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नोंक-झोंक

sachinomgupta   719 views   4 months ago

पति-पत्नी के कुछ अनचाहे झगडे को लिखा है, जिसमे पति को ज्यादा बोलने की इजाजत नहीं है।

उड़ान पंखों की

rajmati777   309 views   5 months ago

जिन्दगी में प्यार बहुत जरूरी है क्योंकि प्यार के बिना जीवन अधूरा सा लगता है। पर कभी परिस्थितियां ऐसी सामने आ जाती है कि चाह कर भी रिश्ते को अटूट बंधन में नहीं बांध सकते। अहंकार रिश्तों की डोर को तोड़ देता है।

नियति

kavita   1.87K views   5 months ago

प्रेम में लंबी प्रतीक्षा के बाद , बंजर धरती पर प्रेम सिंचन की अद्भुत कथा..!

एक छोटी सी कोशिश बेटी के मन की बात कहने की

soni   44 views   7 months ago

लोग कहते है कहीं कुछ छुटा तो नहीं अब उन्हें कौन समझाए कुछ नहीं सबकुछ तो छुट गया नैहर में...

यही तो इश्क है भाग-५

nis1985   366 views   7 months ago

◆"इश्क के रंग में सराबोर होकर फाइनली मन्दिरी और आनंद माँ के साथ शॉपिंग को निकल पड़े।

यही तो इश्क है भाग-६

nis1985   133 views   6 months ago

"उफ्फ! क्या नजारा था, मानो ये पल बस यही रुक जाए, बस यही पर रुक जाए!!!

इंतज़ार, उम्मीद, और विश्वास समेटे वो आठ साल

dhirajjha123   12 views   1 year ago

कुछ प्रेम कहानियों को शब्दों या किसी की कल्पना की ज़रुरत नहीं होती, वो खुद में एक गाथा होती है और ये कहानियां उन जंगली फूलों की तरह हैं जिन्हें सोच समझ कर सुन्दर बगिया में नहीं लगाया जाता यह किसी भी परिवेश किसी भी हालत किसी भी जगह बिना सोचे समझे अपने आप ही उग जाती हैं

बस यूँ ही लिखने का मन कर गया

dhirajjha123   9 views   1 year ago

अब किसी के भी मौत की खबर मन उदास कर देती है । बीता हुआ सब सामने आ जाता है । वो रोते बिलखते बीवी बच्चे मन को झकझोर देते हैं,

रिश्तों की कॉम्प्लिकेशन

nis1985   186 views   8 months ago

आखिर वो दिन आ ही गया जब जतिन ने रिया से अपने दिल की बात कह दी,उस दिन जतिन बहुत सहमा हुआ सा था उसे पूरा विश्वास था कि रिया उसे ना नहीं बोलेगी

मेरी वो दुनिया

gauravji   472 views   6 months ago

आज तुम मुझे इस मझधार में अकेला छोड़ कर खुद किनारे लगने की कोशिश कर रहे हो ना रवि, पर याद रखना जब तुम किनारे लगोगे ना तो इन सपनों की टूटी हुई काँच तुम्हारे पैरों में जरूर चुभेगी और तुम तब भी मुझे ही मेरे दुपट्टे से तुम्हारी जख्मों को पोछते हुए देखोगे

यही तो इश्क है भाग-७

nis1985   155 views   6 months ago

"मंदिरी और आनंद दिल मे मोह्हबत के दिये जलाये अपने-अपने घर को चल तो दिये,लेकिन दोनों के दिल और और दिमाग मे अब शायद किसी और के लिए जगह ही नही बची थी,की कुछ और भी सुनाई दे,सिवाय एक दूसरे की धड़कनों के।

अपेक्षाओं के बियाबान

nidhi510   65 views   8 months ago

मौत तो अटल सत्य है लेकिन एक प्रेम भरी तृप्त जिंदगी जी कर जाना और एक किसी के इज़हार का इंतज़ार करते हुए बिना कोई खूबसूरत याद लिए ,बिना कोई खूबसूरत याद दिए चले जाना, दोनों को एक दूसरे से जुदा करता है।

यही तो इश्क है भाग-८

nis1985   141 views   6 months ago

मंदिरी और आनंद की वो इश्क वाली नोकझोंक चल ही रही थी, हाय! उससे इश्क का रंग और भी गहरा हो रहा था दोनों के बीच

हमदर्द साथी

varmangarhwal   391 views   11 months ago

चार जनवरी, बुधवार की रात को एक बजे उम्र में पच्चीस(25) साल का क्लीन शेव चेहरे वाला स्मार्ट और हैंडसम सुदर्शन ऑफ़िस में कुर्सी पर बैठा टेबल पर ऑवर टाइम में काम करते हुए चाँदी की ईयर रिंग चैक कर रहा था.

बेटे की चाह में तड़पता मातृत्व

poojaomdhoundiyal   1.49K views   5 months ago

“ नहीं हम ये बच्चा गोद नहीं ले सकते।” “ क्यूँ ?” “ क्यूंकि मुझे एक बेटा चाहिए।” “बेटा!!” “हाँ , बेटा । इतने साल बाद किसी बच्चे के माँ बाप बने और वो भी एक लड़की के ।”