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बहू हूँ कोई गुलाम नहीं

jyotiorrajdeep   1.68K views   9 months ago

बहू होने का अर्थ यह नहीं होता कि वह अपनी जिंदगी अपने हिसाब से न जीए, बहू होते हुए भी अपने फैसले लेने का अधिकार होना चाहिए

मुझे इतना पढ़ने की ज़रूरत ही क्या थी?

Maneesha Gautam   1.28K views   9 months ago

मतलब? मैं एक आदमी पर डिपेंड रहूँ?

હવે ફરી નહીં

ashutosh   5 views   9 months ago

મારી કલ્યાણી આટલી મોટી થઈ છતાં હજી "જવાબદારી" નામનો શબ્દ તેણે પોતાની ડિક્શનરીમાં લખ્યો જ નથી, તો તેને સમજવાનો તો પ્રશ્ન જ નથી આવતો.'

ચાંદા પોળી ઘીમાં ઝબોળી

ashutosh   9 views   9 months ago

'પોતાની જાતને તો સંભાળી શકતી નથી, આ ડીપ્રેશનની દવા કરાવતા કરાવતા મારા ખિસ્સા ખાલી થઈ રહ્યા છે અને રોજ થાયને મને સલાહો આપવા નીકળી પડે છે.' વેદ બબડ્યો

क्योंकि तुम, तुम हो

poojaagnihotry   1.31K views   9 months ago

'लिव इन रिलेशन' में रहने वाले विवाहित युवक एवं अविवाहित युवती का सच, जो सोचने पर मजबूर कर दे।

कुलटा

Sharma Divya   2.39K views   9 months ago

विधवा भाभी के लिए साथ खड़ी ननद के रिश्ते की कहानी।

हाउस वाइफ का अस्तित्व

jyotiorrajdeep   1.70K views   9 months ago

हाउस वाइफ का भी अस्तित्व होता है

संसकारी से संस्कारहीन बहू

jyotiorrajdeep   1.38K views   9 months ago

अपने हक और सम्मान के लिए आवाज उठाने वाली बहू अससंकारी कहलाती है।

सहयोगी पति

jyotiorrajdeep   1.65K views   9 months ago

पति के साथ से पत्नी भी कामयाब हो सकती है

ठंडी और गर्म औरत

Rajeev Pundir   1.83K views   9 months ago

स्त्री हो या पुरुष, उम्र के हिसाब से शारीरिक परिपक्वता के साथ मानसिक रूप से परिपक्व होना भी बहुत ज़रूरी है अन्यथा जीवन में बहुत से अंतर और बाह्य विरोधों का सामना करना पड़ सकता है I ये कहानी भी एक ऐसी ही लड़की की है जो अपने पति की उससे क्या अपेक्षाएं हैं, नहीं जान पाई और उसके तिरस्कार का कारण बन गयी I

मजबूर प्यार

kavita   1.28K views   9 months ago

सच्चे प्यार में डूबे दो अलग राहों के राही मगर अटूट निश्छल प्रेम डोर में बंधे दो दिल की भावुक वार्तालाप आधारित लघुकथा

मेरी भाभी भी तो है कुछ कुछ मेरे ही जैसी

Maneesha Gautam   1.29K views   9 months ago

यदि बेटी आपका कल थी, तो आज और आने वाला कल है बहुए ,

इश्क और आँसू

nis1985   753 views   9 months ago

सारे एहसास एक ही झटके में खत्म कर डाले उसने, तब भी वो आज चैन से नहीं जी पा रहा है......!!!!

तेरी दुनिया से मै होकर मजबूर चला…!

chandrasingh   1.16K views   9 months ago

जिन्दगी मे हर इन्सान बेहतर होता है। उससे बेहतर की तलाश मे न भटके उसे ही बेहतर बनाने की कोशिश करे। नहीं तो क्या पता उससे बेहतर की तलाश मे वो भी न हाथ से निकल जाये।

बहनों की दखलंदाजी कितनी सही?

monicabhardwaj   2.15K views   9 months ago

हर रिश्ते की एक सीमा होती है। उसे बरकरार रखने से ही रिश्तों में मजबूती रहती है नहीं तो वह बोझ लगने लगते हैं। हर किसी के अपने अलग दायित्व होते हैं जिन्हे उनको ही पूरा करने देना बेहतर होता है। ये कहानी भी ऎसे ही रिश्तों को दर्शाती है।