sunita

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जोगन-2

मैने जीवन में प्रभु को ही सबकुछ माना पर प्रभु ने मुझे माया में फंसा दिया मेरी जीवन नैय्या मझधार में है माता !! मै क्या करूं इतनी बेकल तो मै कभी न हुई कितनी बार लोगों के व्यंगों का सामना किया समाज से परे जा कर भी |

जोगन

एक दिन निम्मी ने देखा जोगन घर के बाहर खडी गीत गा रही है निम्मी को उसे देख क्रोध आया पहले की तरह प्यार नही। आज अच्छा मौका है निम्मी जल्दी से बाहर जा पंहुची , "ऐ जोगन यहां क्या शोर मचा रही हो जाओ कही ओर जाकर मांगों "

जोगन

तुम्हारा क्या बिगाडती बेचारी भगवान का भजन करती है मांग मांग कर गुजर बसर कर रही है , तुमसे यह भी न देखा जाता कैसे पत्थर हो गयी हो तुम !! "हाँ मै पत्थर हो गयी हूं भगवान भी तो पत्थर का फिर काहे उसके गीत गाती फिरती है"

प्यार है तुमसे

हूं सो रही है नकचढी , चुपचाप बिस्तर के कोने में जा पडा कब नींद आयी पता ही नही चला रात को अजीब सी आवाज कान में पडी लाइट जलायी तो देखा रीना के मुंह से झाग निकल रहे थे उसे मुंह से अजीब सी आवाज आ रही थी ...... इसी कहानी से

खंडहर

एक बार मै बुखार में तड़प रहा था, वो शहर से दूर अपने किसी करीब की शादी में शामिल होने गयी थी मै घर पर अकेले था मां पहले ही मुझे छोड़ गांव में चली गयी थी। मेरी खांसी रुकने का नाम न लेती थी लगता मानो जान ही जायेगी पर उसे मेरी कोई परवाह न थी। Read more in the story.

वापसी

चल पड़े महाकाल से मिलने वहां पहुचें तो देखा माँ अादि शक्ति महाकाल के आगे हाथ जोड़ कर कड़ी उनसे विनती कर रही हैं.. "हे महाकाल आप तो काल के भी काल है !"

मामा

एक छोटी बच्ची जिसको यह अहसास हुआ विष्णु भगवान उसके सगे मामा है |

डायन

उसकी चमकती आँखों में एक अजीब से प्यास दिखती थी बाल लम्बे ...डायन की शक्ति उसकी चुटिया में होती है किसी तरह इसकी चुटिया कट जाये तो यह किसी का कुछ नही बिगाड पायेगी |

कमाई

रवीना बेबसी रोने लगी और कर भी क्या सकती थी उस घडी को कोसने लगी जब उसने ब्याज पर रकम ली अपनी पड़ोसन के कहने पर। शराबी पति चारों तरफ करजे में डूबा था अब वो भी उसी में फंस गयी। सोचा था इन पैसों गाड़ी की किस्त चुका देंगे फिर जो आमदनी होगी उससे ब्याज देते रहेंगे।

छोटा काम

रीया और अभिषेक ने परिवार वालो की सहमति से रीया के साथ प्रेमविवाह किया था अभिषेक काफी समझदार व सुलझा हुआ इन्सान था वही रीया घमंडी व एकाकी पर मासूम थी, दोनो की उम्र में भी फासला था....इसी कहानी में |

मामा

सुबह नाना जी मेरे पास अाये और बोले बैठक में ,"आओ देखो हम तुम्हारे लिए क्या लाये है | ..क्या ? " जाओ देखों" , मै भाग कर गयी देखा बैठक में एक सुंदर शनील की रजाई रखी थी मसहरी पर .. "वाह !! कितनी सुंदर है कितनी.......इसी कहानी से

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