LIFE

FILTERS


LANGUAGE

दूजी कोख में 'अपना' बच्चा

Mohit Trendster   33 views   2 years ago

A tail of surrogacy and blackmail....

खलनायिका

swa   33 views   2 years ago

रिनी कभी अपनी मां को मां नहीं समझ पाई। जिस मां को उसकी मां के स्थान पर लाया गया था। उसने हमेशा सरला को एक सबसे बड़ी खलनायिका समझा और सरला कभी अपने आप को चाह कर भी अच्छी मां साबित नहीं कर पाई।

ख्वाहिशों वाली खिड़की

avinashsurajpur   230 views   1 year ago

"आसमान में आज काले काले बदल थे, न तारो के कोई निशान थे न चाँद था. फैली थी अंदर से चीखती हुई, अनंत सी ख़ामोशी. और बेजान सी हो गयी थी, ख्वाहिशों कि खिड़की भी."

कलरब्लाइंड साजन

Mohit Trendster   126 views   2 years ago

हॉस्पिटल में हुई जांच में रूही को पता चला कि आशीष को झूठ बोलना आता है। वो कई महीनों से छोटा मर्ज़ मान कर अपने फेफड़ों के कैंसर के लक्षण छुपा रहा था, जो अब बढ़ कर अन्य अंगो में फैल कर अंतिम लाइलाज चरण में आ गया था। अब आशीष के पास कुछ महीनों का वक़्त बचा था। दोनों अस्पताल से लौट आये।

जिन्दगी से कोई वादा तो नहीं था..!

chandrasingh   30 views   2 years ago

तुम बिन जीने का इरादा नहीं था जिन्दगी। पर मैं अब तुम बिन ही जीना चाहता हूँ। अब मुझे तुम्हारी जरुरत भी नहीं | इस बार जिन्दगी बड़ी मायूस होकर मेरे पास से चली गयी। जिन्दगी तुमसे कोई वादा नहीं था मेरा। हाँ लेकिन तेरे बिना जीने का अब इरादा है मेरा। सुबह हो गया।

खून का रंग लाल होता है, नीला नही.

Maneesha Gautam   482 views   1 year ago

अंधिकाशतय विज्ञापन में पैड की गुणवत्ता और क्षमता के प्रदर्शन के लिए नीले रंग के लिक्विड का इस्तेमाल किया गया. कई सवाल दिमाग में एक साथ आये कि नीले रंग का क्या मतलब है ? खून दिखाने के लिए नीला रंग क्यों? खून का रंग लाल होता है ,नीला नही.

ममता की जीत

Manju Singh   1.02K views   1 year ago

शादी के दस साल बाद मेरी बेटी माँ बनी और उस वक्त उसे भगवान ने बस बचा ही लिया। बच्चे के भाग्य से जीवन का वरदान पाया उसने।

इन प्रतिकूल हवाओं में

sunilakash   28 views   1 year ago

आजकल के दौर में सच्चाई के साथ जीवन जी पाना कठिन हो गया है।

मूक दर्शक

poojaomdhoundiyal   29 views   1 year ago

कितनी बार होता है कि हम किसी अच्छाई या बुराई को देख कर उसे अनदेखा कर आगे बढ़ जाते हैं। या फिर रुकते तो हैं पर बस एक मनोरंजन की आशा से। अगर मनोरंजन हो तो अच्छा वरना मूक दर्शक बन आगे बढ़ जाते हैं। कितना सही है हमारा ये व्यवहार?

माँ ! माँ! मेरी माँ

poojaomdhoundiyal   17 views   2 years ago

मृत्यु के लिए कई रास्ते हैं पर जन्म लेने के लिए सिर्फ एक ……..माँ !

दुनिया इतनी भी बुरी नहीं है

poojaomdhoundiyal   247 views   1 year ago

दुनिया जैसी देखती है या खुद को जैसा दिखती है वैसी है नहीं। जीवन और उसकी सच्चाई के कई पहलू हैं।

Mohra

alok   18 views   2 years ago

अब मेरी हालत ख़राब हो गयी थी । इस कारण नहीं कि मुझे एक अप्रत्याशित खुशी नसीब हुई थी, बल्कि इसलिये कि मुझे अब यह महसूस हो गया था, कि मोहरों को चलाने वाले हाथ कभी मोहरा नहीं बना करते

अनसुलझा चेहरा

gauravji   50 views   1 year ago

वो काली अंधेरी रात को पसंद करने लगा था अब।  जिसे रौशनी से नफरत करते मैं आज-कल देख रहा हूँ, वो जिंदगी में कुछ खास करेगा या ना करेगा ये तो कोइ नहीं जानता पर वो खुद में संपूर्ण है और सफल है ,ये उसने साबित कर दिया है

अक्स

Sharma Divya   520 views   1 year ago

सच्चे प्रेम की दास्तां। दो प्यार करनेवाले एक दूसरे को अपनी रूह से चाहते है अगर प्रेम सच्चा हो तो जीने की वजह देता है।

तेरा मेरा प्यार....!

chandrasingh   19 views   2 years ago

जब लहरे मुझे थोड़ा भीगो के कुछ कहने लगी, तो मै भी निःशब्द होकर खो गया कुछ यूं ही उनमें।