278
Share




@dawriter

पुनरावृत्ति

0 1.64K       

खटाक...!!! की आवाज के साथ शुभी ने अपने कमरे का दरवाजा बन्द कर लिया, और विभा सन्न खड़ी उसे देखती रही। बेटी के इस बर्ताव के कारण उसके आंखों में आँसू भर आए वह खुद को अपमानित महसूस करने लगी। ये आज की बात नही थी ये हमेशा ही होता है, शुभी के मन का जब कुछ नही होता है तो वह ऐसे ही विभा पर अपना गुस्सा जाहिर करती है। विभा आज उसके लिए एक टाप लेकर आई थी जोकि विभा के अनुसार आज के फ़ैशन के हिसाब से थी पर उसे देखते ही शुभी भड़क गई कि ये कौन सा रंग है और टॉप पटक कर चल दिया। आज व्रत होने के कारण विभा सुबह से कुछ खाया पिया नही था, और बेटी को सरप्राइज देने के लिए 2 घण्टे मॉल के चक्कर लगाने के बाद वो टॉप लेकर आई थी। पर बेटी के इस व्यवहार से विभा बहुत दुःखी हुई, पति से कुछ कह नही सकती थी क्योंकि पति बेटी की कोई गलती मानते नही हैं। हमेशा की तरह विभा को आज भी यही सुनना पड़ा कि तुम लाई ही क्यों? और उसने तुम्हें कुछ कहा तो नही। विभा को समझ में नही आ रहा था कि बच्चों के लिए इतना करने के बावजूद भी बच्चे ये क्यों नही समझते हैं कि माँ उनके लिए ही तो ये सब करती है, उनकी पसंद के खाने से लेकर उनकी पसंद की फील्ड तक चुनने में एक माँ उनके साथ होती है पर बच्चे हर बात पर तुनक जाते हैं,, कभी-कभी तो विभा को लगता था कि एक जोर का थप्पड़ लगा दे और ये समझाए कि अपने से बड़े के साथ ऐसा व्यवहार नही करना चाहिए था। विभा अन्यमनस्क सी अपने कामों में लगी थी कि तभी माँ का फ़ोन आ गया , माँ कुछ भी पूछती तो विभा हाँ हूँ में जवाब दे देती, माँ ने पूछा-"क्या हुआ विभा ? तुम इतने टेंशन में क्यों हो सही से उत्तर भी नही दे रही हो, तो विभा ने शुभी की सारी बातें माँ को बताते हुए बोली कि -"माँ तुम्हीं बताओ मैं क्या करूँ ?

माँ ने कहा-"विभा याद है तुम्हें मैंने तुम्हारे लिए एक सलवार सूट का कपड़ा लायी थी, और तुम्हें नही पसन्द आया था, और तुम भी गुस्सा गयी थी बिल्कुल शुभी जैसे। और मैं कामों को करती रहती थी और तुम बहुत कहने पर ही किसी काम को हाथ लगाती थी, जब तुम्हारे पसंद की कोई सब्जी नही बनती थी तो पूरा दिन मुँह फुलाए और बिना खाए घूमती रहती थी, हर समय नई फरमाइश, बिना ये सोचे कि माँ थक भी जाती होंगी, बेटा!हर बच्चा अपनी माँ से इतना ही स्वतंत्र होता है, वह दुनिया में सबसे ज्यादा भरोसा अपनी माँ पर करता है वह जानता है कि मैं कितना भी नाराज क्यों ना हो जाऊं पर माँ नाराज नही होंगी। बेटा! शुभी किसी के साथ बदतमीज़ी नही करती है वह समझदार पर माँ बच्चे का रिश्ता होता ही ऐसा है जहाँ बच्चा हर मनमानी करता वैसे भी वह बेटी है आज नही तो कल तुझसे दूर हो जाएगी फिर वह वो सब नही कर पाएगी जो आज यहाँ कर रही है, रंग ना पसन्द आने पर, मन का खाना न बनने पर किसी से नाराज नही हो पाएगी। जैसे की तू... फिर वह ये सब अपने बच्चों और ससुराल वालों का देखेगी। इसलिए तू ज्यादा मत सोच, तू पहले मुझसे रूठती थी, आज तेरी बेटी और कल उसके बच्चे.... बेटा यही तो पुनरावृत्ति है जोकि सबके साथ होती है माँ ने हँसते हुए कहा और फोन रख दिया। विभा ने भी मुस्कुराते हुए दोहराया......पुनरावृत्ति....

प्रीती मिश्रा

Image Source: gurgaonmoms



Vote Add to library

COMMENT