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प्रारब्ध

rgsverma   197 views   11 months ago

हालांकि ठाकुर साब से मेरी मित्रता अधिक पुरानी भी नहीं थी. मात्र लगभग साढ़े तीन साल हुए थे, उनसे मुलाक़ात हुए, और वह भी वाकिंग प्लाजा में. कॉलोनी का यह पार्क टहलने वालों के लिए स्वर्ग से कम नहीं था.

अखबार वाला

mmb   199 views   8 months ago

नौकरी या व्यवसाय कोई भी हो पूरी निष्ठा के साथ काम करना चाहिए। अखबार वाला न चाहते हुए भी अखबार बांट रहा था।

...रामकिशोर ड्राईवर

rgsverma   147 views   11 months ago

अगर रामकिशोर का हुलिया आपको बताया जाये तो मेरे सहित कुछ लोगों की राय थी कि वह अपने समय में तमिलनाडु के कुख्यात दस्यु सम्राट वीरप्पन का मिनी रूप लगता था...

वो मैला सा आदमी

nidhi   218 views   9 months ago

उसका आत्मसम्मान और ईमानदारी मुझे किसी पढ़े लिखे इंसान से ज्यादा प्रभावित कर रही थी।। हमारी दिखावटी पीढ़ी में कुछ लोग उस आदमी के मैले कपड़ो से भी ज्यादा मैले मन लेकर घुमते हैं

विवाह

mrinal   82 views   1 year ago

पत्नी की तन मन धन से सेवा करते पुतोहू को देखकर उनका मन द्रवित हो गया और बेटा को गले लगाकर बोले," तुमने मेरी आँख खोल दी। हम नसीब वाले हैं कि ऐसी पुतोहू मिली हैं । हमें गर्व है तुम पर।

एक स्वप्न की मौत

rgsverma   130 views   11 months ago

"...मैं जब भी दिल्ली जाता सुरभि से मुलाकात जरूर होती. वह अपनी व्यस्तता के बावजूद मेरे लिये समय निकालती और हम सब मिलकर कुछ अदद मिली-जुली यादों में उलझ जाते. सुनिधि ने सुरभि को अपना प्यार और ममता उड़ेलने का एक और जरिया प्रदान कर दिया था.... "

दागदार हसीन चेहरा

swa   179 views   1 year ago

इतनी खूबसूरत भगवान किसी किसी को खूबसूरती भी बेशुमार देता है मैं उसकी झील सी आंखों में डूब कर खो जाना चाहता था हर पल हर घड़ी अब बस मुझे उसी का ख्याल रहता था

पीली चुनरी

prakash   235 views   11 months ago

ये एक अधूरी प्रेम कहानी है।जिसकी शुरुआत तो हुई , पर अपने मुकम्मल मुकाम तक न पहुँच सकी ।

साधारण या शानदार

poojaomdhoundiyal   299 views   7 months ago

विराट अनुष्का की शादी और उस पर लोगो की प्रतिक्रिया न्र मेरे जेहन में ढेरों प्रश्न उत्पन्न किये। क्या सच में हमारा समाज ऐसा है जैसा वी दिखा रहा है या फिर वही दुगुलापन!?

मुलाक़ात

saurabh1988   37 views   1 year ago

शायद मेरे हिसाब से कुछ मुलाकातें न ही होती तो अच्छा होता ।

जबाब

mrinal   40 views   1 year ago

जैसे ही बड़का ठेकेदार फटफटिया से उतरा, दुलरिया झटकती हुई उसके पास पहुँच गयी।

पापा के लिये

dhirajjha123   8 views   1 year ago

निडरता इंसान में समय के साथ अपने आप आ जाती है | परिस्थितियाँ खुद लड़ना सिखा देती हैं | बच्चपन में बड़ा डरपोक था अकेलो सोना तो सीखा ही नही था कभी |

माँ

dhirajjha123   22 views   1 year ago

माँ को शुरू से ही कभी ज़्यादा मेकअॅप वेकअॅप करते नही देखा । उन्हे कभी से रुचि ही नही रही या फिर शायद हम सब की छोटी छोटी ज़रूरतें पूरी करने और घर के काम काज के बीच ऐसा उलझी की उन्हे कभी खुद को संवारने का मौका ही नही मिला ।

एक मुलाकात

abhi92dutta   80 views   1 year ago

महानगरों के जीवन का अनछुआ पहलु । एक काला सच

वक्त

dhirajjha123   29 views   1 year ago

एक एक कर के उन दिनों की सारी यादें आखों के सामने थीं जब ज़िंदगी ने अभिनव से सब कुछ छीन कर बदले में मौत तक भी नही दी थी | पिता की अचानक से कार एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई | और उनके कर्ज़ में फैक्टरी ज़मीन सब बिक गई पास बचे तो कुछ पैसे और एक मां जो पल पल मौत से लड़ रही थी