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काश तुम्हें रोक पाती

abhi92dutta   83 views   7 months ago

ज़िन्दगी में इतना आगे बढ़ जाना , जब बचपन के दोस्त के बारे में पता चला तो फिर आँसू रुके ही नहीं ।।

जबाब

mrinal   27 views   8 months ago

जैसे ही बड़का ठेकेदार फटफटिया से उतरा, दुलरिया झटकती हुई उसके पास पहुँच गयी।

SAVE THE BOY CHILD!

mehakmirzaprabhu   30 views   8 months ago

"He sounded unsure, excited, scared, all at the same time. Hassan lay with his chest pinned to the ground. Kamal and Wali each gripped an arm, twisted and bent at the elbow so that Hassan's hands were pressed to his back.

कहानी— सोच के दायरे

varmangarhwal   55 views   8 months ago

दोपहर के एक बजे बैंगलोर रेल्वे स्टेशन के टिकट काउंटर से टिकट लेकर उम्र में पच्चीस(25) साल का क्लीन शेव चेहरे वाला सुन्दर हाथ में ऑफ़िस बैग लिये प्लेटफार्म पर आकर चेयर पर बैठ गया.

Just For Love!

Rajeev Pundir   70 views   8 months ago

Where love can be divine, sacred and the name of sacrifice for some, it can be plagued by cynicism, obsession and possessiveness for the others. Read the story to know the other aspect of love ; compelling a few to commit unthinkable, unimaginable ghastly acts just in the name of love.

दागदार हसीन चेहरा

swa   144 views   8 months ago

इतनी खूबसूरत भगवान किसी किसी को खूबसूरती भी बेशुमार देता है मैं उसकी झील सी आंखों में डूब कर खो जाना चाहता था हर पल हर घड़ी अब बस मुझे उसी का ख्याल रहता था

पक्की सड़क(कहानी)

rahulsingh   47 views   8 months ago

कई लोगों ने कहा_"मास्टरजी आप भी क्यों इतना शारीरिक कष्ट करते हैं, मोटरसाईकिल ख़रीद लीजिये। ख़ाली हाज़िरी ही तो लेनी होती है, मोटरसाईकिल ले लीजियेगा तो और जल्दी लौट आइयेगा, समय बर्बाद नहीं होगा।

बस इश्क़

saurabh1988   27 views   8 months ago

ये बस इश्क़ है 😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊

अज्ञात आतंकवादी

abhi92dutta   54 views   8 months ago

हत्या और मुक्ति के बीच का अंतर ! !

रुखसती

gaurav97p   15 views   8 months ago

ये रचना हैं उन सभी को समर्पित है जो समाज के झूठे मुखोटे के शिकार होते हैं अच्छा है नियम बनाना लेकिन ऐसा न हो की जो नियम जीने के लिए बनाये हैं उसके लिए आप उन प्रेम करने वालो की ज़िन्दगी बर्बाद कर दे जो सच में नहीं जी सकते हैं एक दूजे के बिना ||

आंतकी घटनाएं और भारतीय सेना का धैर्य

harish999   32 views   8 months ago

जब ख़ामोशी में सुलगते अंगारे और दिल ही दिल में सिसकते शहीदों के परिजनों की बददुआ बाहर निकलेगी तब क्या होगा.

पापा के लिये

dhirajjha123   5 views   8 months ago

निडरता इंसान में समय के साथ अपने आप आ जाती है | परिस्थितियाँ खुद लड़ना सिखा देती हैं | बच्चपन में बड़ा डरपोक था अकेलो सोना तो सीखा ही नही था कभी |

मरने के बाद सम्मान

dhirajjha123   20 views   8 months ago

​मरने के बाद सम्मान होगा मेरे शब्दों को तवज्जो तब मिलेगी

अंतर्द्वंद

saurabh1988   32 views   8 months ago

मनोस्तिथि सामाजिक पीड़ा से ग्रसित जिसमे समावेशन है कुंठा और निराशा और भावुकता का

पापा

dhirajjha123   2 views   8 months ago

​पहले ही क्षमा के साथ ये बात बता दूँ की कुछ महीनों तक जब मेरे सामने उन मनहूस दिनो की कोई पोस्ट आएगी तो मैं पापा पर ना चाहते हुए भी लिखने पर मजबूर हो जाऊँगा । क्या करूँ खुद से अपना हाल कह कह कर थक गया हूँ इसीलिए यहाँ लिखने पर मजबूर हो जाता हूँ ।