal by  
mrinal

"सुनिये!" "जी?" "आपका नाम क्या है?" "मैं कई दिनों से देख रही हूँ। आप मेरा पीछा कर रहे हैं। कारण जान सकती हूँ?"

"जी। मैं आपको बताने ही वाला था पर हिम्मत न हुई।"

"क्या बताने वाले थे?"

"मैं, मैं आपसे...."

"मैं, मैं क्या लगा रखा है?"

"मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ।"

"अच्छा, तो आशिक़ी चल रही है।"

"जी नहीं।मैं सच में आपसे बहुत प्यार करता हूँ।"

"ओह्ह हो!मेरे बारे में कुछ जानते हैं आप! मेरा चेहरा भी देखा है क्या आपने?"

" चेहरे से क्या फर्क पड़ता है? प्यार तो रूह से किया जाता है। बस आपकी आँखें देखी हैं। बहुत खूबसूरत हैं। जी करता है कि देखता ही रहूँ।"

"तो मेरा चेहरा देखना नहीं चाहेंगे आप!"

"बड़ी मेहरबानी होगी अगर दिखा दें तो।"

"लीजिये, यह देखिये।और नकाब खोल दिया।" ...... " क्या हुआ जनाब! सारी आशिक़ी गायब हो गयी। आप ही के जैसे किसी महान आशिक़ का तोहफा है यह!" .....

"अरे चल दिये आप तो। रुकिये न। प्लीज, रुकिये न! .....

"क्या हुआ?जानू, आई लव यू!रुक जाओ न! ......

"प्यार करते हैं साले! पहले मर्द तो बन। नामर्द कहीं के!

© मृणाल आशुतोष

#stopacidattacks

Image Source: washingtonpost



Vote Add to library

COMMENT