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@dawriter

मेरे अंदर का शून्य

0 49       
nis1985 by  
nis1985

मेरे अंदर का शून्य
उस अनंत की ओर जाना चाहता है
जहाँ सपनो का बसेरा हो
हाँ मेरे अंदर का शून्य....!

मेरे अंदर का शून्य
उस मुकाम को पाना चाहता है
जहाँ हसरतों का डेरा हो
हाँ मेरे अंदर का शून्य....!

मेरे अंदर का शून्य
उस भयावह डर से मुक्ति चाहता है
जहाँ तन्हाइयों ने मुझे घेरा हो
हाँ मेरे अंदर का शून्य....!

मेरे अंदर का शून्य
उस शिखर को पाना चाहता है
जहाँ बुलंदियों का ज़खीरा हो
हाँ मेरे अंदर का शून्य....!

मेरे अंदर का शून्य
खुद को टटोलना चाहता है
जहाँ काली रात के बाद उज्ज्वल सवेरा हो
हाँ मेरे अंदर का शून्य....!

मेरे अंदर का शून्य
खुद को तपाकर निखारना चाहता है
जहाँ संघर्षो का मेला हो
हाँ मेरे अंदर का शून्य....!

मेरे अंदर का शून्य
खुद से संतुष्ट और तृप्त हो
एक दिन खाक में मिल जाना चाहता है
हाँ मेरे अंदर का शून्य....!!©

निशा रावल
छत्तीसगढ़



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