SHAYARI

FILTERS


LANGUAGE

कांच हु अभी....

nis1985   62 views   11 months ago

कांच हूँ अभी,खुद को तराशना है बाकी, जब आइना बन जाऊं,तब दुनिया देखेगी......

पोटली......

रश्मि वैष्णव   59 views   10 months ago

सपनों की...आशाओं की....एक पोटली जो दिल के जज्बातों की....

अंधी दौड़

utkrishtshukla   56 views   1 year ago

आज व्यक्ति पैसे व भौतिक ऐश्वर्य की चीजों के पीछे अंधाधुंध दौड़ रहा है। वह पैसे की चमक में अपनों को भी नहीं पहचान पा रहा है।

जिंदगी

gauravji   52 views   8 months ago

कोशिश करते हो क्यूं बदलने की मुझे, मेरी नफरत के शिकार बनोगे क्या?

दर्द

gauravji   50 views   8 months ago

मैं हूं अकेला तो साथ कोइ क्यूं रहेगा परछाई से कह दो दूर ही रहे मुझसे । :- गौरव

मेरे अंदर का शून्य

nis1985   49 views   8 months ago

मेरे अंदर का शून्य उस अनंत की ओर जाना चाहता है

जो नहीं है, वह खूबसूरत है...

sehyun221   49 views   10 months ago

An inspirational article on daily life issues. A strong message to those people who are worried about their future and all that.

दरकते एहसास

nis1985   48 views   11 months ago

दरकते एहसासों को एक साँस मिल गयी, तुमसे मिलन की फिर आस बढ़ गयी.....

पेड़

utkrishtshukla   46 views   1 year ago

मनुष्य निरंतर उन चीजों का ही विनाश करता जा रहा है, जिनसे उसके जीवन का वजूद है।

मैं तुम और ये आवारगी ।

chandrasingh   46 views   10 months ago

जिन्दगी में अगर कभी बिछड़ना हो तो, एक काम करना बस जरा सा तुम मेरा मान करना। मुझसे कभी किश्तो मे मत बिछड़ना जब, मैं मुकम्मल नींद मे चला जाऊँ तब, तुम मुकम्मल तौर पर बिछड़ जाना, बस ज़िन्दगी में इतना तुम अहसान कर जाना।

चाँद थी वो

neerajself   43 views   10 months ago

I tried to answer of 'who was she?'this way 'chand thi wo'

सहर

utkrishtshukla   43 views   1 year ago

कई बार हम जल्दबाजी में गलत फ़ैसले ले लेते हैं।

गुलाब

utkrishtshukla   43 views   1 year ago

सदियों से इज़हार-ए-इश्क और मुहब्बत की दुनिया में गुलाब ने अपना वर्चस्व कायम रखा है।

रहनुमा अक्स (नज़्म)

Mohit Trendster   42 views   5 months ago

जब किसी के अक्स में दुनिया बसने लगे...कीमत और दायरों के परे कुछ...उस रूहानी एहसास का हाल!

रूह से रूह जुड़ी थी

ritumishra20   42 views   8 months ago

कभी उसके ही दम से रौशन जिंदगी थी हर कदम इश्क की खुश्बू सी उड़ी थी