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घर वाकई स्वर्ग है

dhirajjha123   79 views   1 year ago

घर में घुसते ही पापा वाला खाली पलंग जब तक रुलाए तब तक माँ की मुझे देख चमकती आँखें मुस्कुराने पर मजबूर कर देती हैं और लगता है माँ में ही कहीं पापा भी बाहें फैलाए सीने से लगाने को बेचैन हैं

व्यापार वर्धक यंत्र

kumarg   74 views   7 months ago

इस बरसात में लकड़ियों के खरीदार मिल रहे हैं । पहले तो मुझे लग रहा था श्मशानघाट पर दुकान खोलकर गलती कर दी। लेकिन भला हो उन पंडितजी का अब तो धंधा चौचक हो रहा है पिछले दो घंटे में बारिश के बावजूद लोग घाट की दुकानें छोड़कर मेरे पास आ रहे हैं । "

एक मुलाकात

abhi92dutta   74 views   1 year ago

महानगरों के जीवन का अनछुआ पहलु । एक काला सच

Just For Love!

Rajeev Pundir   70 views   11 months ago

Where love can be divine, sacred and the name of sacrifice for some, it can be plagued by cynicism, obsession and possessiveness for the others. Read the story to know the other aspect of love ; compelling a few to commit unthinkable, unimaginable ghastly acts just in the name of love.

रीयूनियन

abhi92dutta   68 views   1 year ago

बचपन के चार दोस्त । पंद्रह साल बाद “रीयूनियन” का प्लान ।

कश्मीर : जन्नत या उजड़ा चमन

poojaomdhoundiyal   61 views   3 months ago

भारत का बेहद खूबसूरत राज्य है कश्मीर। कहते हैं कि कश्मीर जन्नत है। कश्मीर भारत का ताज है। किताबों ,किस्से कहानियों में कश्मीर की ख़ूबसूरती के किस्से सुन मन मचल जाता था। उसपे फिल्मों में तो इसे और भी खूबसूरती से दर्शाया जाता , इसकी खूबसूरती पर गीत लिखे जाते।

अज्ञात आतंकवादी

abhi92dutta   60 views   11 months ago

हत्या और मुक्ति के बीच का अंतर ! !

कौन हो तुम?

udyalkarai   59 views   10 months ago

जवाब एक स्त्री का समाज के उन लोगों को जो बस उसे दबाना चाहते हैं।

इत्रसाज की बेटी

kumarg   59 views   10 months ago

खाला सुबह ही धमका गई है अम्मी को ,अब चालीस रोज घर से बाहर मत निकलना । वो दिन चढ़े चुपचाप लेटी रही की शायद खाना बन जाने के बाद अम्मी उठ जाने की चिरौरी करेगी । लेकिन दस बजे के करीब अम्मी भी बगल में आकर लेट गई । कुछ देर में ही अम्मी के खर्राटे गुंजने लगे ।

किसान आत्महत्या का खौफ़ उनके बच्चों के दिलो में

vandita   59 views   8 months ago

पिछले कुछ समय मे किसान बेबस हो आत्महत्या कर रहा है। मैंने इस कहानी के माध्यम से एक किसान परिवार की बच्ची का डर दिखाया है कि किस तरह से एक बेटी अपने पिता के लिए डरी हुई है कि कही वो भी आत्महत्या न कर ले।

love at the age of seventeen

shashankbhartiya   54 views   11 months ago

A stroy of first crush in intermediate. "साले तेरा जोक समझ लेती न वो तो एच ओ डी ऑफिस में होते", शुभम ने चुटकी ली

अजीब दुनिया अजीब रिश्ते

dhirajjha123   54 views   1 year ago

यहाँ कुछ बेटे हैं जो अपने पिता को वापिस पाने के लिए दिन रात रोते हैं और यहीं कुछ बेटे हैं जिनकी आँखों में पिता को देखते ही खून उतर आता है ।

पक्की सड़क(कहानी)

rahulsingh   51 views   11 months ago

कई लोगों ने कहा_"मास्टरजी आप भी क्यों इतना शारीरिक कष्ट करते हैं, मोटरसाईकिल ख़रीद लीजिये। ख़ाली हाज़िरी ही तो लेनी होती है, मोटरसाईकिल ले लीजियेगा तो और जल्दी लौट आइयेगा, समय बर्बाद नहीं होगा।

डायन

ujbak   44 views   10 months ago

इमली के पेड़ की छोटी-छोटी पत्तियां हवा में बही जा रही थीं। सर्र-सर्र की आवाज़ करती पत्तियों ने जैसे ठान लिया हो कि मदनी के इस रहस्य को वे और डरावना बना देंगी।

आत्म दीपो भवः

prakash   44 views   6 months ago

एक साल हो गए इस घटना को, छोटू अब स्कूल जाता है। माँ-बेटे दोनों ही बहुत खुश हैं l इस एक घटना ने मेरे दृष्टिकोण को काफीहद तक बदल दिया था। क्यों कि शायद मन का अँधेरा मिट गया था। आत्मा का दीपक जल उठा था। अंतर्मन का अंधकार मिट गया था। इसलिए मैंने इस संस्मरण का शीर्षक “आत्मदीपो भवः” रखा है।