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हाउस वाइफ का अस्तित्व

jyotiorrajdeep   1.70K views   8 months ago

हाउस वाइफ का भी अस्तित्व होता है

बहू हूँ कोई गुलाम नहीं

jyotiorrajdeep   1.68K views   8 months ago

बहू होने का अर्थ यह नहीं होता कि वह अपनी जिंदगी अपने हिसाब से न जीए, बहू होते हुए भी अपने फैसले लेने का अधिकार होना चाहिए

सहयोगी पति

jyotiorrajdeep   1.65K views   8 months ago

पति के साथ से पत्नी भी कामयाब हो सकती है

पुनरावृत्ति

Priti Mishra   1.65K views   6 months ago

हम जो अपने माँ-पिता के साथ करते हैं वही हमारे बच्चे हमारे साथ करते हैं फिर हम इतने व्यथित क्यों हो जाते हैं

बाँझ

mrinal   1.61K views   4 months ago

पर अब कोई मेरी कनिया को बाँझ तो नहीं कहेगा न!

हथियार

Sharma Divya   1.50K views   1 week ago

अपनी दोस्ती की हद्द को लांघते शेखर को शिखा ने सिखाया सबक

बेटे की चाह में तड़पता मातृत्व

poojaomdhoundiyal   1.49K views   10 months ago

“ नहीं हम ये बच्चा गोद नहीं ले सकते।” “ क्यूँ ?” “ क्यूंकि मुझे एक बेटा चाहिए।” “बेटा!!” “हाँ , बेटा । इतने साल बाद किसी बच्चे के माँ बाप बने और वो भी एक लड़की के ।”

लौट आओ सुधी

ritumishra20   1.48K views   6 months ago

पति- पत्नि के आपसी मतभेद, मनमुटाव, व कलह के बीच पनपते सच्चे प्रेम की व्याख्या करती हैं ये कहानी "लौट आओ सुधी"

चेहरे पर चेहरा

Pragati Tripathi   1.46K views   1 week ago

आप सही कहते हैं, दीदी भी बाबूजी को कितना प्यार करती हैं ना, अपने साथ बाबूजी को ले जाने की बात सुनकर वो तो बहुत खुश होंगी - माया बोली

रिश्तो के मायने

nehabhardwaj123   1.43K views   8 months ago

सुषमा जी ने अपनी बेटी रीमा को उसकी शादी से पहले सीख दी कि हर रिश्ता अपना अलग स्थान रखता है एक दूसरे में उन्हें खोजने की कोशिश न करे

शर्म किस बात की

varmangarhwal   1.39K views   7 months ago

एक जवाँन लड़की और एक जवाँन लड़का सारी रात एक–दूसरे के साथ इंजॉय करके सुबह कपड़े पहनने के बाद गले मिलकर एक–दूसरे को किस करते हैं.

एक बेटी की व्यथा

poojaomdhoundiyal   1.39K views   7 months ago

क्या बेटियों को शादी करते ही अपने मायके के रिश्तों पे हक़ छोड़ देना चाहिए? क्या बेटियों को मान देने का मतलब सिर्फ महंगे उपहार, या चंद रुपये या उनके ससुराल वालों की ख़ुशी के लिए रिश्ते निभाने तक ही सीमित होता है?

माँ की पदवी

kavita   1.38K views   8 months ago

सास बहू अनबन पर आधारित लघुकथा, जिसमें ननद का सकारात्मक रूप , नवीन विषय

संसकारी से संस्कारहीन बहू

jyotiorrajdeep   1.38K views   8 months ago

अपने हक और सम्मान के लिए आवाज उठाने वाली बहू अससंकारी कहलाती है।

पराया धन

sonikedia12   1.37K views   7 months ago

हमारे घरों के अन्दर की बात जिसे हम देखकर भी अनदेखा कर देते हैं।