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@dawriter

जख्म

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देते हो जो बयाँ मेरे वास्ते, देते रहना
जख्म जहां भी कर सको, वहाँ करना ।

दर्द जो बुझ जाएंगे,सुकून ना मिलेगा तुम्हें,
"जहर" कैसा भी हो जख्म पर मलते रहना ।



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