Rashmi Vaishnav

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फुटपाथ पर जिंदगी

ये गरीबी की विवशता है कि ये बच्चे फुटपाथ पर ही दिन-रात गुजारने को विवश है.

missing my love

जिसे दिल से चाहते है और वो आपसे दूर हो तब दिल के हाल को मिले अल्फाज़

एक गज़ल

अपने जीवनसाथी के लिए दिल से की गई प्रार्थना

लघुकथा- रिश्तों की नीलामी

पैसों से खरीदकर बनाए गए रिश्तें और उन पर हुकुमियत की दास्तां

नारी की गूंज

नारी की वो गूंज जो अक्सर सुनाई नहीं देती...

......इंतजार करना

किसी को खामोश़ या बेबस समझ अक्सर लोग उसका फायदा उठाकर चले जाते है या बार बार उसे परेशान करते है जैसे कि वो कुछ प्रतिक्रिया कभी देगा ही नहीं. एेसी ही परिस्थिति में उस बेबस के मन के भाव जब उसकी खामोशी टूटने को तैयार हो जाती है.

गरीबी की दिल कचोटती तस्वीर

जहाँ अमीरों के बच्चों के कई शौक और इच्छाएँ पूरे करने में दिन बीतते है वही गरीब बच्चों का पूरा दिन केवल खाने की तलाश में बीत जाता है. फिर जो कुछ भी मिलता है उसे भी मिल बाँट कर खाते है. ये गरीब बच्चें भी दिल के बड़े अमीर होते है. बस ऐसी ही कुछ स्थिति को अल्फाज़ देने की एक कोशिश.

सुकून की आस

एक स्त्री जो सामाजिक , पारिवारिक, शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना की शिकार हुई हो उस स्त्री की अंतिम आस को नज्म़ के रूप में पिरोने की कोशिश

रूपया बोलता है

धन की अधिकता और दुरूपयोग पर रूपये की ओर से इंसान को समझाने की कोशिश

दिल का हाल

कल्ब में बसी चाहत को कहाँ कोई जान पाता है..बस इसी दर्द को शायरी में लिखने की कोशिश

दिल का हाल शायरी की जुबान

कल्ब़ यानि दिल के हाला़त को शायरी में कहने की कोशिश की है

एक कली जो कभी फूल नहीं बन पाई

प्रेम संबंध और फिर शादी के वादे के नाम पर शारीरिक शोषण. एक ऐसी ही सामाजिक सच्चाई को उर्दू नज़्म में पिरोने की कोशिश.

Some info about Rashmi Vaishnav

  • Female
  • 26/07/1985

जब भी हाथ में कलम आती है मेरे जज्बा़त खुद -ब-खुद कागज़ पर उतर आते है. जो भी लिखती हूँ उन एहसासों को जीकर लिखती हूं, दिस से निकली आवाज़ ही मेरी नज्मों में कैद रहती है.

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