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खुशियों का पासवर्ड...

rita1234   1.05K views   4 months ago

आज के युवा वर्ग के पास साधन सुविधा एवं सम्पन्नता है इस सर्व समर्थ पीढ़ी के पास अगर कुछ नही है तो वह है वास्तविक खुशिया जो की अमूल्य होतीं हैं।

सौतन

kumarg   138 views   11 months ago

अपने आप से लडती जरीना मानों चीख पडी " क्यूं तेरी अम्मी ने नहीं सुनाई कहानियां । " उसके जबाब ने दिल चीर दिया " नहीं अम्मी तो पैदा होते ही छोड़ गई थी , रुखसती के वक्त अब्बू ने कहाथा जा वहाँ तुझे सबकुछ मिलेगा जिसके तुने ख्वाब देखे हैं । "

रिश्तो के मायने

nehabhardwaj123   1.41K views   3 months ago

सुषमा जी ने अपनी बेटी रीमा को उसकी शादी से पहले सीख दी कि हर रिश्ता अपना अलग स्थान रखता है एक दूसरे में उन्हें खोजने की कोशिश न करे

છેલ્લી ઘડીએ

ashutosh   26 views   3 months ago

સાક્ષી ખરેખર આજે એક બુઢાપાની ઊંમરે પાંગરી રહેલા નવા પ્રેમની સાક્ષી બનવાના પ્રયત્નો કરી રહી હતી અને હું તેમાં આડખીલીરૂપ બન્યો હતો. હવે? હવે કરવું શું?

तेरी दुनिया से मै होकर मजबूर चला…!

chandrasingh   1.15K views   3 months ago

जिन्दगी मे हर इन्सान बेहतर होता है। उससे बेहतर की तलाश मे न भटके उसे ही बेहतर बनाने की कोशिश करे। नहीं तो क्या पता उससे बेहतर की तलाश मे वो भी न हाथ से निकल जाये।

​जी लूँ तुम्हारे अहसास संग

dhirajjha123   13 views   1 year ago

“क्या है कबीर ? अब आपको क्या हुआ । मान भी जाओ ना, अच्छा सुनो चलो आज हम कहीं घूम कर आते हैं । कोई अच्छी सी फिल्म देखेंगे और खाना बाहर ही खाऐंगे वो भी आपकी फेब डिश । हाँ जानती हूँ आपको मेरे और माँ के हाथ का ही।

इश्क और आँसू

nis1985   751 views   3 months ago

सारे एहसास एक ही झटके में खत्म कर डाले उसने, तब भी वो आज चैन से नहीं जी पा रहा है......!!!!

कसक

Rajpal Singh   196 views   7 months ago

अमीना ने जैसे ही दरवाजा खोला, देखा कि सामने से मेधावी चली आ रही है।

मेरी भाभी भी तो है कुछ कुछ मेरे ही जैसी

Maneesha Gautam   1.28K views   3 months ago

यदि बेटी आपका कल थी, तो आज और आने वाला कल है बहुए ,

सहयोगी पति

jyotiorrajdeep   1.65K views   3 months ago

पति के साथ से पत्नी भी कामयाब हो सकती है

संसकारी से संस्कारहीन बहू

jyotiorrajdeep   1.36K views   3 months ago

अपने हक और सम्मान के लिए आवाज उठाने वाली बहू अससंकारी कहलाती है।

विदाई- आत्मग्लानि एक पिता की !

nehabhardwaj123   305 views   7 months ago

ये कहानी है एक लड़की साक्षी और उसके पिता के रिश्ते की, एक बेटी की भावनाओं क , और एक पिता की आत्मग्लानि भी !

कनिया काकी

dhirajjha123   106 views   1 year ago

छोटा सा कद था , झुक कर चलती थी। शायद ज़िंदगी का बोझ उस से अब ढोया नही जाता था इस वजह से कमर भी झुक गई थी। सारा दिन चरखे में सूत कातती फिर उस सूत से जनेऊ बनाती।

खामोशी ...…...! कभी कभी हल भी है ।

nehabhardwaj123   885 views   7 months ago

ये कहानी है ,आस्था और किशोर की जिनके जीवन मे थोड़ी सी मायूसी और एक रूखापन है ,जिसे आस्था अपनी सूझ बूझ से हल करती है ।

गुप्ता जी के बेटे की मुंह दिखाई

nehabhardwaj123   214 views   7 months ago

ये एक सपना, जो शशांक देखता है। कि उसे लड़की वाले देखने आए और तरह तरह के सवाल पूछने लगे तो उसे कैसा लगेगा।