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@dawriter

वो अनकहा सा इश्क

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nis1985 by  
nis1985

 

निशा की कलम से.....

अजय उठो सुबह हो गयी,सीमा ने जोर से चिल्लाते हुए उठाया पर नींद में अजय ने बस हम्म्म्म उठता हूँ कह कर और फिर सो गया,सीमा फिर अपने काम मे लग गयी नाश्ता बनाना,बच्चों को तैयार करना फिर खिलाना इनसब में उसे होश ही नही रहा की एक बार देखूं भी कि अजय उठे भी हैं कि नहीं , बस जोर से झल्लाने की आवाज आई सीमा कहा मर गयी तुम, तुम्हे इतना भी होश नही की आज मेरी इम्पोर्टेन्ट मीटिंग है और तुम मुझे टाइम से उठा भी नही सकती, जी....जी....मैं...सीमा ने काँपते हुए स्वर में बोला ..चुप रहो अजय की तेज आवाज से बच्चों के साथ सीमा भी कांप गयी पूरा चेहरा आत्मग्लानि से भर गया वो खुद को अपराधी समझने लगी कुछ बोल भी नही पा रही थी पूरा गला जो रुदन से भरा हुआ था ,बस वो अपलक ही अजय को निहारते हुए बस यही सोच रही थी कि क्या मेरे प्यार और समर्पण का यही प्रतिफल है कि मुझेे आज ये सब देखना पड़ रहा है, अचानक सीमा की एकाग्रता भंग हुई अजय ने बोला मैं जा रहा हूँ आफिस आज बहुत देर हो गयी है बच्चों को तुम ही स्कूल छोड़ना, हम्म्म्म सीमा ने रुदन स्वर में आँसू पोछते हुए बोला अजय बिना सीमा की तरफ़ देखे ही चला गया....


सीमा को अजय से कोई शिकायत नहीं थी , उसे अपने त्याग और समर्पण का कोई मोल भी नही चाहिये था, बस वो अजय की उन प्यार भरी नजरों के लिए आतुर थी जो दो बच्चे हो जाने के बाद भी उसने मेहसूस नही किया, किसी चीज की कोई कमी नही की थी अजय ने , बस कमी थी तो उस प्यार की जो उस मकान को घर नही बनने दे पा रहा था!!


अचानक फ़ोन की घण्टी बजी, सीमा फिर अपने खयालो से हटी फ़ोन उठाया तो माँ ने बोला कैसी हो सीमा , हम्म्म्म म..मैं ठीक हु माँ,,,,,,, सीमा ने लड़खड़ाते हुए शब्दों में कहा गला रुदन से भरा हुआ पर वो माँ को एह्सास नही दिलाना चाहती थी कि वो उदास है....ह्म्म्म बोलो न माँ घर मे सब कैसे है, अरे तू सुनेगी तो खुशी से झूम उठेगी, ऐसा क्या हो गया माँ सीमा ने चहक के पूछा, अरे तेरे छोटे भाई की शादी पक्की हो गयी है सीमा सबकुछ जल्दी में हो रहा है दोनों ने पसन्द किआ है एक दूसरे को तुरंत जॉब भी जॉइन करना है दोनों को एक ही आफिस में काम करते है ना इसलिए अगले हफ्ते ही शादी है तू तुरंत आ जा और सुन पूरे एक महीने रुकेगी तू इस बार,सीमा तो खुशी से झूम उठी बस माँ से बोला कि शाम को मैं अजय से बात करती हूं माँ घर आते ही , सीमा बहुत ज्यादा खुश थी अब सोचा माँ के घर जाऊंगी तो मन थोड़ा बहल जाएगा , वैसे भी अजय को क्या दुख मेरे जाने से वो बिल्कुल भी मना नही करेंगे और कौन सा मेरे बिना उनका कोई काम रुकने वाला है, बस यही बड़बड़ाते हुए उसने रात का खाना बनाया जो रोज की तरह ही अजय के मनपसंद का ही था!!


दरवाजे की घण्टी बजी, सीमा ने दरवाजा खोला अजय ऑफिस से आये थे सीमा आज इतनी सुंदर दिख रही थी कि रोज की तरह अजय बिना देखे ही उसे अंदर चला गया!!!!
अजय सुनिए ना, ह्म्म्म बोलो क्या बात है, मेरे भाई की शादी है तो हमे माँ के घर जाना है , ह्म्म्म ठीक है तुम चली जाओ मैं नही आ सकता बहुत काम है मुझेे, अरे पर मैं जवाब क्या दूँगी, अब तुम ही जानो की तुम्हे क्या बोलना है अजय ने जैसे बस अपना फरमान सुना दिया!


अच्छा ठीक है मैं पूरे महीने भर रहूंगी तुम्हे कोई परेशानी तो नही होगी न, अरे मुझे क्या परेशानी मैं कोई बच्चा हु क्या बल्कि थोड़े दिन सूकून से रहूँगा, सीमा अपना सा मुँह लेके बस वहा से चली गयी सोने और बच्चों को भी सुला दिया, अजय भी थोड़ी देर में आ गया और लेट गया आज अजय बड़ी बेचैनी महसूस कर रहा था बार-बार करवटे बदल रहा था, उसे तो नींद ही नही आ रही थी, अरे आज आपको अचानक क्या हुआ सो क्यों नही रहे ,अरे कुछ नहीं तुम सो जाओ मैं ठीक हु, हम्म्म्म कैसे कहता अजय की उसे सीमा के लिए बेचैनी हो रही है, उसकी आदत जो पड़ी हुई है उसे और एक महीने का सुन के तो उसकी हालत ही खराब हो गयी बस वो कल्पना करने लगा कि क्या मैं सच मे सीमा और बच्चों से दूर एक महीने रह पाऊंगा, इतने दिनों का प्यार जो अजय ने आज तक अपने हृदय में दबाया था वो सीमा के जाने के नाम से ही सारा गुबार बाहर आ गया वो बस तुरंत सीमा को गले से लगाया और रोने लगा , हम्म्म्म सीमा सबकुछ समझ गयी अब उनके बीच शब्दों की कोई जरूरत ही नही थी , सीमा ने भी इतने दिन के प्यार को जो अजय ने छुपा के रखा था आज अजय के आँसुओ से महसूस किया, उसे आज यकीन हो गया कि सच मे अजय उस से कितना प्यार करते हैं , दोनो ने एक दूसरे के आंसू पोछे, सुनो अजय ने सीमा को बोला देखो मैं भी साथ चलूंगा कल तुम्हारे और साथ ही लेके लौटूंगा मैं तुम्हारे बिना इतने दिनों तक नही रह सकता समझी,अजय की बाते सुनके सीमा की ऑंखो में वो शर्म आ गयी जो शायद आज तक नहीं आयी.....हम्ममम्म ठीक है जैसा तुम कहो अजय, सीमा भी तो यही चाहती थी और बस सीमा अपने प्यार को आंखों में बसाये इतने सालों बाद आज चैन की नींद सोई अजय का हाथ पकड़े हुए😊😊


निशा रावल
बिलासपुर



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