SHAYARI

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जिंदगी का फलसफा

nis1985   685 views   2 years ago

धुआँ धुआँ सा है जहाँ, रौशनी बहुत कम है.....

लोगों को बदलते देखा है मैंने

aksha   376 views   2 years ago

It is not a composition but my own experience

सागर के किनारे

kavita   279 views   1 year ago

सागर के किनारों सी तटस्थ, और एकल जिंदगी की एक अधूरी प्रेम कहानी....

नहीं मुझे यह शहर चाहियें

Nidhi Bansal   182 views   1 year ago

मै गाँव में पली बढी हूँ और पिछले 11सालों से शहर में अपना घर बना कर रह रही हूँ। किन्तु गाँव और शहर के परिवेश मे बहुत फर्क महसूस करती हूँ। बस इन्ही भावनाओं को वयक्त करने की कोशिश है।जरूरी नहीं की सभी मेरे विचारों से सहमत हों।

खाना ठंडा हो रहा है…

Mohit Trendster   177 views   1 year ago

काश की आह नहीं उठेगी अक्सर, आईने में राही को दिख जाए रहबर, कुछ आदतें बदल जाएं तो बेहतर, दिल से लगी तस्वीरों पर वक़्त का असर हो रहा है… …और खाना ठंडा हो रहा है।

खामोशियों को बोलने दो

Nidhi Bansal   139 views   1 year ago

कभी कभी शब्दो से अधिक खामोशियाँ असर करती हैं।

साथी

mmb   135 views   1 year ago

साथी का महत्व बार बार याद आता है चेहरा साथी का साथी के चले जाने के बाद।

अनुभव

utkrishtshukla   133 views   2 years ago

अनुभव इंसान की जिंदगी को आसान बनाने में ख़ास भूमिका निभाते है।

इच्छा

Nidhi Bansal   125 views   1 year ago

मनुष्य का 'कभी ना खत्म होने वाली 'इच्छाओ का सिलसिला,उसके जीवन को नरक बना देता है।

“ अगर तुम चाहो तो ”

ankitg   122 views   1 year ago

प्रस्तुत कविता में मैंने अपनी प्रेयसी को एक उर्जात्मक रूप में दिखाने कि कोशिश की है, एक कवि अपनी कविता (प्रेयसी) के सूक्ष्म वियोग में जब कुछ रचनायें लिखता है, उस दर्द को मह्सूस कर लिखने का प्रयास किया है...

मेला

utkrishtshukla   120 views   1 year ago

मेले में मां बाप से बिछड़ने का दर्द सिर्फ वही जानता है जो कभी बिछड़ा हो....

बेईमान मौसम

chandrasingh   116 views   2 years ago

मौसमों ने मिल के साजिशें रच रहे थे, उस शरमाती हुई को, बेशरम कर रहा थे !!

दिल का हाल शायरी की जुबान

rashmi   111 views   2 years ago

कल्ब़ यानि दिल के हाला़त को शायरी में कहने की कोशिश की है

रूह से रूह जुड़ी थी

ritumishra20   107 views   1 year ago

कभी उसके ही दम से रौशन जिंदगी थी हर कदम इश्क की खुश्बू सी उड़ी थी

अंत्येष्टि

nis1985   97 views   1 year ago

भावनाये गर शून्य हो जाये, उनकी अंत्येष्टि कर देना श्रेष्ठ है......