LIFE

A lucky Number ( love on a phone call)

shubh244   208 views   4 months ago

This story is about a boy who was lonely. A day before a Valentine's day, a girl called him and said " hello.! I dialed a lucky No. ?" Boy talked rudely. He realized his mistake soon and apologized her. Now they talk for hours and boy is in love with her. They decided to meet but boy never met.

खत: अजन्मे बच्चे के नाम

kavita   60 views   4 months ago

एक माँ की संवेदना भरी बातें ...जो वो अपने जिगर के टुकड़े से बोलना चाहती है..!

" ब्लू व्हेल :- मौत की सौदागर "

Neha Neh   67 views   4 months ago

आत्महत्या करनें वालों के पास सबसे ज्यादा अपनों की कमी होती है। उस अपने की जिससे वो दिल की बात कह सके। कोशिश किजिये अगर किसी अपने के व्यवहार में अचानक से परिवर्तन आया है। तो आप उसके दिल की बात जान सके। यकीन माने आत्महत्या बहुत कम हो सकती है ,पर एक दोस्त एक हमदर्द अगर साथ हो तो ......

If I would be someone else !

mehrashanti   13 views   4 months ago

One fine morn , eyes peep into the mirror and she gets lost in a world , virtual yet which kept her spellbound and where all her torment was lost. But then she greets her own persona and then is compelled to ponder what if she would be someone ?

Headless man on the wall…

nischay   30 views   4 months ago

There is an old saying, “In the time of peace war-men attack themselves”, and hence remains no peace.

दधीचि

kumarg   179 views   4 months ago

जमाने से उलट बेटी को कान्वेंट में डाला और बेटे को सरकारी स्कूल में। पत्नी ने आपत्ति की तो उसको समझाया दोनों कान्वेंट में पढ़े इतनी हमारी हैसियत नहीं है और बेटे का क्या है नहीं भी पढ़ेगा तो मजदूरी करके जी लेगा। बेटी जात है समय को देखते हुए उसका पढ़ा लिखा होना जरुरी है।

Assumed Alive

troubleseeker11   37 views   4 months ago

This poem is about any oerson who is assumed alive but he/she is dead insided. This is a little dark. So enter at your own risk.

मोर्चा

sidd2812   143 views   4 months ago

रात एक बजे उस माँ को क्या सूझी कि कश्मीर में सोते अपने बेटे को जगा दिया। उस माँ को किसी अनहोनी की आशंका थी, जैसे कुछ बुरा होने वाला है

झुलसी दुआ (कहानी) #ज़हन

Mohit Trendster   130 views   4 months ago

उसकी दिनभर की थकान नींद से कम बल्कि घरवालों से घंटे-आधा घंटे बातें कर ज़्यादा ख़त्म होती थी। अक्सर उसने कितने लोगो को कैसे बचाया, कैसे बीमारी में भी स्टेशन आने वालो में सबसे पहला वो था, कैसे घायल पीड़ित के परिजन उस से लिपट गए...

विकिपीडिया और बिकाऊ मीडिया के पार की दुनिया

Mohit Trendster   64 views   5 months ago

हरीश शांत स्वर में मेघना को समझाने लगे - “चिंता मत कर मेघू बेटे! ऐसे करियर बर्बाद होने लगते तो मैं कबका एक्टिंग छोड़ चुका होता। तेरा वीडियो मैंने देखा है। एक पार्सल भेजा है तुझे, बाकी फ़ोन पर नहीं समझाऊंगा। अपने मैनेजर और टीम को बुला ले उन्हें समझा दिया है, उनकी बात ध्यान से सुनकर वैसा ही करना… ”

बहाव के विरुद्ध

Mohit Trendster   70 views   5 months ago

सपनों के शहर में सपनों को चकनाचूर होता देखने के बाद इन प्रतिभावान गायकों ने साधारण निजी नौकरियां पकड़ ली। दोनों तरफ से दर्ज हुए मामले या तो रद्द हो गए या अनिर्णीत घिसटते रहे। किसी भी केस में सुरजीत और देविका को सज़ा नहीं हुई थी पर झूठ इतनी बार दोहराया जा चुका था कि आम जनता आरोपों को सच मानती थी।

A GOODBYE LETTER

rumana7   9 views   5 months ago

#antisuicide Guys fight the bad times.. You will surely encounter a bright day after a murk night..! Thoughts of committing suicide are common but to combat them is more crucial! Remember Quiting is easy but it shows your cowardice. Your struggle will make u stronger .

कलरब्लाइंड साजन

Mohit Trendster   123 views   5 months ago

हॉस्पिटल में हुई जांच में रूही को पता चला कि आशीष को झूठ बोलना आता है। वो कई महीनों से छोटा मर्ज़ मान कर अपने फेफड़ों के कैंसर के लक्षण छुपा रहा था, जो अब बढ़ कर अन्य अंगो में फैल कर अंतिम लाइलाज चरण में आ गया था। अब आशीष के पास कुछ महीनों का वक़्त बचा था। दोनों अस्पताल से लौट आये।

तर्पण

kumarg   129 views   5 months ago

वो दौड़कर कटोरी में गंगाजल ले आई । बटेसर सर पर हाथ धड़े वहीं बैठे रहे । भौजाई सुरक्षित दूरी से दुआरी पर खड़े होकर रमेसर से इहलोक से प्रस्थान का आग्रह कर रही थी और वीर रस की कविताओं से दलन के इस कंटक को मिटा डालने का आवाहन ।

गरीबी की दिल कचोटती तस्वीर

rashmi   25 views   5 months ago

जहाँ अमीरों के बच्चों के कई शौक और इच्छाएँ पूरे करने में दिन बीतते है वही गरीब बच्चों का पूरा दिन केवल खाने की तलाश में बीत जाता है. फिर जो कुछ भी मिलता है उसे भी मिल बाँट कर खाते है. ये गरीब बच्चें भी दिल के बड़े अमीर होते है. बस ऐसी ही कुछ स्थिति को अल्फाज़ देने की एक कोशिश.

मां का नायाब मोती

swa   96 views   5 months ago

वो झांककर बंगले में देखने की कोशिश कर रहा था, चार चक्कर लगा चुका था अगल-बगल पूरे बंगले के।

जाने वालों ज़रा, मुड़ के देखो इन्हें..!

chandrasingh   22 views   5 months ago

देह से अधूरे है तो क्या आत्मा तो पूरी है न, मुस्कुराहटों में मिलावट तो नहीं है ना, इक सवाल अक्सर मन में उठता है कि विकलांग कौन? जिसकी देह अधूरी है वो या जिसे इश्वर ने देह तो सुन्दर दे दी लेकिन मन की सुन्दरता नहीं दिया ह्रदय में किसी के लिए प्रेम,?

The introvert's story

nandini   7 views   5 months ago

The life of a girl who likes to stay alone with her dreams to make them come true.

Let Me Be Me

poojaomdhoundiyal   6 views   5 months ago

This poem is a voice of every women who wants to live life she wants to live. She wants to be accepted as what she is. She wants to live her dreams and desires. She wand to ditch those invaded thoughts who are coming half way from behind to stop her from winning.

घर क्यों बन जाता है नरक

harish999   10 views   5 months ago

हम सत्ता पलटने और दुश्मन को धूल चटाने में माहिर है, तो फिर भी बच्चों को संस्कारवान बनाने में क्यों नाकाम साबित हो रहे है?

प्रसव पीड़ा

kumarg   32 views   5 months ago

छोटे किसान जब दलालों के चंगुल से बचने और अपनी फसल की उचित कीमत पाने की कोशिश में बाजार की तरफ बढ़ता है तो हर किसी को दिक्कत होने लगती है । ऐसे ही एक उत्पादक किसान की कहानी जो प्रचलित तरीके को छोड़ खुद अपनी फसल बेचने निकला है ।

Come here again

arahman   6 views   6 months ago

It's just an outcome of my thoughts on people leaving this world and leaving us alone.

ज़िंदगी रोटी से चलती है, गोलियों से नहीं

harish999   12 views   6 months ago

हर कोई अपनी बीन ऐसे बजा रहा है जैसे जनता सांप हो और वो नासमझ खुद अभी अभी आसमान से टपका हो. चाहे कितना भी हंगामा कर लीजिये,

घर का भेदी लंका ढहाए

harish999   21 views   6 months ago

दोस्त हमेशा पराया और दुश्मन हमेशा अपना ही निकलता है. उसकी दुश्मनी की वजह भी साफ होती है. कभी एक ही रास्ते के हम राही जब एक-दूसरों की जरूरत या उम्मीदों पर खरा नहीं उतरते, तो वह आपस में दुश्मनी की शक्ल में अख्तियार कर लेते है.