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त्रियाचरित्र : वरदान या अभिशाप

poojaomdhoundiyal   853 views   1 year ago

"त्रियाचरित्रं पुरुषस्य भाग्यम दैवो न जानती कुतो मनुष्य:"मतलब पुरुष के भाग्य और औरत के त्रियाचरित्र को देवता भी नहीं समझ पाये तो मनुष्य क्या है।

जिन्दगी का सत्य....... पापा कहां चले गए

rajmati777   968 views   11 months ago

जब मैं बहुत छोटी थी और जब पहली बार किसी की डेड बॉडी देखी तो पापा से पूछा कि क्या है ये। जिन्दगी की सच्चाई जान मैं बहुत रोई।

प्यार नहीं था तो क्या था..

Kalpana Jain   1.10K views   9 months ago

मुझे लगा कि वो मेरा एकतरफा प्यार था लेकिन इतने सालों बाद पता चला कि वो भी मुझसे प्यार करता है...

एक मुलाकात

abhi92dutta   84 views   1 year ago

महानगरों के जीवन का अनछुआ पहलु । एक काला सच

पटना वाला प्यार

abhi92dutta   360 views   1 year ago

पटना के सभी लड़के और लड़कियों को समर्पित यह रचना । पटना में रहने वाले सभी लोग अपने अपने समय में इस दौर से जरूर गुज़रे होंगे । उन सभी यादों को फिर से एक कहानी के रूप में ...

वो मलयालम लड़की

writervikassaraf   1.67K views   4 months ago

मयंक को अस्पताल में एक नर्स से प्यार हो जाता है औऱ वो उसे अपने बाबू जी से मिलवाता है. क्या बाबू जी मयंक और उस नर्स की शादी करवाते हैं या जम़ाने के ड़र से दोनों को अलग कर देते हैं. जानने के लिए पढ़िये ये कहानी - वो मलयालम लड़की.

WHERE DOES AKRAM MALIK STAY?

mehakmirzaprabhu   24 views   1 year ago

Stories reflecting today's times of fear, mistrust and love

ताई

mmb   463 views   1 year ago

ताई का रुतबा आखिर समाप्त हो गया। उसका स्थान उसकी बहू ने ली।

प्रेम वाला खाना

mmb   1.27K views   1 year ago

पत्नी और मां के हाथों से बनाये खाने में प्रेम और वात्सल्य भरपूर होता है।

सच है दुनिया वालों की हम हैं "अनाड़ी"

Kalpana Jain   1.42K views   1 year ago

अब रोशनी को कौन समझाये की जेठानी सब की नजरों में काम करती नजर आ रही है और तुम बेकार।

बचपन और नानी का घर

Manju Singh   1.08K views   1 year ago

बचपन एक बार जाता है तो कभी लौट कर नही आता लेकिन उसकी यादें हैं की जाने का नाम नहीं लेतीं। पढ़िए यह रचना जो निश्चय ही आपको आपके बचपन में ले जायेगी ।

कौनसा घर 'पराया'

Kalpana Jain   1.58K views   11 months ago

ज्योति ने अपने आप से कहा- 'लड़कियों को कहा जाता है माँ-बाप का घर 'पराया' होता है और ससुराल उसका 'अपना' घर। पर यह कैसा 'अपना घर 'जहाँ मुझे ताना मिलता रहे अपने ही कपड़ो पर, जहाँ मुझे किसी से पूछ के या छुपके चोरी से खाना पड़े। किसी चीज के लिए मन मारना पड़े। कौनसा है 'पराया घर' ??

बहू या अलादीन का चिराग?

rita1234   1.55K views   11 months ago

हमारे देश में बहु को अलादीन का चिराग माना जाता है जो कभी भी कुछ भी करने के लिए उपस्थित रहती है।

पीली चुनरी

prakash   247 views   1 year ago

ये एक अधूरी प्रेम कहानी है।जिसकी शुरुआत तो हुई , पर अपने मुकम्मल मुकाम तक न पहुँच सकी ।

लघुकथा-- नजरिया

sunilakash   825 views   1 year ago

कई लोग सामाजिक समस्याओं के बारे में बहुत अच्छे तरीके से सोचते हैं किंतु व्यवहार में बिल्कुल उल्टा करते रहते हैं, और उन्हें कभी यह अहसास नहीं होता कि वे उल्टा कर रहे हैं।