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कश्मीर : जन्नत या उजड़ा चमन

poojaomdhoundiyal   63 views   6 months ago

भारत का बेहद खूबसूरत राज्य है कश्मीर। कहते हैं कि कश्मीर जन्नत है। कश्मीर भारत का ताज है। किताबों ,किस्से कहानियों में कश्मीर की ख़ूबसूरती के किस्से सुन मन मचल जाता था। उसपे फिल्मों में तो इसे और भी खूबसूरती से दर्शाया जाता , इसकी खूबसूरती पर गीत लिखे जाते।

​ना जाने क्यों ?

dhirajjha123   8 views   1 year ago

सुख और दुःख तो एक सिक्के के दो पहलुओं के समान हैं इनका आना जाना तो जीवन में लगा रहता है मगर जब खुशियाँ एक दम से एक ही दिन में किसी से एकदम किनारा कर लें तब इंसान अपने उस दुःख और दर्द को बयान करने की हालत में भी नही रहता ।

​चलो मर जाऐं

dhirajjha123   6 views   1 year ago

अपनी चीखों को दबा लो टूटती सांसों को थम जाने दो

अजीब दुनिया अजीब रिश्ते

dhirajjha123   55 views   1 year ago

यहाँ कुछ बेटे हैं जो अपने पिता को वापिस पाने के लिए दिन रात रोते हैं और यहीं कुछ बेटे हैं जिनकी आँखों में पिता को देखते ही खून उतर आता है ।

आत्म दीपो भवः

prakash   47 views   8 months ago

एक साल हो गए इस घटना को, छोटू अब स्कूल जाता है। माँ-बेटे दोनों ही बहुत खुश हैं l इस एक घटना ने मेरे दृष्टिकोण को काफीहद तक बदल दिया था। क्यों कि शायद मन का अँधेरा मिट गया था। आत्मा का दीपक जल उठा था। अंतर्मन का अंधकार मिट गया था। इसलिए मैंने इस संस्मरण का शीर्षक “आत्मदीपो भवः” रखा है।

किडनी के पत्थर

prakash   162 views   9 months ago

मनोशारीरिक भाव में “किडनी के पत्थर” उन आंसुओं का मूर्त रूप है जो समय पर बहे नहीं, जिन्हें हमने अपने भीतर दबा दिया? हमारे शरीर की उर्जा मनोशरीर से मुक्त नहीं हो पायी, उसने पथरी का आकर ले लिया, वह सख्त हो गयी l

एक स्नेह यह भी.... ----

rgsverma   204 views   11 months ago

स्मृतियाँ कितनी विचित्र होती हैं.न चाहते हुए भी साथ नहीं छोड़ती . और अगर चाहो तो याद नहीं आती. अच्छी स्मृतियाँ तो यूँ धूमिल हो भी सकती हैं, पर कुछ दु:खद और कडूआहट भरी अथवा जटिल-सी स्मृतियाँ तो इंसान पूरी जिन्दगी ढोता रहता है, और वह बस निर्लज्जता से जुड़ी रहती हैं, हमारे साथ, हर समय. 

कुछ पूछ लूं मां से

gourav11698   32 views   1 year ago

मां. ..जो जगत जननी है, जगत की पालनहार है, जो कभी नहीं थकती, आज उससे कुछ पुछने का मन हो रहा है, कैसे करती है वो ये सब! सुबह सबसे पहले उठकर रात सबसे बाद में सोना हर काम का याद रहना,कभी न हारना और हर पल मुस्कराना कैसे करती हो तुम मेरी मां 🙏🙏

कण्डोमविज्ञापन बैन

nis1985   130 views   7 months ago

कंडोम के विज्ञापन पर बैन बहुत ही बढ़िया खबर है, रात के 10बजे के बाद दिखाया जाएगा और जरूरी भी है

love at the age of seventeen

shashankbhartiya   54 views   1 year ago

A stroy of first crush in intermediate. "साले तेरा जोक समझ लेती न वो तो एच ओ डी ऑफिस में होते", शुभम ने चुटकी ली

क्षितिज के पार

rgsverma   86 views   1 year ago

"...इस बीच जो बात मुझे उलझन में डालती रही वह सृष्टि के प्रति मेरी सोच और उसको लेकर आत्मग्लानि थी. मुझे लगता था कि उसे मैंने मंझधार में छोड़ दिया था..." (कुछ चुनींदा अंश)

पक्की सड़क(कहानी)

rahulsingh   51 views   1 year ago

कई लोगों ने कहा_"मास्टरजी आप भी क्यों इतना शारीरिक कष्ट करते हैं, मोटरसाईकिल ख़रीद लीजिये। ख़ाली हाज़िरी ही तो लेनी होती है, मोटरसाईकिल ले लीजियेगा तो और जल्दी लौट आइयेगा, समय बर्बाद नहीं होगा।

"दया ही सभी धर्मों का मूल है"

shivamtiwari   32 views   11 months ago

एक अनुभूति है मूक पशुओं की दुर्दशा देखकर। वो पशु जो अकारण ही दंड के भागी बनते हैं और 'अभिव्यक्ति' से भी वंचित रहते हैं।

बदलते बारिश के मायने..

kavita   97 views   10 months ago

बचपन से युवावस्था और बच्ची से विवाहिता बन जाने के मध्य ..आये छोटे छोटे मनोभावों का वर्णन

​खेल नियती का

dhirajjha123   11 views   1 year ago

बात तकरीबन साठ साल पुरानी होगी भारत को आज़ाद हुए महज़ कुछ साल ही हुए थे, अर्थव्यवस्था पूरी तरह से अपाहिज थी जिस कारण बेरोज़गारी अपने चरम पर थी