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पापा

dhirajjha123   5 views   2 years ago

​पहले ही क्षमा के साथ ये बात बता दूँ की कुछ महीनों तक जब मेरे सामने उन मनहूस दिनो की कोई पोस्ट आएगी तो मैं पापा पर ना चाहते हुए भी लिखने पर मजबूर हो जाऊँगा । क्या करूँ खुद से अपना हाल कह कह कर थक गया हूँ इसीलिए यहाँ लिखने पर मजबूर हो जाता हूँ ।

“पिता से पहले पिता के बाद”

dhirajjha123   25 views   2 years ago

डेढ महीने हस्पतालों चक्कर काटे थे उन भाईयों ने अपने पिता को लेकर । वो पिता जिसका घूरना ही काफी होता था इन बेटों के मन में वो डर पैदा करने के लिए जो एक बाप को लेकर हर बेटे में होता है उस बाप को थप्पड़ तक मारे थे इन बेटों ने ।

माँ तुम जादूगर हो…

dhirajjha123   14 views   2 years ago

मन ही मन कहता रहा माँ तुम जादूगर हो ना जाने कहाँ से लाती हो इतनी हिम्मत | माँ सचमें तुम से बहुत प्यार है बहुत ज़्यादा |

माँ

dhirajjha123   32 views   2 years ago

माँ को शुरू से ही कभी ज़्यादा मेकअॅप वेकअॅप करते नही देखा । उन्हे कभी से रुचि ही नही रही या फिर शायद हम सब की छोटी छोटी ज़रूरतें पूरी करने और घर के काम काज के बीच ऐसा उलझी की उन्हे कभी खुद को संवारने का मौका ही नही मिला ।

पुराने किस्से

dhirajjha123   14 views   2 years ago

​पूरे साल भर पहले की बात है उसके बाद बहुत कुछ बदला पर लोग और उनके हाल अभी भी बदलाव की उम्मीद वाले किनारे पर ही खड़े हैं । सफर की घटना

पटना वाला प्यार

abhi92dutta   362 views   2 years ago

पटना के सभी लड़के और लड़कियों को समर्पित यह रचना । पटना में रहने वाले सभी लोग अपने अपने समय में इस दौर से जरूर गुज़रे होंगे । उन सभी यादों को फिर से एक कहानी के रूप में ...

| बधिर भगवान | Advit Tiple |

advit   11 views   2 years ago

Poem on recent issue arose by tweet of Mr. Sonu Nigam

माफ करना

dhirajjha123   25 views   2 years ago

माफ़ कर देना मुझे ये दर्द ना लिख पाऊँगा थोड़ी वाह वाही के लिए इस बार ना बिक पाऊँगा कैसे लिखूँगा एक बेबस से पिता के दर्द को कैसे बयान करूँगा

​चलो मर जाऐं

dhirajjha123   6 views   2 years ago

अपनी चीखों को दबा लो टूटती सांसों को थम जाने दो

​ना जाने क्यों ?

dhirajjha123   8 views   2 years ago

सुख और दुःख तो एक सिक्के के दो पहलुओं के समान हैं इनका आना जाना तो जीवन में लगा रहता है मगर जब खुशियाँ एक दम से एक ही दिन में किसी से एकदम किनारा कर लें तब इंसान अपने उस दुःख और दर्द को बयान करने की हालत में भी नही रहता ।

बात भले कल की हो वास्ता आज से ही है…

dhirajjha123   6 views   2 years ago

वर्ना तुम्हारा ये ख़ामोश रहना आने वाली नस्ल को पूरी तरह कर बर्बाद देगा

रीयूनियन

abhi92dutta   75 views   2 years ago

बचपन के चार दोस्त । पंद्रह साल बाद “रीयूनियन” का प्लान ।

एक मुलाकात

abhi92dutta   85 views   2 years ago

महानगरों के जीवन का अनछुआ पहलु । एक काला सच

मुलाक़ात

saurabh1988   37 views   2 years ago

शायद मेरे हिसाब से कुछ मुलाकातें न ही होती तो अच्छा होता ।

वक्त

dhirajjha123   29 views   2 years ago

एक एक कर के उन दिनों की सारी यादें आखों के सामने थीं जब ज़िंदगी ने अभिनव से सब कुछ छीन कर बदले में मौत तक भी नही दी थी | पिता की अचानक से कार एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई | और उनके कर्ज़ में फैक्टरी ज़मीन सब बिक गई पास बचे तो कुछ पैसे और एक मां जो पल पल मौत से लड़ रही थी