SHAYARI

पैमाने के दायरों में रहना... (नज़्म) #ज़हन

Mohit Trendster   47 views   5 months ago

पैमाने के दायरों में रहना, छलक जाओ तो फिर ना कहना… साँसों की धुंध का लालच सबको, पाप है इस दौर में हक़ के लिए लड़ना… अपनी शर्तों पर कहीं लहलहा ज़रूर लोगे, फ़िर किसी गोदाम में सड़ना…

दो नैनों की बात कई

jhalak   8 views   5 months ago

जीवन के कई सत्य तो इस हाढ मांस के देह में ही है

क्या कहूँ

sonikedia12   5 views   5 months ago

आँखों से मुलाक़ात हुई थी धड़कनों ने इजहार किया था

दिल का हाल

rashmi   10 views   5 months ago

कल्ब में बसी चाहत को कहाँ कोई जान पाता है..बस इसी दर्द को शायरी में लिखने की कोशिश

दिल का हाल शायरी की जुबान

rashmi   28 views   5 months ago

कल्ब़ यानि दिल के हाला़त को शायरी में कहने की कोशिश की है

Shayari

sonikedia12   10 views   5 months ago

वो रहे बेखबर मेरे इश्क़ से Love shayari

निष्ठुर

rajesh1720   7 views   5 months ago

परिवार मे हमसे बेहद करीब पर कठोर , डर और डाँट का दूसरा नाम , पर आज बहुत याद आता है वो शख्स ।

गुलाब

utkrishtshukla   30 views   5 months ago

सदियों से इज़हार-ए-इश्क और मुहब्बत की दुनिया में गुलाब ने अपना वर्चस्व कायम रखा है।

सहर

utkrishtshukla   28 views   5 months ago

कई बार हम जल्दबाजी में गलत फ़ैसले ले लेते हैं।

एक बार

sonikedia12   6 views   5 months ago

जिंदगी मैं तेरी सहर में ना सही ..

कोई होता

poojaomdhoundiyal   17 views   5 months ago

कभी किसी और का आपमें विश्वास रखना आपकी जिंदगी की बुझती हुई लौ को फिर से रौशन कर देता है। क्या आपको भी तलाश है ऐसे किसी अपने की!?

ये मेरा दर्द घटा दे कोई...

sehyun221   10 views   5 months ago

एक ग़ज़ल जो काफी वक़्त पहले कही गयी थू, पेश कर रहा हूँ... उम्मीद है सब को पसंद आएगी.

अंधी दौड़

utkrishtshukla   39 views   5 months ago

आज व्यक्ति पैसे व भौतिक ऐश्वर्य की चीजों के पीछे अंधाधुंध दौड़ रहा है। वह पैसे की चमक में अपनों को भी नहीं पहचान पा रहा है।

मन और बुद्धि

utkrishtshukla   19 views   5 months ago

मन और बुद्धि में अंतर चिंतन​ द्वारा सम्भव हो​ सकता है।

बेईमान मौसम

chandrasingh   52 views   5 months ago

मौसमों ने मिल के साजिशें रच रहे थे, उस शरमाती हुई को, बेशरम कर रहा थे !!

Shayari

sonikedia12   12 views   6 months ago

किसी ने सुलगाया किसी ने हवा दी ।

मेरे पास -Shayari

sonikedia12   34 views   6 months ago

तुम रहते हो मेरे पास मैंने देखा है कई बार ..

ख्याल क्यों है.....!

chandrasingh   8 views   6 months ago

मै बोला गर करता हो, बेवफाई तो मेरे लिये ये ख्याल क्यों है.?

बंद किताबें

joshimukesh1010   17 views   6 months ago

कुछ गुलाब जो किताबों में बंद पड़े हैं....

पेड़

utkrishtshukla   26 views   6 months ago

मनुष्य निरंतर उन चीजों का ही विनाश करता जा रहा है, जिनसे उसके जीवन का वजूद है।

इश्क की बातें

sonikedia12   18 views   6 months ago

सुनोगे जब भी तुम इश्क की बातें नाम मेरा याद आ जाएगा

वजूद

jhalak   9 views   6 months ago

किसी​ के वजूद का अपमान करना दिल तोड़ने से ज्यादा बड़ा अपराध है

आंसू

utkrishtshukla   22 views   6 months ago

बहता आंसू बेवजह तो नहीं... .........

शब्द

poojaomdhoundiyal   12 views   6 months ago

किसी के शब्द नयी उमंग से भर देते हैं तो किसी के आत्मा को तोड़ देते हैं। किसी ने सही ही कहा है ’ऐसी बानी बोलिये मन का आपा खोय, औरन को शीतल करे आपहु शीतल होय ‘।