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Fathers legacy

Anonymous
  6 views   11 months ago

My father was just a person who was always thinking about his children. A middle class man who was known for his virtues and calmness.

आत्म दीपो भवः

prakash   47 views   11 months ago

एक साल हो गए इस घटना को, छोटू अब स्कूल जाता है। माँ-बेटे दोनों ही बहुत खुश हैं l इस एक घटना ने मेरे दृष्टिकोण को काफीहद तक बदल दिया था। क्यों कि शायद मन का अँधेरा मिट गया था। आत्मा का दीपक जल उठा था। अंतर्मन का अंधकार मिट गया था। इसलिए मैंने इस संस्मरण का शीर्षक “आत्मदीपो भवः” रखा है।

अखबार वाला

mmb   200 views   1 year ago

नौकरी या व्यवसाय कोई भी हो पूरी निष्ठा के साथ काम करना चाहिए। अखबार वाला न चाहते हुए भी अखबार बांट रहा था।

किडनी के पत्थर

prakash   166 views   1 year ago

मनोशारीरिक भाव में “किडनी के पत्थर” उन आंसुओं का मूर्त रूप है जो समय पर बहे नहीं, जिन्हें हमने अपने भीतर दबा दिया? हमारे शरीर की उर्जा मनोशरीर से मुक्त नहीं हो पायी, उसने पथरी का आकर ले लिया, वह सख्त हो गयी l

वो मैला सा आदमी

nidhi   219 views   1 year ago

उसका आत्मसम्मान और ईमानदारी मुझे किसी पढ़े लिखे इंसान से ज्यादा प्रभावित कर रही थी।। हमारी दिखावटी पीढ़ी में कुछ लोग उस आदमी के मैले कपड़ो से भी ज्यादा मैले मन लेकर घुमते हैं

व्यापार वर्धक यंत्र

kumarg   76 views   1 year ago

इस बरसात में लकड़ियों के खरीदार मिल रहे हैं । पहले तो मुझे लग रहा था श्मशानघाट पर दुकान खोलकर गलती कर दी। लेकिन भला हो उन पंडितजी का अब तो धंधा चौचक हो रहा है पिछले दो घंटे में बारिश के बावजूद लोग घाट की दुकानें छोड़कर मेरे पास आ रहे हैं । "

अनोखी ममता

kavita   327 views   1 year ago

एक माँ की ममता से जुड़ी अविश्वसनीय कहानी.....रोमांचक वर्णन

बदलते बारिश के मायने..

kavita   97 views   1 year ago

बचपन से युवावस्था और बच्ची से विवाहिता बन जाने के मध्य ..आये छोटे छोटे मनोभावों का वर्णन

मुखर्जी नगर- सपनों का नगर

kapilsharma   132 views   1 year ago

मुखर्जी नगर, दिल्ली में स्थित है, जो कि लोक प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी हेतु प्रसिद्ध है।

किसान आत्महत्या का खौफ़ उनके बच्चों के दिलो में

vandita   60 views   1 year ago

पिछले कुछ समय मे किसान बेबस हो आत्महत्या कर रहा है। मैंने इस कहानी के माध्यम से एक किसान परिवार की बच्ची का डर दिखाया है कि किस तरह से एक बेटी अपने पिता के लिए डरी हुई है कि कही वो भी आत्महत्या न कर ले।

"दया ही सभी धर्मों का मूल है"

shivamtiwari   33 views   1 year ago

एक अनुभूति है मूक पशुओं की दुर्दशा देखकर। वो पशु जो अकारण ही दंड के भागी बनते हैं और 'अभिव्यक्ति' से भी वंचित रहते हैं।

पीली चुनरी

prakash   242 views   1 year ago

ये एक अधूरी प्रेम कहानी है।जिसकी शुरुआत तो हुई , पर अपने मुकम्मल मुकाम तक न पहुँच सकी ।

...रामकिशोर ड्राईवर

rgsverma   147 views   1 year ago

अगर रामकिशोर का हुलिया आपको बताया जाये तो मेरे सहित कुछ लोगों की राय थी कि वह अपने समय में तमिलनाडु के कुख्यात दस्यु सम्राट वीरप्पन का मिनी रूप लगता था...

एक स्नेह यह भी.... ----

rgsverma   211 views   1 year ago

स्मृतियाँ कितनी विचित्र होती हैं.न चाहते हुए भी साथ नहीं छोड़ती . और अगर चाहो तो याद नहीं आती. अच्छी स्मृतियाँ तो यूँ धूमिल हो भी सकती हैं, पर कुछ दु:खद और कडूआहट भरी अथवा जटिल-सी स्मृतियाँ तो इंसान पूरी जिन्दगी ढोता रहता है, और वह बस निर्लज्जता से जुड़ी रहती हैं, हमारे साथ, हर समय. 

जान

mrinal   265 views   1 year ago

इंटरव्यू के अंतिम चरण में चयन न होने पर हताश और क्रुद्ध आशुतोष कमरे पर पहुंचते ही पत्नी पर बरस पड़ा।