YOUR STORY

FILTERS


LANGUAGE

डायन

ujbak   44 views   10 months ago

इमली के पेड़ की छोटी-छोटी पत्तियां हवा में बही जा रही थीं। सर्र-सर्र की आवाज़ करती पत्तियों ने जैसे ठान लिया हो कि मदनी के इस रहस्य को वे और डरावना बना देंगी।

WHERE DOES AKRAM MALIK STAY?

mehakmirzaprabhu   18 views   9 months ago

Stories reflecting today's times of fear, mistrust and love

विवाह

mrinal   80 views   10 months ago

पत्नी की तन मन धन से सेवा करते पुतोहू को देखकर उनका मन द्रवित हो गया और बेटा को गले लगाकर बोले," तुमने मेरी आँख खोल दी। हम नसीब वाले हैं कि ऐसी पुतोहू मिली हैं । हमें गर्व है तुम पर।

घर वाकई स्वर्ग है

dhirajjha123   79 views   1 year ago

घर में घुसते ही पापा वाला खाली पलंग जब तक रुलाए तब तक माँ की मुझे देख चमकती आँखें मुस्कुराने पर मजबूर कर देती हैं और लगता है माँ में ही कहीं पापा भी बाहें फैलाए सीने से लगाने को बेचैन हैं

मुखर्जी नगर- सपनों का नगर

kapilsharma   119 views   8 months ago

मुखर्जी नगर, दिल्ली में स्थित है, जो कि लोक प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी हेतु प्रसिद्ध है।

नज़्म

gaurav97p   9 views   11 months ago

प्रेम में भी एक तन्हाई है पीड़ा है जो इससे सहन कर लेता है और प्रेम को पा लेता है वो ही सत्यार्थ प्रेम का हकदार है।।

काश तुम्हें रोक पाती

abhi92dutta   112 views   11 months ago

ज़िन्दगी में इतना आगे बढ़ जाना , जब बचपन के दोस्त के बारे में पता चला तो फिर आँसू रुके ही नहीं ।।

रुखसती

gaurav97p   15 views   11 months ago

ये रचना हैं उन सभी को समर्पित है जो समाज के झूठे मुखोटे के शिकार होते हैं अच्छा है नियम बनाना लेकिन ऐसा न हो की जो नियम जीने के लिए बनाये हैं उसके लिए आप उन प्रेम करने वालो की ज़िन्दगी बर्बाद कर दे जो सच में नहीं जी सकते हैं एक दूजे के बिना ||

जबाब

mrinal   38 views   11 months ago

जैसे ही बड़का ठेकेदार फटफटिया से उतरा, दुलरिया झटकती हुई उसके पास पहुँच गयी।

अज्ञात आतंकवादी

abhi92dutta   60 views   11 months ago

हत्या और मुक्ति के बीच का अंतर ! !

माफ करना

dhirajjha123   25 views   1 year ago

माफ़ कर देना मुझे ये दर्द ना लिख पाऊँगा थोड़ी वाह वाही के लिए इस बार ना बिक पाऊँगा कैसे लिखूँगा एक बेबस से पिता के दर्द को कैसे बयान करूँगा

राजनीति के Romeo

advit   15 views   1 year ago

It is a view of aam aadmi, facing the issues in UP

पक्की सड़क(कहानी)

rahulsingh   51 views   11 months ago

कई लोगों ने कहा_"मास्टरजी आप भी क्यों इतना शारीरिक कष्ट करते हैं, मोटरसाईकिल ख़रीद लीजिये। ख़ाली हाज़िरी ही तो लेनी होती है, मोटरसाईकिल ले लीजियेगा तो और जल्दी लौट आइयेगा, समय बर्बाद नहीं होगा।

बदलते बारिश के मायने..

kavita   97 views   8 months ago

बचपन से युवावस्था और बच्ची से विवाहिता बन जाने के मध्य ..आये छोटे छोटे मनोभावों का वर्णन

So let me show you the real me!!

Shreya Dubey   5 views   10 months ago

I usually meet people who judge others without knowing them.. So to know the reason behind doing so,I googled it. And read few reasons.. People have their own past experiences. People have ego clashes. Revengeful mind. Signs of Jealousy. Or they may be 'perfect' (sounds weird)