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@dawriter

हाउस वाइफ का अस्तित्व

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रिया जल्दबाजी में उठते हुए, रसोई में जाते हुए अपने आप से बात करती है, क्या करती है रिया आज फिर लेट उठी अब सब काम लेट हो जाएगा।

जल्दी से रिया चाय बना रवि को उठाती है, उठते ही रवि जोर-जोर से चिल्लाने लग जाता है, पता नहीं क्या करती हो जो सुबह जल्दी उठकर मुझे उठा भी नहीं सकती।

तौलिया लेकर रवि नहाने जाने लगता है पर लगातार रिया को आलसी और न जाने कितने ही ताने देता रहता है, फिर भी रिया कुछ नहीं जबाव देती और नाश्ते की तैयारी करने लगती है।

रवि के तैयार होने तक रिया नाश्ता लगा, सोनी को उठा तैयार करने लग जाती है,सोनी रिया-रवि की पांच वर्ष की बेटी है। रिया सोनी को तैयार कर रही होती है कि रवि बिना नाश्ता किए चला जाता हैं।

रिया सोनी को स्कूल छोड़ने के बाद घर लौट कर दवाई लेती है, आज रिया की तबियत ठीक नहीं होने के कारण वह जल्दी नहीं उठ पाई थी। जिस के कारण सुबह ही कितना कुछ सुनने को मिल गया।

अब रिया ने अपनी तबियत की परवाह न करते हुए जल्दी से सब घर के काम निपटा कर रवि के लिए लंच तैयार कर उसके आफिस लंच देने गयी।

जब रिया आफिस पहुंची और रवि को लंच देते हुए कहा कि सुबह भी तुमने नाश्ता नहीं किया अब लंच वक़्त पर खा लेना, इतनी सी बात पर रवि उल्टा ही रिया को सुनाने लग गया कि क्या तुमने मुझे नाश्ता परोस कर दिया था क्या। रिया कुछ नहीं बोली और घर वापस आ गई।

घर आ रिया बहुत उदास हुई और रोने लगी, रवि का बरताव ऐसा ही था रिया के साथ जो भी रिया करती, रवि फिर भी रिया को कुछ न कुछ सुना दिया करता और यही कहता कि तुम करती क्या हो सारा दिन, रोते- रोते रिया को ध्यान हुआ कि सोनी को स्कूल से लाने का समय हो गया था।

जल्दी से रिया सोनी को लेने चली गई, सोनी को सुला वह फिर काम में लग गई, सारा दिन बीमारी की हालत में काम करने की वजह से रिया की तबियत और खराब हो गई ,अब उससे खड़े भी नहीं हुआ जा रहा था, रिया अपने कमरे मे ला सोनी को लेकर आराम करने लगी।

थोड़ी देर बाद रवि भी आफिस से आ गया, रिया को आराम करता देख कहने लगा कोई चाय -पानी भी मिलेगा या आज महारानी सारा दिन आराम करेगी।

रिया उठ गई और चाय बनाकर रवि को चाय देती हुई बोली थकान के कारण मेरी तबियत ठीक नहीं है, तुम आज खाना खुद ही गर्म करके खा लेना, इतना सुनकर रवि गुस्से मे तिलमिला उठा और कहने लगा कि तुम करती क्या हो सारा दिन जो तुम थकान के कारण बीमार हो।

आज रिया का सबर का बाध टूट गया उसने खाना तो रवि को दिया पर वह अपने दर्द को भूल न पा रही थी उसकी आंखों से बिना रूके नीर बहनें लगे।

उसे अपना अस्तित्व खोता हुआ नजर आ रहा था, उसे लगा कि जो भी वह सारा दिन घर को संजोये रखती है क्या सब बेकार है अगर वह सिर्फ एक हाउस वाइफ है तो, अब रिया ने सोचा अब वह और न सहेगी। एक हाउस वाइफ का जिनदगी मे क्या महत्व है इसका एहसास वह रवि को करवाएगी।

अगले दिन सुबह होते ही रिया सोनी को लेकर अपनी सहेली के घर चली जाती है, आज रिया रवि को जगाने के लिए घर पर नहीं इस बात से अनजान रवि आराम से सोया रहता है, जब वह उठता है तो रिया घर पर नहीं और वह आफिस जाने मे भी लेट हो जाता है। वह रिया को घर पर न पाकर परेशान हो जाता है तो उसे एक कागज मिलता है कि वह किसी जरूरी काम से बाहर गई है। रवि रिया के इस लापरवाही वाले रवैये से नाराज हो बहुत कुछ बडबडाते हुये आफिस के लिए निकल जाता है।

शाम को भी घर आने पर उसे घर पर ताला लगा नजर आता है। रवि रिया को फोन करने के लिए फोन उठाता है तो देखता है कि रिया का मेसज आया है कि रिया को आज घर आने मे देरी हो जाएगी। रिया का मेसज पढ़ रवि गुस्से मे झटपटाता है कि सुबह भी देरी होने के कारण उसनें कुछ नहीं खाया पिया, आज रवि को एक कप चाय भी नसीब नहीं हुई थी,अब वह रिया का इंतज़ार करने लग जाता हैं उधर रिया ने आज बरसों बाद राहत की सास ली थी आज उसनें अपनी सहेली के साथ बहुत दिनों बाद अचछा समय बिताया था।

कहाँ रिया घर के कामों के कारण अपनी सहेली से मिलना तो दूर फोन पर भी ठीक ढंग से बात नहीं कर पाती थी।

रिया के घर पहुंचने पर गुस्से से भरा हुआ रवि चिल्लाने लगा कि तुमने ऐसा क्यूं किया बिना बताए क्यूं गई, और न जाने क्या-क्या बोले जा रहा था, तो रिया ने रवि को चुप कराते हुए कहा कि, मैं तुम्हें बताना चाहती थीं कि मैं सारा दिन घर में क्या करती हूं, रिया ने रवि से कहा बस एक दिन मैं घर पर नहीं थी तो तुम आफिस समय से नही पहुंच पाए और सारा घर भी अस्त-वयसत है, सारे घर की तरफ नजर घुमाते ही रवि का गुस्सा पानी की तरह शातं हो गया।।

अब रवि को एहसास हो गया कि रिया क्या कुछ करती है, रवि रिया से माफी मांगते हुए कहता है, कि मुझे माफ कर दो मेने तुम्हें और तुम्हारे काम को कभी भी एहमियत नहीं दी पर आज मैं तुम्हारा अस्तित्व समझ गया हूं। रिया अगर तुम हो तो घर घर है नहीं तो नहीं, आज मुझे समझ आया तुम्हारे होने से ही इस घर का अस्तित्व है।

यह हाल अकेले रवि का नहीं लगभग सभी का यही हाल है ,सब को यही लगता है कि हाउसवाइफ का कोई काम ही नहीं। खाना बनाया कुछ घर के काम किए और सारा दिन आराम, पर सच्चाई कुछ और ही है सारा दिन काम से हाउस वाइफ को अपने लिए भी समय नहीं मिलता। अगर कुछ मिलता है तो ताने मिलते हैं कया करती हो सारा दिन खाली, आराम ही करती हो तुम तो सारा दिन। बस कुछ इस तरह अपमानित किया जाता है हाउस वाइफ को।

कृपया कर हाउस वाइफ को समझने की कोशिश करें, हो सके तो उनके काम मे हाथ बटाये ,उन्हें समान दे क्यूंकि पूरा घर हाउसवाइफ पर निर्भर करता है। बिना हाउसवाइफ के सारा घर अस्त-व्यस्त हो जाता है, इसलिए हाउस वाइफ का मनोबल बढ़ाएं ताकि वह घर को अच्छे से संभाल पाए।

धन्यवाद आप सब का। कृपया कर मेरे भी ब्लाग को follow और लाइक करे।

Image Source:safetykart

 



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