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@dawriter

रीयूनियन

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रीयूनियन 

हेल्लो ,

हां हेल्लो , हां भाई कैसा है ? - मैंने मोबाइल पर आदी(आदित्य) का कॉल करते हुऐ पूछा।

कुत्ते सुबह से तुझे 6 मैसेज , 10 बार कॉल लगा चुका हूँ , व्हाट्सअप पर न जाने कितने मैसेज भेज चूका हूँ , तू किसी का जवाब क्यों नहीं दे रहा है , कहाँ अपनी मरवा रहा है सुबह से - आदी ने फ़ोन पर दूसरे तरफ से कहा ।

भाई आज पूरे दिन 4 मीटिंग अटेंड करना था , और लंच का प्ररोग्राम बॉस के साथ था , मतलब आज पूरे दिन साँस लेने की भी फुर्सत नहीं थी  - मैंने अपने बचाव में फ़ोन पर कहा ।

अच्छा कमीने पूरा नोट छाप रहा है तू , सही है, लेकिन  तू इतनी रात को कॉल बैक क्यों कर रहा है - आदी ने पूछा ,

भाई ये न्यू जेर्सी और यहाँ अभी शाम के 5 बज रहे है - मैंने कहा ,

भाई ये इंडिया और यहाँ रात के 2 बज कर 50 मिनट हो रहे है - आदी ने कहा , 

अच्छा ये सब छोड़ , ये बता तू आज फ़ोन क्यों किया था , कोई जरुरी काम था क्या ? - मैंने पूछा ,

अरे हां यार , वो आज सुबह पवन का फ़ोन आया था , बोल रहा था कि 21 मार्च आ रहा है , और हम चारो के वादे का 15 साल भी पूरा होने जा रहा है इस साल - आदी ने सब कुछ बता दिया ।

पवन ने तुझे फ़ोन किया वो भी इतने सालों बाद ,और उसे अभी तक वो वादा याद है , क्या विक्की भी आयेगा ? - मैंने आदी से पूछा ।

भाई इतना तो मुझे पता नहीं , लेकिन उसने इतना बताया कि वो इंडिया में हम तीनों को जुटा लेगा और मैं तुझे इन्फॉर्म कर दू , आने के लिये ।  तो तू क्या सोचा है , जैसा तू बोलेगा वैसा मैं करूँगा , अगर तू आता है तो ही मैं जाऊँगा नहीं तो नहीं - आदी ने एक ही साँस में ये सब बोल दिया ।

भाई में तुझे  कल मेल कर के बता दूंगा , मेरा फैसला , कुछ भी पक्का करने से पहले एक बार तेरी भाभी को बताना होगा ना - मैंने कहा ।

चल ठीक है , अब फ़ोन रख और मुझे सोने दे - आदी ने कहा 

गुड नाईट कह कर मैंने  फ़ोन काट दिया । औ मैं भी अपने फ्लैट की ओर चल दिया । ।।।।

।।।।।।।।

हे हेनरी क्या तुम मेरे पसन्द का गाना बजाओ गे । हेनरी मेरे ड्राइवर का नाम था , कार और ड्राइवर मुझे ऑफिस के तरफ से मिले थे । हेनरी ने मेरे आदेश का पालन किया और उसने पंजाबी पॉप सिंगर मिलिंद गाबा का गाना चालू कर दिया 

“ले लो पैसा , ते ले लो प्यार , पर मेरा यार मोड़ दो ”

गाना सुनते सुनते कब मैं घर पहुँच गया ये पता ही नहीं चला ।

रात को खाने के बाद बेटे को सुला देने के बाद , मैं और शालिनी अपने बेडरूम में आ गये । मैंने शालिनी को सब कुछ बता दिया की आज आदी का फ़ोन आया था , और पवन रीयूनियन कर रहा है , वो रीयूनियन का कसम जो एक बार बचपन में हम चारो ने मजाक में किया था । सारी बातें सुन कर शालिनी ने केवल एक ही सवाल मुझसे किया ।

क्या विक्की आयेगा ? 

मुझे नहीं पता ,

तो तुम क्या सोच रहे हो ? 

मैं एक बार जाना चाहता हु , अगर विक्की आता है तो मैं अपनी गलती की माफ़ी मांग लूंगा ।

ओह तो कब का टिकट में करवा दूँ ?

परसो निकल जाता हूं । 

ठीक है तुम कल ऑफिस जा कर छुट्टी का अर्जी डाल देना और मैं तुम्हारा इंडिया का टिकट करवा दूँगी ।

थैंक्स स्वीटहार्ट , लेकिन उससे पहले मैं जरा आदित्य को मेल कर दू अपने प्लान के बारे में ।

दूसरे दिन मैंने ऑफिस में अपने छुट्टी का अर्जी डाल दी , और कुछ ही घंटों में मेरी अर्जी पास हो गयी । 

मैं जल्दी से अपने घर गया और अपना बैग पैक किया क्योंकि अगले  दिन सबेरे ही मेरी फ्लाइट थी इंडिया के लिये । मैं बहुत खुश था , लगभग कल 7 साल बाद इंडिया अपना देश जाऊँगा । कोलकत्ता एयरपोर्ट पर आदित्य मेरा इंतज़ार करेगा , वहाँ से हम दोनों साथ पटना जायेंगे अपने स्टेट , अपना टाउन ।

दूसरे दिन एयरपोर्ट छोड़ने मेरी बीवी शालिनी , मेरा बेटा श्याम(न्यू जेर्सी में सैम) और मेरा ड्राइवर हेनरी , और वो बिना बोले मेरी पसंद का गाना बजा दिया था । 

“ले लो पैसा, ते ले लो प्यार, पर मेरा यार मोड़ दो”

मैं एक घंटे में एयरपोर्ट पर था , और चेक इन पर जाने से पहले शालिनी और श्याम को बाई किया और फ्लाइट की ओर जाने लगा ।

फ्लाइट के अंदर मैं अपने मोबाइल से इयरफोन लगा के वही अपना मनपंसद गाना सुन रहा था ।

“ले लो पैसा, ते ले लो प्यार, पर मेरा यार मोड़ दो”

सर प्लीज स्विच ऑफ योर मोबाइल फ़ोन - एक एयर होस्टेस ने मुझसे कहा ।

मैंने अपना मोबाइल बंद कर लिया ।

सर व्हाट डु यू वांट कॉफ़ी और टी - एयर होस्टेस ने अंग्रेजी में मुझसे पूछा ।

ओह थैंक्यू , आई वांट नथिंग - मैंने जवाब देते हुए कहा । 

फ्लाइट को कोलकत्ता पहुचने में अभी 15 घंटे लगने वाले थे । तो मेने एक मैगजीन लेकर पढ़ना सुरु किया , पढ़ते पढ़ते में खिड़की से बहार उड़ रहे बदलो को देखने लगा , और अपने बचपन के यादों में खोने लगा ……

...........

मैंभरत सिंह , पटना के डी.ऐ.वी स्कूल का स्टूडेंट था । मैं क्लास 1st से क्लास 12th इसी स्कूल में था । जब मैं क्लास 3rd में गया तो मेरी दोस्ती दो नये लड़के से हुआ , आदित्य दास और पवन चतुर्वेदी । आदित्य दूसरे स्कूल से आया था ,और पवन अपने गाँव से आया था । फिर क्लास 5th में एक और नया लड़का आया जिसका नाम था विक्की सिन्हा , इससे भी मेरी दोस्ती हो गयी । अब हम चारो पक्के यार हो चुके थे , स्कूल में हमारी ही चलती थी केवल । दूसरे ग्रुप के लड़के हमसे छिड़ा करते थे , हम चारों की दोस्ती देख कर । साथ स्कूल आना , साथ में लंच करना , साथ ही कोचिंग जाना । मैं और विक्की पढ़ने में ज्यादा तेज थे , जबकि आदी तो केवल कहानियों और कॉमिक्स में ही लगा रहता , लेकिन परीक्षा के वक़्त पढ़ के हर साल पास हो जाता , और पवन भाई साहब तो गज़ब के प्राणी थे , वो तो अपने ही धुन में रहते थे , पढाई से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं था , वो तो मैं और विक्की उनको पढ़ा के पास करवा दिया करता था । धीरे धीरे हम लोग 8 क्लास में आ गये थे ।

और जवानी ने पहली दस्तक हम लोग के जीवन में दे दी थी । अब हम लोग हर अच्छे और बुरे काम के पीछे आकर्षित हो रहे थे । हम लोग साथ ही शाम को कोचिंग जाते थे , और कोचिंग से वापस आते समय एक चाय वाले के यहाँ रोज़ चाय पीते थे । एक बार होली के दिन हम चारों ने उसी दुकान पर भाँग वाली लस्सी पी ली । नया खून था जोश था सो पी लिया , अब भाईसाहब विक्की बाबु लगे गुलटाने , भाँग उनपर अपना असर दिखना शुरू कर दिया था , वह पूरा मूड में था । उसे पकड़ कर हम लोग पवन के यहाँ ले गए , पवन के यहाँ के सभी लोग गाँव गये हुए थे । वो दिन 21 मार्च थी , और विक्की ने मजाक मजाक में बोला की आज से ठीक 15 साल बाद उसी चाय वाले भइया के दुकान पर मिलेंगे , हम तीनों ने भी मजाक मजाक में हां बोल दिया था ।

फिर 10th का बोर्ड दिया , रिजल्ट आया मैं और विक्की दोनों स्कूल में टॉप किया था , आदित्य भी टॉप 15 स्टूडेंट में था , और पवन को भी हम लोगो ने पढ़ा पढ़ा कर पास करवा दिया था । क्लास 11th में , मैं और विक्की साइंस सेक्शन में आ गये , पवन और आदी आर्ट्स सेक्शन में चले गये । क्लास 11th में हम चारो ने पहली बार सिनेमा हाल में कोई पिक्चर देखी थी । हम लोग अपनी ज़िन्दगी के हीरो हो चुके थे । हम चारो को अब ज़िन्दगी के हीरोइन की तलाश थी , मतलब गर्लफ्रेंड । हम चारो में एक शर्त लगी की जो भी हम चारो में सबसे पहले गर्लफ्रेंड बना लेगा , बाकी 3 उसे पार्टी देगा । लेकिन इसमें एक कंडीशन था ये काम 12th के एग्जाम से पहले करना था । मैंनेकभी हार मानना नहीं सीखा था ।

गर्ल्स सेक्शन में एक मीनल नाम की लड़की थी , जो विक्की की कजिन सिस्टर थी , मैं उसे पसंद करने लगा था , क्लास 12th के फेयरवेल मैंउसे प्रोपोज़ करने का मन बना लिया था , ये बात मैंने केवल आदी को बताया था और आदी ने पवन को , लेकिन ये बात विक्की को हम लोग नहीं बताये , शायद हम लोग गलत कर रहे थे , ये बात मन में था । जब आपको प्यार होता है  , तो आप इसे लाख छुपाना चाहो लेकिन दुनिया वालो की नज़र से नहीं छिप पाता है । ये बात हम लोग के विरोधी गैंग के हेड जितेश को पता चल गया , और तब जितेश ने विक्की को सब बात बता दिया , और उसने ये भी बता दिया की भरत जो है मीनल को फेयरवेल वाले दिन प्रोपोज़ करेगा ।

मैं और मीनल प्लेग्राउंड पर साथ थे , और आदी हम दोनों का चौकीदार था । मैंने हिम्मत कर के मीनल को अपने दिल की बात बोल दी। लेकिन मीनल किसी और को चाहती थी । वो मुझे केवल अपना दोस्त समझती थी । 

प्लेग्राउंड के दूसरे छोर पर विक्की और पवन खड़े थे । विक्की ने आकर मुझे एक जोरदार चाटा मारा मेरे गालो पर ।

तू दोस्त के नाम पर कलंक है , तू तो सांप है , आज के बाद मुझसे , मीनल और मेरे घर से दूर ही रहना - विक्की ने गुस्से में कहा ।

यार हम लोग को माफ़ कर दो - आदी ने कहा ।

जो जो मेरे साथ है , वो मेरे साथ आ जाये - विक्की ने कहा ।

पवन , विक्की के साथ चला गया और मै और आदी वहीं प्लेग्राउंड पर थे । हम चारो की दोस्ती दो भाग में बट चुकी थी , और मैं चुपचाप अपनी जगह पर खड़ा था , मुझे एहसास हो रहा था मैंने गलती की है , लेकिन उस वक़्त मैं विक्की से कुछ नहीं बोल सका ।

बाद में, मैं इंजीनियरिंग करने के लिये ओडिशा चला गया , बाद में ऍम.बी.ऐ करने ऑस्ट्रिला चला गया । और जॉब मुझे न्यू जेर्सी में मिल गयी तब मैंने इंडिया की अपनी सारी प्रॉपर्टीज बेच कर यहीं सेटल हो गया । बाद में ये एहसास हुआ की मीनल के साथ मेरा वो प्यार नहीं था , वो तो मात्र एक आकर्षण था ।

आदी आज के डेट में एक बहुत बड़ा लेखक बन गया है । उसके 5 उपन्यास पब्लिश हो चुके है । 

लेकिन उस दिन के बाद से मेरी बात कभी भी विक्की और पवन से नहीं हो सकी । मैंने बहुत बार विक्की से माफ़ी माँगना चाहा । पर वह  तो मुझसे बात ही नहीं करना चाहता था । पवन का बात कभी कभी आदी से हो जाता है ।

लेकिन रीयूनियन की बात दुबारा सुन कर , मैं इंडिया के फ्लाइट में था । और यही सब बातें सोचते सोचते मैं कब कोलकत्ता पहुँच गया , ये पता ही नहीं चला । बगल वाले यात्री ने मुझे नींद से उठाया । मैंने घड़ी में समय देखा तो रात के 1 बज रहे थे ।

मैं एयरपोर्ट से बाहर आया , तो देखा आदित्य मेरा इंतज़ार कर रहा था ।

अबे तू और ज्यादा मोटा हो गया है , पहले से - मैंने आदित्य से बोला ।

तू कैसा है और ये पूरा फॉर्मल ड्रेस में क्या बात है - आदी ने मुझसे बोला ।

अरे यार आदत हो गयी है , - मैंने बोला ।

भाभी कैसी है , और अपना सैम कैसा है - आदी ने पूछा ।

सब ठीक , और अब आगे का क्या प्लान है - मैंने जानना चाहा ।

4 बजे यहाँ से पटना के लिये फ्लाइट है उसी से जायेंगे , तब तक तू फ्रेश हो जा ।

अरे आदी तुझको क्या लगता है , विक्की आयेगा?

पता नहीं भाई , लेकिन चल कल देखते है क्या होता है ।

हाँ अगर आया तो मैं उससे माफ़ी मांग लूंगा , उससे बात किये और उसको देखे हुए 12 साल हो गये । और पवन से भी मिल लिया जायेगा , की वो आजकल क्या कर रहा है ।

ठीक है भाई कल आने तो दे - आदी ने कहा ।

और तेरी नयी नावेल कब आ रही है मार्किट में - मैंने आदी से पूछा ।

2 महीने में आ जायेगी - आदी ने बताया ।

फिर मैं फ्रेश हो के और खाना खा के वहीं अपना गाना सुनने लगा ।

“ले लो पैसा, ते ले लो प्यार, पर मेरा यार मोड़ दो”

 ………………………………………………………..

दूसरे दिन मैं और आदी पटना में थे , हम लोग आदी के यहाँ रुके थे , शाम को चाय नाश्ता कर के हम लोग वहीं अपने बचपन में चाय पिया करते थे वहाँ गये । वहाँ अब रेस्ट्रुरेन्ट बन चूका था । मैं और आदी उसी रेस्ट्रुरेन्ट में पवन और विक्की का इंतज़ार कर रहे थे । मेरा दिल बहुत घबरा रहा था , की इतने सालों बाद विक्की और पवन से कैसे नज़रे मिला पाऊँगा ।

तभी एक आदमी बुलेट गाड़ी से हम लोग के पास आया । ये तो पवन था , इसका मतलब विक्की आज फिर नहीं आया ।

पवन अंदर आया हम लोग एक दूसरे के गले मिले , हालचाल लिए । तब पता चला पवन ज़मीन का बिज़नस करता है और अपने पापा के बिज़नस में मदद करता है ।

बातो बातो में, मैंने पवन से पूछा , 

यार पवन , आज विक्की आयेगा की नहीं ?

विक्की आयेगा - पवन ने कहा ।

इतना सुनते मेरे मन में ख़ुशी भी थी और डर भी ।

तभी एकाएक एक एम्बुलेंस हम लोग के पास आ के रुका , और पवन एम्बुलेंस के अंदर गया और , विक्की को व्हील चेयर पर लेकर आया ।

ये देखते ही मैं और आदी अंदर से सिहर गये , ये क्या हुआ था विक्की के साथ ।

पवन ने बताना शुरू किया “विक्की की जॉब ऊटी में लगा था , वो वहाँ किसी बैंक में जनरल मैनेजर के पोस्ट पर था । एक दिन वो घर से ऑफिस के लिये निकला ही था रास्ते में उसका पैर पिसल गया , पहाड़ से और वो सीधा एक पत्थर से जा टकराया , उसको हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया , लेकिन पिछले 3 सालों से विक्की कोमा में था । लेकिन 10 दिन पहले ये कोमा से बाहर आया तो , इसके घर वालो ने मुझे फ़ोन किया । मैं गया इससे मिलने तो इसने केवल एक ही बात बोला - की यार मुझे अपने दोस्तों से मिलना है ” । तब मैंने आदित्य को फ़ोन किया और तुम सबको रीयूनियन का बोल के यहाँ बुलाया , । क्योंकि विक्की के पास ज्यादा वक़्त नहीं बचा है ”।

 …………………………

ये सब सुन कर मेरे और आदी के पैरों तले जमीन खिसक गयी । मैंने विक्की के बीमार शरीर पर हाथ रखा , तो उसने अपना आँख खोला ।

उसने इशारा से हम तीनों को अपने पास बुलाया , और केवल एक ही बात बोला - “तुम तीनों मुझे माफ़ कर देना , मेरे गुस्से के कारण हम सब का दोस्ती टूट गया ”। 

ये उसके आखिरी शब्द थे , इतना बोलने के बाद उसने आँखे बंद कर लिया । उसके हाथ पैर हिल नहीं रहे थे । वो हम सब को अलविदा कह कर दूसरी दुनिया के तरफ निकल चुका था । पवन और आदी रोये जा रहा थे ।

मैं तो जैसे एकदम सन्न रह गया था । मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये सब क्या हुआ ।

मेरे दिमाग में उस समय एक ही चीज़ चल रहा था -

“ले लो पैसा, ते ले लो प्यार, पर मेरा यार मोड़ दो ”

“ले लो पैसा, ते ले लो प्यार, पर मेरा यार मोड़ दो”



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