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@dawriter

हाँ वो मेरा भाई था

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swappy by  
swappy

मैं आठवीं में पढ़ती थी ,जब मुझे पता चला की मेरा कज़िन हमारे साथ रहने आ रहा है। गांव में पढ़ाई की असुविधा के चलते मामा चाहते थे की वो हमारे घर रहकर आगे की पढा़ई पूरी करे।

मेरी खुशी का ठिकाना न था। वो मेरा सबसे चहेता कज़िन था। बचपन में मामा के घर जाने का मकसद ही होता था कि मैं उससे मिल सकूं, खेल सकूं। उसके आने के बाद हम साथ स्कूल जाते, साथ खाते-पीते, खेलते और पढ़ते। इसी लिए तो होते हैं न भाई -बहिन। कुछ समय में ही वो मुझे सगे भाई से बढ़ कर लगने लगा।

पर एक दिन सब बदल गया।

गर्मी की वो रात, बहुत लम्बी और स्याह सी काली बनकर आयी मेरे सामने। मैं नहा रही थी, तो अचानक से बाथरूम की खिड़की के बाहर मैंने एक हाथ देखा, जिसमें एक मोबाइल था। मैं ज़ोर से चीखी और सुन्न पड़ गयी। काटो तो खून नहीं। मैंने 15 -20 मिनट बाद होश संभाला और मैं बाहर आयी। बाहर कोई न था। काली रात और सन्नाटा।

वो हाथ मेरे कज़िन का था। हाँ सबसे प्यारा, सबसे चहेता, मेरे माँ -बाप का दुलारा, मेरा भाई। मुझे कुछ समझ नहीं आया की मैं क्या करूं। दुनिया में सबसे supportive फॅमिली होते हुए भी मैं किसी को कुछ नहीं बता पायी। उसने मुझसे कुछ दिन बाद फेसबुक पर माफ़ी मांगी, की सब गलती से हो गया। क्या ये गलती हो सकती है?? जो बात मुझे कचोट रही थी वो ये थी के मैं एक दरिंदे के साथ रह रही थी। और कितना गलत कर सकता था वो मेरे साथ।

जब भी घर आती मुझे उसका सामना करना पड़ता। वो राखी पर आता था, मेरी रक्षा करने का वादा करने का धागा बंधवा कर जाता। आंखें नीचे किये।

सच 8 साल बाद सामने आया। लम्बा अरसा है न? जब मुझे पता चला के वो इससे भी गलत कृत्य उसकी एक और रिश्तेदार के साथ भी कर चुका है। मेरा सब्र टूट गया। मैंने पहली बार बोल, सब बोला। मम्मी -पापा से उनका "बेटे जैसा " रिश्ता छिन गया, पर मुझे 15 साल में पहली बार सकून की नींद आयी।

यहाँ मैं आप सब से कुछ बात कहना चाहूंगी किसी के बारे मैं बोलने से डरें नहीं, जो किसी भी तरह आपको परेशान कर रहा है। ऐसे लोग सबसे ज्यादा कमज़ोर लोग हैं। उन्हें अपना खूबसूरत बचपन खराब न करने दें।

#stopchildsexualabuse



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