Gaurav kumar

Gaurav kumar

1

Most recent posts

मुर्दा बोल रहा है

कभी सुना है क्या लाश को बोलते हुए ? मैंने देखा है उसे कब्र में रोते हुए ।

अनसुलझा चेहरा

वो काली अंधेरी रात को पसंद करने लगा था अब।  जिसे रौशनी से नफरत करते मैं आज-कल देख रहा हूँ, वो जिंदगी में कुछ खास करेगा या ना करेगा ये तो कोइ नहीं जानता पर वो खुद में संपूर्ण है और सफल है ,ये उसने साबित कर दिया है

दर्द

मैं हूं अकेला तो साथ कोइ क्यूं रहेगा परछाई से कह दो दूर ही रहे मुझसे । :- गौरव

इंदिरा गाँधी(शहादत दिवस)

क्रोध तर्क का साथी है,उसने हमको बतलाया था ।

जिंदगी

कोशिश करते हो क्यूं बदलने की मुझे, मेरी नफरत के शिकार बनोगे क्या?

मेरी वो दुनिया(भाग 2)

बीच मझधार में डूबती-उबरती प्रेम की दास्तां।

मेरी वो दुनिया

आज तुम मुझे इस मझधार में अकेला छोड़ कर खुद किनारे लगने की कोशिश कर रहे हो ना रवि, पर याद रखना जब तुम किनारे लगोगे ना तो इन सपनों की टूटी हुई काँच तुम्हारे पैरों में जरूर चुभेगी और तुम तब भी मुझे ही मेरे दुपट्टे से तुम्हारी जख्मों को पोछते हुए देखोगे

जख्म

" जहर" जैसा भी हो जख्म पर मलते रहना

Some info about Gaurav kumar

  • Male
  • 15/08/1998

खुद को खुदी के काबिल कर रहा हूँ मैं ।

EDIT PROFILE
E-mail
FullName
PHONE
BIRTHDAY
GENDER
INTERESTED IN
ABOUT ME