mrinal

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तोहफा

"प्यार करते हैं साले! पहले मर्द तो बन। नामर्द कहीं के!

बाबा

घर जाते समय रक्षा सोच रही थी कि यह बाबा इंसान है या शैतान या फिर कुछ और...।

पुल

आज तीसरा दिन था जब पत्नी से आखिरी बार बात हुई थी। सिद्धांत की शादी के छह साल हो गए थे किन्तु पहली बार ऐसा हुआ था।

कलंक

"माँ! तुमने अच्छा नहीं किया। सतीश की आवाज़ में दर्द भरपूर था।" "क्या किया मैंने?"

बाढ़

"माँ! बहुत हिम्मत के बाद आदित्य के मुँह से ई शब्द निकल पाया।" "बोलो!"

पुरस्कार

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा था। मंत्री जी पहली बार मुख्य अतिथि के हैसियत से अपने ही स्कूल में उपस्थित थे।

जान

इंटरव्यू के अंतिम चरण में चयन न होने पर हताश और क्रुद्ध आशुतोष कमरे पर पहुंचते ही पत्नी पर बरस पड़ा।

वृद्धाश्रम

"झूठ और केवल झूठ! मेरा एक छोटा सा काम करने में तुमलोगों की नानी मर जाती है। दो महीने से कह रहा हूँ कि थोड़ा काशी ले चलो लेकिन नहीं! मेरे पेंशन पर पूरा हक है लेकिन मेरा ख्याल रखना नहीं हो पाता है इनसे।इससे अच्छा तो मैं वृद्धाश्रम चला जाता।"

कर्तव्यबोध

" बेटी! आंख से आँसू पोछते हुये कहा, शायद तू ही ठीक कहती है। मैं उसके पैर पकड़ लूँगा। पर तेरी शादी वहीं करूँगा जहाँ तू खुश रहेगी।"

इंसानियत

राजकुमार जी के चेहरे पर बढ़ती हैरत देखकर उसने आगे कहा "आज हम किसी की सहायता करने में सक्षम हैं इसलिए यह नहीं चाहते कि कोई और हमारे बाबूजी की मौत मरे।"

दीदी_की_शादी

१०वीं का रिजल्ट निकले हफ्ता बीत चुका था किंतु घर में फैला सन्नाटा अभी भी बाकी था। ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी की मौत हो गयी हो। रवि जिसके बारे में सब आशा कर रहे थे कि ९०% अंक लायेगा, वह फेल हो चुका था।

#आम

" पंकज भैया प्रणाम! कहिया आये दिल्ली से" "परसुऐ आये हैं। खूब खुश रहो। और क्या हाल चाल है?" " गाछी में आम तोड़ रहे हैं क्या?"

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