Kumar Gourav

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औरत की जंग

मच्छरहट्टे में दो किलो रेहू तौलाने के बाद विधायकजी के पोते ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो गंगिया मलाहिन ने फांसुल चला दिया । दूर्योग से निशाना ऐसा चूका की नेताबीज जीवन भर के लिए बियाह से वंचित हो गये ।

सौतन

अपने आप से लडती जरीना मानों चीख पडी " क्यूं तेरी अम्मी ने नहीं सुनाई कहानियां । " उसके जबाब ने दिल चीर दिया " नहीं अम्मी तो पैदा होते ही छोड़ गई थी , रुखसती के वक्त अब्बू ने कहाथा जा वहाँ तुझे सबकुछ मिलेगा जिसके तुने ख्वाब देखे हैं । "

रकीब

नसीब से बस उतनी ही मोहब्बत मिलती है जितनी रकीब छोड़ जाता है। जब मोहब्बत हो ही जाए तो कभी इतनी मोहब्बत मत करना की रकीबों के हाथ कुछ न लगे

निष्ठुर

मां के संबंध में अनेको किस्से कहानियां गीत गजल आदि लिखे गये हैं लेकिन पिता बहुत अंडररेटेड जीव है। वो अंदर से नरम होकर लालन पालन करता है वहीं बाहर से कठोर रहकर जमाने से रक्षा करता है। हर कोई बाहरी आवरण ही देखता है और वो कहता है उसे निष्ठुर

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  • Male
  • 01/03/89

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