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बचपन और नानी का घर

Manju Singh   1.07K views   8 months ago

बचपन एक बार जाता है तो कभी लौट कर नही आता लेकिन उसकी यादें हैं की जाने का नाम नहीं लेतीं। पढ़िए यह रचना जो निश्चय ही आपको आपके बचपन में ले जायेगी ।

एक गिलास पानी

chandresh   1.08K views   9 months ago

एक गिलास पानी में इतना जादू है

તારી વાર્તા મારું જીવન

ashutosh   24 views   9 months ago

ગુજરાતી શીખવવાનો આગ્રહ રાખતા પિતા પુત્રી ની વાર્તા

कश्मीर : जन्नत या उजड़ा चमन

poojaomdhoundiyal   64 views   9 months ago

भारत का बेहद खूबसूरत राज्य है कश्मीर। कहते हैं कि कश्मीर जन्नत है। कश्मीर भारत का ताज है। किताबों ,किस्से कहानियों में कश्मीर की ख़ूबसूरती के किस्से सुन मन मचल जाता था। उसपे फिल्मों में तो इसे और भी खूबसूरती से दर्शाया जाता , इसकी खूबसूरती पर गीत लिखे जाते।

चमत्कार

Manju Singh   291 views   9 months ago

इश्वर हमें दिखायी तो नही देते लेकिन हर घड़ी वो हमारे साथ होते हैं ।

साधारण या शानदार

poojaomdhoundiyal   299 views   10 months ago

विराट अनुष्का की शादी और उस पर लोगो की प्रतिक्रिया न्र मेरे जेहन में ढेरों प्रश्न उत्पन्न किये। क्या सच में हमारा समाज ऐसा है जैसा वी दिखा रहा है या फिर वही दुगुलापन!?

कण्डोमविज्ञापन बैन

nis1985   130 views   10 months ago

कंडोम के विज्ञापन पर बैन बहुत ही बढ़िया खबर है, रात के 10बजे के बाद दिखाया जाएगा और जरूरी भी है

बड़े बड़े लोग

Rajeev Pundir   1.12K views   10 months ago

निम्न मध्य श्रेणी के लोग संपन्न लोगों के बारे में क्या सोचते हैं, पढ़िए एक ऐसे ही इंसान की खिन्नता को दर्शाती इस कहानी में।

प्रेम वाला खाना

mmb   1.27K views   10 months ago

पत्नी और मां के हाथों से बनाये खाने में प्रेम और वात्सल्य भरपूर होता है।

ताई

mmb   461 views   10 months ago

ताई का रुतबा आखिर समाप्त हो गया। उसका स्थान उसकी बहू ने ली।

पिक्सी

Manju Singh   129 views   11 months ago

मेरा प्यारा पिक्सी,कभी सोचा भी कहाँ था की उसके बिना रहना पड़ेगा। आज उसके जाने के बाद लगता है जैस्र दुनिया ही सूनी हो गयी ।

स्मृति

Manju Singh   742 views   11 months ago

बच्चों के दिल की बात को समझने के लिये उन पर यकीन अवश्य करें और उनकी बातों को कभी बहाना समझ कर टालने की गलती ं करें

त्रियाचरित्र : वरदान या अभिशाप

poojaomdhoundiyal   761 views   11 months ago

"त्रियाचरित्रं पुरुषस्य भाग्यम दैवो न जानती कुतो मनुष्य:"मतलब पुरुष के भाग्य और औरत के त्रियाचरित्र को देवता भी नहीं समझ पाये तो मनुष्य क्या है।

यादें

mmb   909 views   11 months ago

उम्र के अंतिम पड़ाव में जीवन की यादें उमड़ घुमड़ कर आती हैं।

लोगों का न्याय

sunilakash   350 views   11 months ago

वह निर्दोष व्यक्ति जिसने इंसाफ की बात कही थी, लोगों की मार से छूटने के लिए छटपटा रहा था और वहां मौजूद लोग अब भीड़ में मिलकर या तो तमाशा देख रहे थे, या उसे पीट रहे थे।