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एक स्वप्न की मौत

rgsverma   126 views   5 months ago

"...मैं जब भी दिल्ली जाता सुरभि से मुलाकात जरूर होती. वह अपनी व्यस्तता के बावजूद मेरे लिये समय निकालती और हम सब मिलकर कुछ अदद मिली-जुली यादों में उलझ जाते. सुनिधि ने सुरभि को अपना प्यार और ममता उड़ेलने का एक और जरिया प्रदान कर दिया था.... "

बाबूजी वो गुड़िया ला दो

nis1985   103 views   6 months ago

आज छुटकी ने फिर से अपने मजदूर पिता से एक फरमाइश करदी....बाबुजी आज तो हमको वो गुड़िया ही चाहिये बस जो हमने दुकान पे देखी थी...

क्षितिज के पार

rgsverma   74 views   6 months ago

"...इस बीच जो बात मुझे उलझन में डालती रही वह सृष्टि के प्रति मेरी सोच और उसको लेकर आत्मग्लानि थी. मुझे लगता था कि उसे मैंने मंझधार में छोड़ दिया था..." (कुछ चुनींदा अंश)

"बस... उस पल का तुम इंतजार करना"

ankitg   21 views   6 months ago

ये मेरे जीवन की पहली स्वरचित कविता है जिसे मैंने एक संदेशात्मक रूप में लिखा है या यूँ कहें कि ये मेरा पहला प्रेम पत्र है जिसे मैंने उस लड़की के लिए लिखा है जिससे मैं बेइंतेहा मोहब्बत करता हूँ

WHERE DOES AKRAM MALIK STAY?

mehakmirzaprabhu   18 views   6 months ago

Stories reflecting today's times of fear, mistrust and love

I bleed, I bleed, I bleed

abhilasha verma   15 views   6 months ago

The following piece is a direct answer to GST, 2017.

दीदी_की_शादी

mrinal   30 views   7 months ago

१०वीं का रिजल्ट निकले हफ्ता बीत चुका था किंतु घर में फैला सन्नाटा अभी भी बाकी था। ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी की मौत हो गयी हो। रवि जिसके बारे में सब आशा कर रहे थे कि ९०% अंक लायेगा, वह फेल हो चुका था।

डायन

ujbak   43 views   7 months ago

इमली के पेड़ की छोटी-छोटी पत्तियां हवा में बही जा रही थीं। सर्र-सर्र की आवाज़ करती पत्तियों ने जैसे ठान लिया हो कि मदनी के इस रहस्य को वे और डरावना बना देंगी।

ECHOES

troubleseeker11   9 views   7 months ago

It is a love story that was not permitted to flourish by the legions of different religions.

इत्रसाज की बेटी

kumarg   55 views   7 months ago

खाला सुबह ही धमका गई है अम्मी को ,अब चालीस रोज घर से बाहर मत निकलना । वो दिन चढ़े चुपचाप लेटी रही की शायद खाना बन जाने के बाद अम्मी उठ जाने की चिरौरी करेगी । लेकिन दस बजे के करीब अम्मी भी बगल में आकर लेट गई । कुछ देर में ही अम्मी के खर्राटे गुंजने लगे ।

विवाह

mrinal   66 views   7 months ago

पत्नी की तन मन धन से सेवा करते पुतोहू को देखकर उनका मन द्रवित हो गया और बेटा को गले लगाकर बोले," तुमने मेरी आँख खोल दी। हम नसीब वाले हैं कि ऐसी पुतोहू मिली हैं । हमें गर्व है तुम पर।

So let me show you the real me!!

Shreya Dubey   5 views   7 months ago

I usually meet people who judge others without knowing them.. So to know the reason behind doing so,I googled it. And read few reasons.. People have their own past experiences. People have ego clashes. Revengeful mind. Signs of Jealousy. Or they may be 'perfect' (sounds weird)

कौन हो तुम?

udyalkarai   48 views   7 months ago

जवाब एक स्त्री का समाज के उन लोगों को जो बस उसे दबाना चाहते हैं।

नज़्म

gaurav97p   9 views   7 months ago

प्रेम में भी एक तन्हाई है पीड़ा है जो इससे सहन कर लेता है और प्रेम को पा लेता है वो ही सत्यार्थ प्रेम का हकदार है।।

love at the age of seventeen

shashankbhartiya   42 views   7 months ago

A stroy of first crush in intermediate. "साले तेरा जोक समझ लेती न वो तो एच ओ डी ऑफिस में होते", शुभम ने चुटकी ली