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यही तो इश्क है भाग-१०

nis1985   285 views   2 months ago

तेरे इंतजार में पलकें बिछाय बैठी हूँ, तू बस एक नजर देखे,और मैं निखर जाऊं....! ये बिंदिया,झुमका और कँगना सजाये बैठी हूँ, तू बस एक नजर देखे,और मैं निखर जाऊं....!!

यही तो इश्क है भाग-९

nis1985   451 views   2 months ago

मेरी आँखों का तारा, मेरा राजदुलारा है तू, मेरे बेटे इस जीवन से भी प्यारा है तू....! नाजो से पाला आँचल के तले सुलाया है तुझे, मेरी उम्मीद और इस घर का उजाला है तू....!!

बेटे की चाह में तड़पता मातृत्व

poojaomdhoundiyal   1.44K views   2 months ago

“ नहीं हम ये बच्चा गोद नहीं ले सकते।” “ क्यूँ ?” “ क्यूंकि मुझे एक बेटा चाहिए।” “बेटा!!” “हाँ , बेटा । इतने साल बाद किसी बच्चे के माँ बाप बने और वो भी एक लड़की के ।”

मेरी वो दुनिया(भाग 2)

gauravji   58 views   3 months ago

बीच मझधार में डूबती-उबरती प्रेम की दास्तां।

यही तो इश्क है भाग-८

nis1985   132 views   3 months ago

मंदिरी और आनंद की वो इश्क वाली नोकझोंक चल ही रही थी, हाय! उससे इश्क का रंग और भी गहरा हो रहा था दोनों के बीच

यही तो इश्क है भाग-७

nis1985   149 views   3 months ago

"मंदिरी और आनंद दिल मे मोह्हबत के दिये जलाये अपने-अपने घर को चल तो दिये,लेकिन दोनों के दिल और और दिमाग मे अब शायद किसी और के लिए जगह ही नही बची थी,की कुछ और भी सुनाई दे,सिवाय एक दूसरे की धड़कनों के।

'दोस्ती से ज़्यादा प्यार से कम'-एक प्रेम कहानी

ritu sinha   316 views   3 months ago

जब दोस्ती प्यार में बदलती है तो सब अच्छा लगता है। हर दिन खुशनुमा सा लगता है। लेकिन जब प्यार प्यार दोस्ती में बदलती है तो एक अजीब सी टीस उठती है दिल मे जिसे न छुपाया जाए न सहा जाए।

मेरी वो दुनिया

gauravji   464 views   3 months ago

आज तुम मुझे इस मझधार में अकेला छोड़ कर खुद किनारे लगने की कोशिश कर रहे हो ना रवि, पर याद रखना जब तुम किनारे लगोगे ना तो इन सपनों की टूटी हुई काँच तुम्हारे पैरों में जरूर चुभेगी और तुम तब भी मुझे ही मेरे दुपट्टे से तुम्हारी जख्मों को पोछते हुए देखोगे

यही तो इश्क है भाग-६

nis1985   127 views   3 months ago

"उफ्फ! क्या नजारा था, मानो ये पल बस यही रुक जाए, बस यही पर रुक जाए!!!

यादों की डायरी

chandrasingh   75 views   3 months ago

कहते हैं ना की, जिन्दगी को हम जितना सुलझाना चाहते हैं। वो हमें उतना ही उलझाती है। ज़िन्दगी को अपनी जिन्दगी में सुलझना बहुत कठिन है। इस लिये हमे कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। वो जैसी चल रही हैं हमें उसे वैसे ही चलने देना चाहिए।

दीवाली और वो ख्वाब

ritumishra20   97 views   3 months ago

रूहानी और सच्चे प्रेम की एेसी कहानी जहां उम्र की कोई सीमा नहीं है लेकिन सामाजिक मूल्यों को स्वीकारती ये प्रेम कहानी केवल एक एहसास और ख्वाब बन के रह जाती है

बहन जी टाइप

kavita   166 views   3 months ago

दो जुड़वा बहनों की मज़ेदार कहानी अलग व्यक्तित्व अलग व्यवहार से उलझती और सुलझती हुई जिंदगी की कहानी

यही तो इश्क है भाग-५

nis1985   331 views   3 months ago

◆"इश्क के रंग में सराबोर होकर फाइनली मन्दिरी और आनंद माँ के साथ शॉपिंग को निकल पड़े।

एक छोटी सी कोशिश बेटी के मन की बात कहने की

soni   44 views   4 months ago

लोग कहते है कहीं कुछ छुटा तो नहीं अब उन्हें कौन समझाए कुछ नहीं सबकुछ तो छुट गया नैहर में...

यही तो इश्क है भाग-४

nis1985   556 views   4 months ago

""शादी की तैयारियाँ जोरो पे चल रही थी,आनंद और मंदिरी के घर पे ,,,समय पंख लगा के ऐसे बीत रहा था कि किसी को पता ही नही चल रहा था।