SEXUAL ABUSE

FILTERS


LANGUAGE

घर के भेड़िये

joshimukesh1010   89 views   10 months ago

कुछ भेड़िये हमारे अपने घरों में, ऑफिस में, पड़ोस में यहीं कहीं हमारी नज़रों के आसपास होते हैं। वो बोटी नोंचते हैं। उनको पहचानना ज़रूरी है।

कौन हूं मैं

Rajeev Pundir   28 views   11 months ago

क्या कभी आपने सोचा है कि अगर तुम्हारे अत्याचार से तंग आकर स्त्री जाति ने पृथ्वी से लुप्त होने का फैसला कर लिया तब क्या होगा? सोचो, गम्भीरता से विचार करने का समय है।

I am a girl, I am a woman, but not a human being.

advit   21 views   10 months ago

The story of every female individual who encounters this every now and then and deemed to be subordinate sex. and denied their individual status.

विचित्र बात

Rajeev Pundir   1.38K views   3 months ago

हमारे समाज की कुछ ऐसी वास्तविकताएं हैं जिन्हें जानकार हम हैरान और परेशान हो जाते हैं। 'विचित्र बात' एक ऐसी ही कहानी है जो जो हमारे समाज में लुका-छिपी चल रही विसंगतियों को उजागर करती है। ये कहानी कोई उपदेश या सन्देश हेतु नहीं, बल्कि सावधान रहने के लिए लिखी गयी है।

समाज के भेड़िया

gourav11698   26 views   11 months ago

रेपिस्ट कही बहार से नहीं आता असल में रेपिस्ट हम और आपमें से ही कोई है..जो हमारे आस पास ही रहता है और तलाश करता है एक मौके की और हमें आवश्यकता है हर पल जागरूक रहने की क्योंकि भेड़ियों को एक मात्र मौका चाहिए ... एैसा ही एक समाज का भेड़िया मेरी कहानी में मिलेगा आपको... तो जागरूक रहिए..

कुलच्छनी

sidd2812   279 views   10 months ago

रमा आदतन गुस्से वाली थी, उसे गलत होता कुछ भी बर्दाश्त नहीं होता. वहीँ अपनी अल्हड़ मिजाजी की वजह से उसकी ताई उसे कुलच्छनी बुलाती थी. एक दिन जब उसने ताई के लड़के को अपनी छोटी बहन के होंठ चूमते देखा तो......

बेटियां मांगे न्याय.......

vandita   171 views   8 months ago

समाज मे बेटियों के साथ हो रहे दुष्कर्म से पीड़ित बेटियां न्याय की पुकार कर रही हैं..........

सितंबर की वो मनहूस सुबह

ritumishra20   844 views   7 months ago

जहाँ उज्ज्वल भविष्य के कामना के लिए जिन्दगी का सफर अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुआ और उस मासूम जिंदगी का अन्त हो जाता है, कैसे हुआ उस मासूम जिन्दगी का अन्त?? किसने किया उस मासूम की जिन्दगी का अन्त?? पढ़िए कहानी "सितंबर की वो मनहूस सुबह" मे।

सगी

sidd2812   92 views   1 year ago

जहालत की ज़िन्दगी से वो तंग आ गयी थी। माँ हमेशा कहती थी कि तू अठरा की हो जाए तो तेरी शादी कर दूंगी, तेरे बाबूजी सीधे हैं, तेरी चाची चालाक है, तेरे चाचा बहुत अच्छे हैं; न जाने क्या-क्या समझाती रहती थी लेकिन, तीन साल पहले ही चली गयी।

रेपिस्ट कौन?

suryaa   109 views   10 months ago

बेटा उठ जाओ,सुबह के 9 बज रहे हैं,कब तक सोओगी-----मास्टर केशव प्रसाद ने पल्लवी को आवाज लगाते हुए कहा

जागरूकता

nis1985   27 views   7 months ago

""विद्यालय में प्रदुम्न की घटना और एक पांच साल की बच्ची का उसके ही स्कूल में रेप की घटना ""मन विचलित हुआ न, सभी माता-पिता का??

Thoughts of an infant

akshaywrites1   24 views   10 months ago

This is a poem in hindi of an infant who speaks about life of a girl... एक गर्भवती गयी रुग्णालय कराने गर्भ की जाँच, इतने में ही ही गर्भ से, आई एक आवाज़,

क्या यही प्यार है

rajmati777   407 views   5 months ago

वो हमसे पर्याय का इजहार करते रहे पर हमें उन पर विश्वास नहीं था। पर फिर भी दिल को समझाया, कर लें विश्वास। दुनिया में सभी एक जैसे नहीं होते। पर हमें क्या पता जिंदगी जिनके नाम करने जा रहे हैं वो तो.............. विश्वास के लायक ही नही है।

सिक्स्थसेंस

nis1985   469 views   4 months ago

सोशल साइट्स पर अपनी जिंदगी के सबसे अहम हिस्से प्यार और शादी जैसे मैटर को लेकर किसी अनजान पर इतना भरोसा करना बेवकूफी है

अनजाने नंबर

PRABHAT KUMAR   24 views   10 months ago

माना कि किसी बुराई की वज़ह नहीँ होंगे तुम , पर किसी अच्छाई की वजह तो बन ही सकते हो ~