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उधार की जिंदगी

rajmati777   749 views   10 months ago

एक ऐसी महिला की कहानी जो अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्षरत है और अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस करती है।

"यादों का रिश्ता " भाग 1

ritumishra20   491 views   10 months ago

एक प्यारा सा खुबसूरत सा यादों का बन्धन जिसे ना किसी ने बाधा और ना किसी ने छोड़ा..

વિશું...!

1685ashkk   9 views   9 months ago

'કેમ?અનું કેમ?આપણે તો સાથે જીવવાના અફર વાયદા કર્યા હતા એનું શું?' 'વાયદા નિભાવશું તો મોતને ભેટશું!'

अगले जन्म मोहे आपकी बहू ही किजो

Maneesha Gautam   795 views   9 months ago

जब एक सांस चढती है और दूसरी उतरती है उसमे प्राण बसे होते है ये दोनो सांसों का जोड़ा है पति पत्नी।

नंद जी-एक कहानी पिता वाली

dhirajjha123   47 views   1 year ago

आप पिता हैं तो पढ़ें और अगर आप पुत्र हैं तो ज़रूर पढ़ें

इंतज़ार करूंगा

dhirajjha123   23 views   1 year ago

ओह हाँ याद आया तुम बेटी हो ना जिसके अधिकार के लिए सब लड़ रहे हैं घबराओ मत तुम्हें तुम्हारा हर हक़ मिलेगा

माँ ‌आप क्यों छोड़ ‌गई???

Anonymous
  111 views   1 year ago

माँ ‌‌के‌‌‌‌ ‌बिना‌‌ ‌‌जीवन में ‌एक ‌अधूरापन ‌स‌ा है।

खुशियों का पासवर्ड...

rita1234   1.05K views   9 months ago

आज के युवा वर्ग के पास साधन सुविधा एवं सम्पन्नता है इस सर्व समर्थ पीढ़ी के पास अगर कुछ नही है तो वह है वास्तविक खुशिया जो की अमूल्य होतीं हैं।

सौतन

kumarg   176 views   1 year ago

अपने आप से लडती जरीना मानों चीख पडी " क्यूं तेरी अम्मी ने नहीं सुनाई कहानियां । " उसके जबाब ने दिल चीर दिया " नहीं अम्मी तो पैदा होते ही छोड़ गई थी , रुखसती के वक्त अब्बू ने कहाथा जा वहाँ तुझे सबकुछ मिलेगा जिसके तुने ख्वाब देखे हैं । "

रिश्तो के मायने

nehabhardwaj123   1.43K views   9 months ago

सुषमा जी ने अपनी बेटी रीमा को उसकी शादी से पहले सीख दी कि हर रिश्ता अपना अलग स्थान रखता है एक दूसरे में उन्हें खोजने की कोशिश न करे

છેલ્લી ઘડીએ

ashutosh   26 views   9 months ago

સાક્ષી ખરેખર આજે એક બુઢાપાની ઊંમરે પાંગરી રહેલા નવા પ્રેમની સાક્ષી બનવાના પ્રયત્નો કરી રહી હતી અને હું તેમાં આડખીલીરૂપ બન્યો હતો. હવે? હવે કરવું શું?

तेरी दुनिया से मै होकर मजबूर चला…!

chandrasingh   1.16K views   9 months ago

जिन्दगी मे हर इन्सान बेहतर होता है। उससे बेहतर की तलाश मे न भटके उसे ही बेहतर बनाने की कोशिश करे। नहीं तो क्या पता उससे बेहतर की तलाश मे वो भी न हाथ से निकल जाये।

​जी लूँ तुम्हारे अहसास संग

dhirajjha123   16 views   1 year ago

“क्या है कबीर ? अब आपको क्या हुआ । मान भी जाओ ना, अच्छा सुनो चलो आज हम कहीं घूम कर आते हैं । कोई अच्छी सी फिल्म देखेंगे और खाना बाहर ही खाऐंगे वो भी आपकी फेब डिश । हाँ जानती हूँ आपको मेरे और माँ के हाथ का ही।

इश्क और आँसू

nis1985   753 views   9 months ago

सारे एहसास एक ही झटके में खत्म कर डाले उसने, तब भी वो आज चैन से नहीं जी पा रहा है......!!!!

कसक

Rajpal Singh   199 views   1 year ago

अमीना ने जैसे ही दरवाजा खोला, देखा कि सामने से मेधावी चली आ रही है।