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दधीचि

kumarg   200 views   11 months ago

जमाने से उलट बेटी को कान्वेंट में डाला और बेटे को सरकारी स्कूल में। पत्नी ने आपत्ति की तो उसको समझाया दोनों कान्वेंट में पढ़े इतनी हमारी हैसियत नहीं है और बेटे का क्या है नहीं भी पढ़ेगा तो मजदूरी करके जी लेगा। बेटी जात है समय को देखते हुए उसका पढ़ा लिखा होना जरुरी है।

उठती उंगलियाँ

rajesh   1.12K views   5 months ago

तुम्हारी विवेचना का तो यह अर्थ हुआ कि लड़कियां सुसराल न जाकर पितागृह में ही अपने कर्तव्य को निभाती रहे।" इसबार उसका बहनोई अनिरुद्ध ढाल बनकर आगे आए।

अब वो कभी वापस नहीं आयेगा.

Maneesha Gautam   1.01K views   5 months ago

बस के पीछे लिखा था - IF YOU SEE RASH DRIVING.. PLEASE CALL.........लेकिन आज तक किसी ने फ़ोन लगाया ही नहीं था

निराशा

Rajeev Pundir   263 views   9 months ago

दूसरों की मजबूरियां किस तरह हमारी समझ में नहीं आती और हमारे लिए एक पहेली बन कर रह जाती है , पढ़िए इस कहानी में I

गरीबी की दिल कचोटती तस्वीर

rashmi   29 views   1 year ago

जहाँ अमीरों के बच्चों के कई शौक और इच्छाएँ पूरे करने में दिन बीतते है वही गरीब बच्चों का पूरा दिन केवल खाने की तलाश में बीत जाता है. फिर जो कुछ भी मिलता है उसे भी मिल बाँट कर खाते है. ये गरीब बच्चें भी दिल के बड़े अमीर होते है. बस ऐसी ही कुछ स्थिति को अल्फाज़ देने की एक कोशिश.

कमाई

sunita   1.38K views   5 months ago

रवीना बेबसी रोने लगी और कर भी क्या सकती थी उस घडी को कोसने लगी जब उसने ब्याज पर रकम ली अपनी पड़ोसन के कहने पर। शराबी पति चारों तरफ करजे में डूबा था अब वो भी उसी में फंस गयी। सोचा था इन पैसों गाड़ी की किस्त चुका देंगे फिर जो आमदनी होगी उससे ब्याज देते रहेंगे।

मै टूटता जा रहा हूँ..

arn   23 views   1 year ago

हमेशा से बडे सपने पाने की चाह मे असफल शख्श के मन का दर्द

गुम होते ख़त...

mitikaarora   2 views   6 months ago

With sprinting years and enhancing technology, the art of writing letters is lost.

अधूरे रिश्ते

chandrasingh   127 views   10 months ago

“आँखों में जल रहा है क्यों…? बुझता नहीं धुंआ..! उठता तो घटा सा है बरसता नहीं धुंआ”

"…और हमने उसे पत्थरों से मारा!"

Mohit Trendster   12 views   1 year ago

"हैलो! आगरा फायर सर्विस स्टेशन।" "हैलो, यहाँ शाहगंज इलाके कि ट्रांजिट ईमारत मे लग गयी है आग..... जल्दी मदद भेजिए।" साइरन बजाती बढ़ रही थी फायर वैन, हर गुज़रते पल के साथ उसमे बैठे विकल का चैन, ईमारत वासियों पर गृहण सा लगा, उनकी उम्मीद का एकमात्र सहारा जाम में फंसा।

मुंबई कॉलिंग

kumarg   27 views   1 year ago

ट्रकवाला ओवरटेक करने लगा तो ड्राईवर ने गाड़ी का एक चक्का साइड में उतार दिया । बगल से गुजरती लड़कियां साइकिल रोककर खड़ी हो गई । गाड़ी पास आते ही सब ने एक साथ हाथ हिलाया "बाय बाय " एक गर्व भरी मुस्कान मूंछों के नीचे छुपाते हुए बाबूजी बोले "वहाँ लफंगई थोड़ा कम करिएगा । "

खलनायिका

swa   32 views   1 year ago

रिनी कभी अपनी मां को मां नहीं समझ पाई। जिस मां को उसकी मां के स्थान पर लाया गया था। उसने हमेशा सरला को एक सबसे बड़ी खलनायिका समझा और सरला कभी अपने आप को चाह कर भी अच्छी मां साबित नहीं कर पाई।

गुलटेन

mrinal   21 views   1 year ago

मालिक,चार सौ से ज्यादा हो गया है आपके यहाँ। दे दीजिए ना, बड़ा दिक्कत चल रहा है। तड़ाक की आवाज़ से चाय दुकान पर बैठे सब लोग सहम से गये और गाल सहलाते हुये गुलटेन बाकी ग्राहकों को चाय देने लगा।

घर क्यों बन जाता है नरक

harish999   15 views   1 year ago

हम सत्ता पलटने और दुश्मन को धूल चटाने में माहिर है, तो फिर भी बच्चों को संस्कारवान बनाने में क्यों नाकाम साबित हो रहे है?

विकिपीडिया और बिकाऊ मीडिया के पार की दुनिया

Mohit Trendster   65 views   1 year ago

हरीश शांत स्वर में मेघना को समझाने लगे - “चिंता मत कर मेघू बेटे! ऐसे करियर बर्बाद होने लगते तो मैं कबका एक्टिंग छोड़ चुका होता। तेरा वीडियो मैंने देखा है। एक पार्सल भेजा है तुझे, बाकी फ़ोन पर नहीं समझाऊंगा। अपने मैनेजर और टीम को बुला ले उन्हें समझा दिया है, उनकी बात ध्यान से सुनकर वैसा ही करना… ”