RELATIONSHIP

एक चिट्ठी की कहानी!

rishav   49 views   7 months ago

एक कहानी जो दरवाज़े पर पड़े एक ख़त में शुरू और खत्म हुई, जिसका पता चला बारह सालों के बाद!! क्या हुआ आगे!?

कनिया काकी

dhirajjha123   98 views   7 months ago

छोटा सा कद था , झुक कर चलती थी। शायद ज़िंदगी का बोझ उस से अब ढोया नही जाता था इस वजह से कमर भी झुक गई थी। सारा दिन चरखे में सूत कातती फिर उस सूत से जनेऊ बनाती।

​जी लूँ तुम्हारे अहसास संग

dhirajjha123   4 views   7 months ago

“क्या है कबीर ? अब आपको क्या हुआ । मान भी जाओ ना, अच्छा सुनो चलो आज हम कहीं घूम कर आते हैं । कोई अच्छी सी फिल्म देखेंगे और खाना बाहर ही खाऐंगे वो भी आपकी फेब डिश । हाँ जानती हूँ आपको मेरे और माँ के हाथ का ही।

चिरैया” जो मर कर भी उड़ती रही

dhirajjha123   236 views   7 months ago

भगलू ताऊ ने हुक्के का दम मारते हुए अपना हुकुम बजाया “101 क्या, पूरे 251 मिलेंगे, बस चिरैया बाई को नचवा दो । वो नाचेगी तबै मिलेंगे पैसे । बिना उसके नाचे तो चवन्नी ना मिलेगी”

Love; A Big Gamble!

Rajeev Pundir   11 views   7 months ago

Falling in love is natural. Where it's divine for one, it may turn out to be a curse for the other. People play games in love. So fall in love, but with caution--You may be used, misused, exploited, and ditched.

एक चिट्ठी उस कमज़ोर लड़की को जो अब कमज़ोर नहीं

dhirajjha123   18 views   7 months ago

कभी सोचा ही नहीं कि तुम्हारे बिना भी रहना पड़ सकता है । मगर समय है किस ओर करवट ले कौन जानता है इसीलिए चंद बातें जो तुम्हे कहना चाहता हूँ ठीक वैसे ही जब छोटे थे तब माँ घर से अकेले बाहर जाते हुए समझाती थी ।

इंतज़ार, उम्मीद, और विश्वास समेटे वो आठ साल

dhirajjha123   6 views   8 months ago

कुछ प्रेम कहानियों को शब्दों या किसी की कल्पना की ज़रुरत नहीं होती, वो खुद में एक गाथा होती है और ये कहानियां उन जंगली फूलों की तरह हैं जिन्हें सोच समझ कर सुन्दर बगिया में नहीं लगाया जाता यह किसी भी परिवेश किसी भी हालत किसी भी जगह बिना सोचे समझे अपने आप ही उग जाती हैं

​बस ऐसे ही एक किस्सा सुनो

dhirajjha123   10 views   8 months ago

अगर कहीं ये हो जाए तो आँख मेरी गर सो जाए तो कहीं मैं एक दिन जाग ना पाऊं

तेरे प्यार के बही-खाते...(नज़्म)

Mohit Trendster   8 views   8 months ago

अटूट रिश्ते की उधड़ी डोर से बनी नज़्म...

इंतज़ार करूंगा

dhirajjha123   21 views   8 months ago

ओह हाँ याद आया तुम बेटी हो ना जिसके अधिकार के लिए सब लड़ रहे हैं घबराओ मत तुम्हें तुम्हारा हर हक़ मिलेगा

​नमन है तुम्हें

dhirajjha123   7 views   8 months ago

यहाँ एक पति है एक पत्नी है और साथ में है पति का अपनी पत्नी के लिए आदर, जिसे वो अपने शब्दों में कुछ इस तरह बांधता है ।

अधजला

dhirajjha123   6 views   8 months ago

जल जाना अच्छा है अधजले होने से मगर तड़प वालों को इतना जल्दी जल जाना नसीब कहाँ

नंद जी-एक कहानी पिता वाली

dhirajjha123   39 views   8 months ago

आप पिता हैं तो पढ़ें और अगर आप पुत्र हैं तो ज़रूर पढ़ें

हैप्पी वैलेंटाइन डे

abhidha   49 views   8 months ago

गरीबों के लिए मोहब्बत इतनी आसान नहीं होती।आज कल तो प्यार करने से पहले लोग स्टेटस मैच करते हैं।