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@dawriter

रोटी पानी

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सुबह सुबह गेट खटखटाने की आवाज से नींद खुली। देखा तो एक सात आठ साल का बच्चा था।
"भैया रोटी दे दो "
मैं कुछ बोलता उससे पहले ही सामने के मकान में झाड़ू लगा रही आंटी चिल्ला उठी, "मत देना भैया रोज आ जाएंगे मांगने। "

बच्चा उदास होकर पलटने लगा , मैंने इशारे से उसे रूकने को कहा।

अंदर से रात की रोटियां और सब्जी लाकर उसको दी तो उसने सब्जी हाथ में पकड़ी पालीथीन में डाल लिया और रोटी हाथ में लेकर थाली मुझे वापस कर दी।

उसके उपक्रम से मुझे लगा ये आगे और मांगने जाऐगा। मैं आंटी की बातों पर मन मन ही मन सोचते हुए अंदर आ गया कि सच में मैंने रोज सुबह की नींद खराब करने वाले को न्यौत तो नहीं दिया।

फ्रेश होकर चाय का कप लिए जैसे ही बालकनी में आया तो देखा बच्चा गेट से हटकर थोड़ी दूर पर ही बैठकर खा रहा था। अचानक हम दोनों की नजरें मिली तो मैंने पूछा " और लेगा कुछ।"

हीचकी सी लेते हुए बोला " पानी "

चाय छोड़कर वापस से नीचे उतर उसको पानी पिलाया।

पानी पीकर लड़का तो चला गया लेकिन आंटी अजीब नजरों से घूर रही है सुबह से आते जाते।

Image Source: opendemocracy

#streetchildren

 



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