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@dawriter

शब्द

2 12       

 

शब्द चाहे मौन रहे या चीखे चिल्लाएँ
पर हर शब्द का मान अलग है एहसास अलग
कहीं ये शब्द बुनते हैं रिश्तों का ताना-बाना
कहीं किसी को मिलता नहीं अपनेपन का ठिकाना
हर शब्द हर अल्फाज़ एक नियत है
कभी अच्छी तो कभी बुरी सिरत है।



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