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@dawriter

सुनो बहू, तुम कोई अनोखी औरत नही जोकि बच्चा पैदा करने जा रही हो।

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गर्भावस्था जी हाँ, एक औरत के लिए जिंदगी का बेहद खूबसूरत समय…कहने को वो नौ माह थोड़े लम्बे व काटने में कठिन अवश्य हो जाता है ‌लेकिन एक सुखद एहसास देता है यह पल।।।। हर पल अपने गर्भ में पल रहे बच्चे ‌के प्रति काफी सावधानी बनाए‌ रखने की‌ कोशिश हर माँ की रहती है। साथ ही साथ उस पल का इंतजार जब आपका बच्चा इस दुनिया में जन्म लेकर‌ आपको माँ बनने का सुख देता है। माना कि समय कठिन जरूर होता है लेकिन अगर पति व ससुराल वालों का साथ व प्यार आपके प्रति अच्छा रहे तो इस समय की मुश्किलें भी चुटकी भर में कही उड़न छू हो जाती है।।।। लेकिन कुछ बातें व रिश्तों की डोर शायद इस प्रकार की होती है जिनका पक्का होना शायद असम्भव सा ही रहता है।। जब एक लड़की माँ बनती है तो उसे सबसे ज्यादा जरूरत एक औरत की होती है जो उसे समय समय पर होने वाले शरीर व उसके व्यवहार के बदलाव को खुद भी समझे साथ ही साथ गर्भवती महिला को भी समझाए… ससुराल में यह साथ शायद सासू माँ से ज्यादा बेहतर कोई ओर‌ नही दे सकता क्योकि वो भी ऐसे ही समय से गुजर चुकी होती है।।।।

अब कहने को तो यह भी कहा जाता है कि अगर सास ऐसे समय में साथ न दे तो माँ का सहारा देना उचित रहता है लेकिन सोचिए, यह ठीक है क्या कि शादी के बाद ससुराल संभालने की जिम्मेदारी बहू की हो लेकिन जब उसे संभालने की बारी आए तो वो काम उसकी माँ करे जोकि काफी माताएँ करती भी हैं क्योकि आखिर ऐसे समय में जब कोई बेटी का साथ नही देगा तो माँ तो अवश्य देगी ही….खैर, यह रिवाज ही चल पड़ा है शायद ।।।। ऐसे समय में एक गर्भवती महिला को एक समझदार औरत के सुझाव व साथ की बेहद आवश्यकता रहती है अगर वह भी ना हो पाए तो वह चाह रखती है कि कोई प्यार से उसकी बात को समझे,उसके अंदर होने वाले मूड स्विंगस व मन में अपने होने वाले बच्चे के सेहत प्रति चल रहे अच्छे -बुरे ख्यालो को समझ कर उसे सब ठीक-ठाक होने का संतोष करे ना कि ऐसे समय में भी उसको यह कहकर उसको अपमानित करे कि “चुप करके बैठ जा, तू कोई अनोखी औरत नहीं जो बच्चा पैदा करने जा रही है”।

प्रिय सासू माँ, हम भी इंसान हैं ….जानते हैं कि हमारे साथ जैसा मर्जी समय चल रहा हो लेकिन घर के काम तो हमें ही करने ही पड़ेगे क्योकि आपके द्वारा हर कामों के प्रति सन्यास ले लेने के पश्चात हमारे सामने दूसरा विकल्प बचता ही कहाँ है???? आखिर आपने भी तो अपने समय में खूब मेहनत की है इस घर को घर बनाने में तो अब यह जिम्मेदारियों का बोझ हमें ही तो लादना है ना जी, जोकि हम लाद लेगें क्योकि हम आजकल की लड़कियाँ है जो अपना हर काम खुद से कर सकती है‌ वो बाहर का हो या फिर घर संभालने का।।।। ऐसी अवस्था में भी जब हमसे चाहे खड़ा ना हो पाया जाए फिर भी आप सब के पसंदीदा खाने की फरमाईश को पूरा करती है लेकिन जब कुछ ऎसा बनाने कि बारी आती है जिसको बनाते समय हमारा जी मचलाता है तब आपके प्यार के बोल की बजाय यह बोलना कि “तेरा जी मचला भी रहा है तो मै क्या करू, घर में तो हर चीज बनानी पड़ती है तुझे नही खानी तो मत खा बाकि तो खाएगे ही”।।।। उफ, सच में सासू माँ आपके द्वारा बोली गयी इस बात का एक एक शब्द दिल दुखा जाता है, अकेलेपन का एहसास करा जाता है व मन में सवालों की आंधी ला उठता है कि शायद यहाँ मेरी जरुरत सिर्फ काम के लिए ही है‌ क्या?????

आखिर क्यों यह नही सोचा जाता कि आपकी बहू आप ही के वंश को‌ तो आगे बढ़ाने जा रही है‌ कल को‌ कुछ ऊँच-नीच हो गयी तो दिक्कत केवल बहू के शरीर को ही नहीं होगी परंतु सभी को होगी वो चाहे मानसिक दिक्कत ही क्यों न हो, शरीर व भावनाएं किसी दूसरे के घर की बेटी की‌ अवश्य है लेकिन वंश तो आपका है, जरा से कामों के चक्कर में कोई बड़ा नुकसान हो जाने की भरपाई कौन करेगा????काम तो जिन्दगी भर होते ही रहेंगे, कुछ महीनों की ही तो बात होती है,जो बहू आपके लिए अपना दिन रात एक करके सदैव आपके कामों के प्रति सदैव तत्पर रहती है क्या उसके लिए आप अपना कुछ समय व हिम्मत जुटा कर कुछ करके तो देखिए वो आपको अपनी माँ से भी ऊँचा दर्जा देगी क्योकि कहते हैं ना कि अपने बच्चों के लिए तो हर कोई करता है मजा तो किसी और के बच्चे के लिए करने में है।।।। व शादी के बाद केवल पति का साथ देने व समझना ही आवश्यक नहीं है जब हम संयुक्त परिवार में रहते हैं तब सबका साथ जरूरी होता है,खासकर सास का‌ तो बेहद आवश्यक ।।।। कामों को ज्यादा महत्व न देते हुए अगर प्यार से ऎसे समय में अपनी बहू के सिर पर हाथ भी फेर देंगे तो भी उसके मन में आपके प्रति इज्जत बनी रहेगी जोकि हर रिश्तों में होनी जरुरी ।।।।।।

अंत में इतना कहना चाहूँगी कि मेरे इस ब्लाग को पढकर मेरी काफी सखी-सहेलियाँ अपने विचार व्यक्त करेंगी कुछ को मेरी सोच गलत लगेगी क्योकि उनके जीवन में सास बहू का एक नया व अच्छा पहलू है जिसके लिए मुझे बेहद प्रसन्नता है, मेरी दिल से इच्छा है कि हर किसी के जीवन में इस रिश्ते में नये स्तर का जन्म हो ताकि औरत ही औरत की दुश्मन ना कहलायी जाए।।।।

धन्यवाद ।

मोना कपूर



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