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कहानी-- नारी अधिकारों के शिकार

sunilakash   1.07K views   7 months ago

नारी उत्पीड़न को रोकने के लिए बने कानूनों को मुट्ठी में पकड़कर, पति के परिवार की नारियों और खुद पति को भी आतंकित रखने वाली चालाक महिलाओं की कहानी।

मैं जैसी हूँ मुझे वैसा रहने दो

poojaomdhoundiyal   2.53K views   8 months ago

वर्तिका जब नयी नवेली दुल्हन बन अपने नए घर आई तो हर नयी दुल्हन की तरह उसके भी कुछ अरमान थे। शुरू शुरु के कुछ दिन तो हँसी खुशी से बीते। नयी गृहस्थी ऐसी लग रही थी मानो उसे सब मिल गया हो। पर धीरे धीरे जैसे जैसे गृहस्थी की गाड़ी आगे बड़ी तो वास्तविकता की जमीन पर पैर पड़ा।

एक बेटी की व्यथा

poojaomdhoundiyal   1.39K views   8 months ago

क्या बेटियों को शादी करते ही अपने मायके के रिश्तों पे हक़ छोड़ देना चाहिए? क्या बेटियों को मान देने का मतलब सिर्फ महंगे उपहार, या चंद रुपये या उनके ससुराल वालों की ख़ुशी के लिए रिश्ते निभाने तक ही सीमित होता है?

चौराहे के दाढ़ी वाले बाबा....( एक प्रेम कहानी काल्पनिक)

chandrasingh   729 views   8 months ago

एक धुंधली सी परछाई मे उसकी यादें फिर उसके सामने उभर आयी थी । बहुत दिन बाद जब उसकी बढ़ी हुई मैली, कुचैली और लम्बी दाढ़ी बनी तो उसमें से उभर कर आया एक चांद सा चेहरा। खुद का चेहरा देख वो कुछ पल मुस्कुराया, फिर पता नही क्या सोच उसके आंखों मे कुछ अश्क उतर आया।

पराया धन

sonikedia12   1.37K views   8 months ago

हमारे घरों के अन्दर की बात जिसे हम देखकर भी अनदेखा कर देते हैं।

मै जीना हूँ तेरा, तू जीना है मेरा…

Mona Kapoor   371 views   8 months ago

जिन्दगी में एक सच्चे हमसफर का साथ होना बेहद जरूरी है।

हम इतने भी पराये नही

kavita   2.55K views   8 months ago

विवाहोंपरांत बेटियों की मायके में उत्तरदायित्व पूर्ण भूमिका पर आधारित कथा

झूठी हैं दीवारें

Manju Singh   1.86K views   8 months ago

कभी कभी समाज की घटनाएं हमें आईना दिखा देती हैं। अपने आस पास की घटनाओं से सीख लेने वाली कहानी पढ़ें

खंडहर

sunita   2.33K views   8 months ago

एक बार मै बुखार में तड़प रहा था, वो शहर से दूर अपने किसी करीब की शादी में शामिल होने गयी थी मै घर पर अकेले था मां पहले ही मुझे छोड़ गांव में चली गयी थी। मेरी खांसी रुकने का नाम न लेती थी लगता मानो जान ही जायेगी पर उसे मेरी कोई परवाह न थी। Read more in the story.

प्रतिस्थापन

varmangarhwal   3.37K views   8 months ago

चिराग ने चाय पीते हुए शाज़िया के घर आने से लेकर शाज़िया को भगाने तक का सारा किस्सा निकिता को बताकर कहा—“फालतू लोग ! पता नहीं कहाँ–कहाँ से आ जाते हैं.” इस रचना में कुछ शब्द आपको असहज महसूस कर सकते हैं

शर्म किस बात की

varmangarhwal   1.39K views   8 months ago

एक जवाँन लड़की और एक जवाँन लड़का सारी रात एक–दूसरे के साथ इंजॉय करके सुबह कपड़े पहनने के बाद गले मिलकर एक–दूसरे को किस करते हैं.

क्या है प्यार?

poojaomdhoundiyal   190 views   8 months ago

प्यार !!! जिससे पूछो उसकी इस प्यार को लेकर एक अपनी ही अलग परिभाषा होगी। अपनी एक अलग ही कहानी बयां करता है हर कोई इस प्यार को लेकर। तभी तो मेरे मन में भी एक सवाल आया की आखिर यह प्यार है क्या ? क्या है यह प्यार जिसके बिना हर कोई अपने को अधूरा सा समझता है?

सुनो बहू, तुम कोई अनोखी औरत नही जोकि बच्चा पैदा करने जा रही हो।

Mona Kapoor   1.19K views   8 months ago

गर्भावस्था का समय बेहद ही उतार-चढ़ाव का समय होता है, ऐसे समय में हौसला बढ़ाने की आवश्यकता रहती है नाकि तानों से दिल दुखाने की।

माँ की ममता बदल गई...

rita1234   1.79K views   8 months ago

माँ माँ होती है मगर वही माँ जब एक सास बनती है जो कि माँ का ही रूप होता है तब उसकी भावनाये क्यूँ बदल जाती है समझ में नहीं आता है।।

भरे मोरे नैना

Priti Mishra   804 views   9 months ago

पति पत्नी एक दूसरे से एक अटूट बन्धन में जुड़े होतें हैं किसी एक से भी जुदा होने का वियोग असहनीय होता है ऐसे ही दर्द की कहानी है भरे मोरे नैना