SHAYARI

मै नींदे लिखूंगी

nis1985   23 views   3 months ago

मै नींदे लिखूंगी, तू ख्वाब पढ़ना... बस अनकहा सा, वो एहसास पढ़ना.....

मेहनत कश शहज़ादी।

sehyun221   19 views   3 months ago

एक मज़दूर लड़की का अपने आशिक़ के साथ बिताए हुए कुछ लम्हों का हसीन मंज़र।

शायरी ऐ शाम

ramkanwar   14 views   3 months ago

राह पर चला मै भी कुछ इस कदर, न मंजिल मिली न साहिल मिला | यू होकर बेजुबां मै चल रहा था, क्या बोलू बस सिने में दर्द लिए चल रहा था|

मंजिल

nis1985   20 views   4 months ago

हृदय आतुर है कुछ कर जाना है, जीवनपथ पे आगे बढ़ जाना है....

ये मेरा दर्द घटा दे कोई...

sehyun221   10 views   5 months ago

एक ग़ज़ल जो काफी वक़्त पहले कही गयी थू, पेश कर रहा हूँ... उम्मीद है सब को पसंद आएगी.

सागर के किनारे

kavita   35 views   3 months ago

सागर के किनारों सी तटस्थ, और एकल जिंदगी की एक अधूरी प्रेम कहानी....

सच

soni   20 views   3 months ago

फिसलते पाँव अक्सर झूठ की जमीन पर मिले हैं,

जिन्दगी ये खबर नहीं तुम्हें

sonikedia12   18 views   1 month ago

Hindi Shayari On Love, Life And Retionship

जो मेरे बाल बिखरने नहीं देती थी कभी

sehyun221   16 views   3 months ago

This is my ghazal which very close to my heart.

शब्द

poojaomdhoundiyal   12 views   6 months ago

किसी के शब्द नयी उमंग से भर देते हैं तो किसी के आत्मा को तोड़ देते हैं। किसी ने सही ही कहा है ’ऐसी बानी बोलिये मन का आपा खोय, औरन को शीतल करे आपहु शीतल होय ‘।

ओ गणपति महाराज

nis1985   9 views   3 months ago

ओ गणपति महाराज विनती सुन लो आज अकिंचन सी मैं खड़ी आज तेरे द्वार

मुर्दा बोल रहा है

gauravji   19 views   1 month ago

कभी सुना है क्या लाश को बोलते हुए ? मैंने देखा है उसे कब्र में रोते हुए ।

बंद किताबें

joshimukesh1010   17 views   6 months ago

कुछ गुलाब जो किताबों में बंद पड़े हैं....

मेला

utkrishtshukla   25 views   2 months ago

मेले में मां बाप से बिछड़ने का दर्द सिर्फ वही जानता है जो कभी बिछड़ा हो....

मैं तुम और ये आवारगी ।

chandrasingh   35 views   3 months ago

जिन्दगी में अगर कभी बिछड़ना हो तो, एक काम करना बस जरा सा तुम मेरा मान करना। मुझसे कभी किश्तो मे मत बिछड़ना जब, मैं मुकम्मल नींद मे चला जाऊँ तब, तुम मुकम्मल तौर पर बिछड़ जाना, बस ज़िन्दगी में इतना तुम अहसान कर जाना।

ख्याल क्यों है.....!

chandrasingh   8 views   6 months ago

मै बोला गर करता हो, बेवफाई तो मेरे लिये ये ख्याल क्यों है.?

डर लगता है

poojaomdhoundiyal   11 views   2 months ago

हम भले ही कह ले की आज हर कोई अकेला है लेकिन ये भी सच है कि कहीं न कहीं वो अपने अंदर एक डर भी समेटे हुए है।

मेरे पास -Shayari

sonikedia12   34 views   6 months ago

तुम रहते हो मेरे पास मैंने देखा है कई बार ..

रूह से रूह जुड़ी थी

ritumishra20   15 views   1 month ago

कभी उसके ही दम से रौशन जिंदगी थी हर कदम इश्क की खुश्बू सी उड़ी थी

जख्म

gauravji   27 views   2 months ago

" जहर" जैसा भी हो जख्म पर मलते रहना

Shayari

sonikedia12   13 views   6 months ago

किसी ने सुलगाया किसी ने हवा दी ।

बेईमान मौसम

chandrasingh   52 views   6 months ago

मौसमों ने मिल के साजिशें रच रहे थे, उस शरमाती हुई को, बेशरम कर रहा थे !!

चल आज कुछ किस्से लिखते है ।

chandrasingh   17 views   3 months ago

तेरे हर एक लम्हे के खातिर, अपनी जिन्दगानी लिखते हैं ॥

शोर

poojaomdhoundiyal   24 views   6 months ago

किसी के दिल की आवाज़ दूसरे तक पहुँच ही नहीं रही है। हर किसी को एक ख़ामोशी ने घेरा हुआ है। इतना की उसकी चीख किसी भी और तरह के शोर की आवाज़ को दबा दे रही है। ख़ामोशी और अकेलेपन के बदल गरज कर हर शोर को दबा दे रहे है।