SHAYARI

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Shayari

sonikedia12   42 views   1 year ago

आ गए जो तेरे शहर क्या होगा। उस वक्त का पहर क्या होगा।

मन और बुद्धि

utkrishtshukla   68 views   2 years ago

मन और बुद्धि में अंतर चिंतन​ द्वारा सम्भव हो​ सकता है।

मेला

utkrishtshukla   121 views   1 year ago

मेले में मां बाप से बिछड़ने का दर्द सिर्फ वही जानता है जो कभी बिछड़ा हो....

बेईमान मौसम

chandrasingh   121 views   2 years ago

मौसमों ने मिल के साजिशें रच रहे थे, उस शरमाती हुई को, बेशरम कर रहा थे !!

"हिंदुस्तान से"!!!

ayushjain   18 views   1 year ago

"ना दिन से, ना रात से, ना बेहक़ी शाम से हमें तो मोहब्बत है अपने हिंदुस्तान से"

अंत्येष्टि

nis1985   99 views   1 year ago

भावनाये गर शून्य हो जाये, उनकी अंत्येष्टि कर देना श्रेष्ठ है......

रूह से रूह जुड़ी थी

ritumishra20   108 views   1 year ago

कभी उसके ही दम से रौशन जिंदगी थी हर कदम इश्क की खुश्बू सी उड़ी थी

इच्छा

Nidhi Bansal   128 views   1 year ago

मनुष्य का 'कभी ना खत्म होने वाली 'इच्छाओ का सिलसिला,उसके जीवन को नरक बना देता है।

शब्द

poojaomdhoundiyal   42 views   2 years ago

किसी के शब्द नयी उमंग से भर देते हैं तो किसी के आत्मा को तोड़ देते हैं। किसी ने सही ही कहा है ’ऐसी बानी बोलिये मन का आपा खोय, औरन को शीतल करे आपहु शीतल होय ‘।

ओ गणपति महाराज

nis1985   25 views   1 year ago

ओ गणपति महाराज विनती सुन लो आज अकिंचन सी मैं खड़ी आज तेरे द्वार

हादसा

sonikedia12   34 views   2 years ago

बिना वक्त मुकर्रर के आ जाते हो

जिन्दा है आज भी वो मुझमें जैसे कहीं।

chandrasingh   24 views   1 year ago

जिन्दा है आज भी वो मुझमें जैसे कहीं ॥

दांव

Mohit Trendster   11 views   1 year ago

किसको मनाने के ख्वाब लेकर आये हो? घर पर इस बार क्या बहाना बनाये हो? रहने दो और बातें बढ़ेंगी, पहरेदार की त्योरियां चढेगीं। चलो हम कठपुतली बनकर देखें, जलते समाज से आँखें सेंके...

मुंतजिर

utkrishtshukla   49 views   2 years ago

इंतज़ार करना हर शख्श के लिए आसान नहीं ......

सहर

utkrishtshukla   54 views   2 years ago

कई बार हम जल्दबाजी में गलत फ़ैसले ले लेते हैं।