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@dawriter

मुर्दा बोल रहा है

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गंगा ना सही, नाले में बहाओगे क्या,
अस्थि ना सही,बस याद धो पाओगे क्या ?

दो बूंद ही सही तुम अश्क बहाओगे क्या,
कंधा ना सही,मेरे पास तक आओगे क्या?

मेरी खामोशी पर तुम सब मातम मनाओगे क्या

मेरे होने का दिखावा झूठा सही कर पाओगे क्या

 



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