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@dawriter

अंत्येष्टि

0 73       
nis1985 by  
nis1985

निशा की ✍से.......

#अंत्येष्टि

भावनाये गर शून्य हो जाये,
उनकी अंत्येष्टि कर देना श्रेष्ठ है......

अन्तर्मन जब कुंठित हो जाये,
उनकी अंत्येष्टि कर देना श्रेष्ठ है.....

चक्षु गर लोलुपता से लिजलिजाये,
उनकी अंत्येष्टि कर देना श्रेष्ठ है.....

हृदय जब पूर्ण रूपेण मलिन हो जाये,
उनकी अंत्येष्टि कर देना श्रेष्ठ है.......

भक्ति के समय भी कामुकता आये,
उनकी अंत्येष्टि कर देना श्रेष्ठ है.......

अपने कर्म गर खुद को नीचा दिखाए,
उनकी अंत्येष्टि कर देना श्रेष्ठ है.........

आंखों से गर शर्म, हया लुप्त हो जाये,
उनकी अंत्येष्टि कर देना श्रेष्ठ है..........

आत्मा हिंसा,जलन और द्वेष से भर जाए,
उनकी अंत्येष्टि कर देना श्रेष्ठ है.......

हा उन भावनाओ की अंत्येष्टि कर देना ही श्रेष्ठ है...!!!!©

निशा रावल
छत्तीसगढ़



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