LIFE

FILTERS


LANGUAGE

मैं नहीं भेजूगी अपनी बेटी को ससुराल..

Kalpana Jain   169 views   3 months ago

एक माँ की अपनी बेटी की जुदाई के दर्द की दास्तान है।

श्रद्धा-सुमन

falguniparikh   144 views   8 months ago

कभी कभी खुदकी गलती ही हमें जीने नहीं देती

सुकून की तलाश

Kavita Nagar   868 views   5 months ago

कैसे पकंज को अपनों से अलग होते ही संसार की वास्तविकता समझ आई, और अपनी भूल का एहसास हुआ।

कागा सब तन खाइयो........!

chandrasingh   60 views   1 year ago

दुनियाँ के वे तमाम रिश्तें जो स्वार्थ , जरुरत , पर टिके हैं जो आपसे हमेशा कुछ ना कुछ लेने की बाँट ही जोहते हैं।

नार्मल डिलीवरी ही होनी चाहिए।

Maneesha Gautam   871 views   9 months ago

वो पिकं रेखाएं माँ बनने की परीक्षा में पास होने के संकेत थे। आंनद ,रमा का पति भी संपूर्णता की परीक्षा में सफल होकर गर्व महसूस कर रहा था।

the Truth

shivangi   63 views   1 year ago

life is unpredictable. It reflects different shades but certainly no phase is permanent. Life is more about how you see it. Truth and darkness are parts of it and the one who swims out in every situations is the real winner

पिंजरा

sidd2812   40 views   1 year ago

उसको हर सोमवार के दिन आकर, पंछियों को स्वतंत्र करना सुहाता था। मुश्ताक़ की नज़र में वो बहुत भला आदमी था। पर भ्रम एक दिन सबके टूटते हैं।

ज़िन्दगी कभी न, मुस्कुराई फिर बचपन की तरह....

poojaomdhoundiyal   29 views   1 year ago

कभी कभी मन करता है फिर से बच्चे बन जाये। बचपन के वही पल वही मस्ती फिर से जी जाये । जब जब मौका मिला कोशिश भी की। वही सब करने की, जो वही बचपन वाली अनिभूति दे जाये। खुशी तो मिली लेकिन बचपन नहीं !!

दानी

sidd2812   40 views   1 year ago

उसके पास जागीरें थीं। और वो कंगाल हो गया। लेकिन उसके चेहरे से मुस्कराहट न हटी। क्योंकि जीत फिर भी उसी की हुई थी।

ये कैसी मानसिकता

rajmati2000   947 views   5 months ago

आज मेरी भांजी का मेडिकल में चयन हो गया। सभी के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी थी। अपने नाना के सपनों को साकार करने जा रही थी।

पुरुष आत्महत्या का सच

Mohit Trendster   30 views   1 year ago

मर्द इतनी अधिक संख्या में आत्महत्या क्यों करते हैं। इसका एक बड़ा कारण...

दूजी कोख में 'अपना' बच्चा

Mohit Trendster   32 views   1 year ago

A tail of surrogacy and blackmail....

रामरस

kumarg   437 views   6 months ago

गरीब के पेट पर लात पड़ती है तो सांप की तरफ फुंफकारता है गजोधर भी फुंफकारे। लेकिन ढ़ोरबा सांप से कौन डरता है । कुछ ही देर में कुचाकर चोखा बन गए ।

पापा तुम्हारे नाम एक खत

shashank25   44 views   1 year ago

पापा आप जानते हो मम्मी सुबेरे से चुप हो गयी है, कुछ खायी नई, कुछ बोलती नई । दिन भर आपको फोन करती रही आप फोन उठाये नई तो रोने लगी और आज तो टीवी में सिरियल की जगह न्यूज देखती रही । दादी भी चुप चाप बाहर वाले बरामदे में बैठी है जहाँ आपकी वो फ़ौजी ड्रेस वाली फोटो टंगी है ।

नालायक बेटा !!

nehabhardwaj123   1.17K views   6 months ago

ये कहानी है रमा की और उसके बेटे राकेश की जो एक बीमारी से ग्रस्त है