13
Share




@dawriter

सिक्स्थसेंस

0 431       
nis1985 by  
nis1985

कहते हैं, एक स्त्री की #सिक्स्थसेंस बहुत स्ट्रांग होती है,वो जल्दी से किसी की भी भावनाओं को पढ़ लेती है, उनके हावभाव से, बिना सामने वाले व्यक्ति के बोले ही।

एक स्त्री अपने बच्चे के चेहरे को देख कर ही समझ लेती है कि उसे क्या चाहिए या फिर उसे तकलीफ क्या है, वो अपने पति, प्रेमी के मन तक को पढ़ लेती है की वो क्या कहना चाहता है, शब्दों की कोई आवश्यकता ही नहीं होती।

एक स्त्री के लिए सामने वाले व्यक्ति की उसके प्रति क्या नजर हैं, इस बात को भी वो झट से भांप जाती है कि सामने वाला व्यक्ति उसके लिए सम्मान की दृष्टि रख रहा, प्रेम की दृष्टि रख रहा या उसके प्रति हवस की दृष्टि रख रहा उसके लिए इसे समझना कोई मुश्किल काम नहीं है, क्योंकि उसकी #सिक्स्थसेंस जो इतनी स्ट्रांग होती है।

पर मानसी जब प्रेम में पड़ी, तो शायद उसकी वो #सिक्स्थसेंस न जाने क्यों ढीली पड़ गयी, हाँ नया-नया तो प्यार था उसका महज चंद दो महीनो का, वो भी फेसबुक पर चैटिंग के दौरान एक अनजान लड़के से हुआ था, लेकिन आज वो अनजान रवि मानसी की जान बन चुका था, रवि की मीठी-मीठी बातों में न जाने उसे इतना विश्वास होने लगा था कि, रवि बस जो कुछ कह दे वही बात सही है मानसी के लिए बाकी दुनिया की सारी बातें मानसी को झूठी लगती थी।

मानसी ने कभी उसे देखा भी तो नहीं था, बस उसकी मीठी बातें और महज एक हैंडसम सी फोटो देखकर जो शायद रवि की असली तस्वीर भी नहीं थी, बस उसे देखकर मानसी रवि से प्यार कर बैठी थी, पता नहीं उस रवि ने मानसी पर बिना उससे मिले, बिना उसे देखे इतनी दूर से क्या जादू कर डाला, फेसबुक के मायाजाल में मानसी इस कदर फसी की उसे सही- गलत भांपने की शक्ति भी गायब हो चुकी थी अब ,रवि से ढेरों,और घण्टो फोन पर बात करना अब उसकी जिंदगी का हिस्सा बन चुका था।

बात तो अब यहाँ तक पहुच चुकी थी कि मानसी ने उस अजनबी रवि की बस फ़ोटो देखकर ही उससे शादी करने का फैसला कर डाला था, जब उसने घर वालों को बताया कि महज दो महीने की फेसबुक पर हुई दोस्ती से, वो उस रवि से शादी करना चाहती है, उसने साफ बोल दिया कि आप सब नहीं मानेंगे तो मैं किसी और से भी शादी नहीं करूँगी कभी, घर वालो को मानसी की बात सही नहीं लगी, सबने समझाया कि जिसे वो जानती भी नहीं आखिर उससे शादी कैसे कर सकती है, वो क्या है, कैसा है कुछ भी तो पता नहीं।

उसके घर वालों के लाख समझाने पर,कि सामने वाला लड़का सही नहीं है तुम्हारे लिए, वो किसी की बात मानने को तैयार नहीं हुई, जैसे सारे घर वाले, उसके माता-पिता जिन्होंने उसे जन्म दिया पाला पोसा इतना बड़ा किया एक ही पल में उसके दुश्मन हो गए और वो अनजान लड़का जिसके प्यार में वो पागल है वो ही उसकी पूरी दुनिया हो गया, न जाने तब उसकी #सिक्स्थसेंस कहा मर गयी, बस फिर क्या वो तो उसके इश्क में इतनी पागल हुई कि, बस दोनो ने मिलने का फैसला कर डाला, रवि तैयार हो गया मिलने मानसी को उसी के शहर में।

मानसी की खुशी का तो ठिकाना ही नहीं, उसकी धड़कने बढ़ी हुई थी, बस वो उस पल को याद करके शर्म से लाल हुई जा रही थी कि जब रवि उसके सामने आएगा तो वो क्या बोलेगी, अभी तक फ़ोटो में जिसे देखा सामने देखकर उसकी क्या हालत होने वाली है, बस अगले दिन मानसी सज धज के रवि से मिलने को बिल्कुल तैयार, मानसी ने इस बारे में की आज वो रवि से मिलने जा रही किसी को भी नहीं बताया, न अपने घरवालों को न ही मित्रों को ,वो तो बस कॉलेज जाने के बहाने से निकल पड़ी रवि के पास।

रवि ने जैसा बताया था ठीक वैसे ही वो ब्लू शर्ट में एक ब्लैक कार के पास टिक के खडा था, दूर से आती हुई मानसी को देखकर उसने देखते ही पीठ करके खड़ा हो गया, मानसी पास गई और कहा रवि, तो रवि पलटा, मानसी ने देखा कि वो फेसबुक वाला रवि नहीं है, तो मानसी उसे सॉरी बोलकर इधर-उधर देखने लगी, वो लड़का मानसी के पास आया और बोला कि मैं रवि का बेस्टफ्रेंड हूँ और रवि कॉफी शॉप पर तुम्हारा इंतजार कर रहा, वो घबरा रहा है शायद तुमसे पहली बार मिल रहा, तो उसने मुझे भेजा तुम्हे लेने, मानसी सोच में पड़ गयी, तभी उस लड़के ने उसे वही नम्बर डायल करके रवि से मानसी की बात करवा दी जिससे मानसी घण्टो बाते करती थी और मानसी को अब पूरा विश्वास हो गया और वो कार में बैठ गयी उसके साथ, बस नतीजा ये हुआ उस लड़के ने उस कार में चार और लड़कों को बिठा लिया और गेंगरेप को अंजाम दिया और उसे फेंक दिया, मानसी अब सदमे में चली गयी और उसके पूरे परिवार वाले भी।

ये तो हुई एक काल्पनिक घटना, पर ऐसी कई सत्य घटनाएं अखबारों में पढ़ने को मिल रही हैं, आज पहचान के व्यक्ति तक पर विश्वास करने से पहले कई बार लोग सोचते हैं, फिर फेसबूक जैसी आभासी दुनिया मे कोई कैसे किसी के प्यार में पड़कर, उससे मिलने और शादी का फैसला कर सकता है, वो भी इतनी लापरवाही बरतते हुए, यहाँ बहुत अच्छे तो बहुत बुरे लोग भी हैं, मैं इन घटनाओं को देखते हुए बस यही कहना चाहूंगी फेसबुक जैसे सोशल साइट्स पर अपनी जिंदगी के सबसे अहम हिस्से प्यार और शादी जैसे मैटर को लेकर किसी अनजान पर इतना भरोसा करना और प्यार में पड़कर अपना विवेक खो देना सरासर बेवकूफी है, इसलिए,#बीअलर्ट

©#निशा रावल✍

 



Vote Add to library

COMMENT