LIFE

FILTERS


LANGUAGE

वो तेरह दिन

kavita   1.82K views   1 year ago

पत्नी की असामयिक मृत्यु के बाद, एक पति के विरह और ग्लानि का विवरण

अपशकुनी

kavita   118 views   1 year ago

समाज की घृणित सोच और गिरी हुई मानसिकता की शिकार एक युवती की कहानी

रेशमा

Sharma Divya   1.15K views   1 year ago

एक ऐसी लड़की की कहानी जिसने पहले प्यार में धोखा खाया और देहव्यापार मे धकेली गई लेकिन अपने सच्चे प्यार के लिए खुद को मिटा देती हैं।

ये कैसी मानसिकता

rajmati2000   949 views   1 year ago

आज मेरी भांजी का मेडिकल में चयन हो गया। सभी के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी थी। अपने नाना के सपनों को साकार करने जा रही थी।

बड़ी तकलीफ होती है

Nidhi Bansal   46 views   1 year ago

माँ के आँचल की छाँव बमुश्किल नसीब होती है एक माँ ही तो है जो दिल के करीब होती है

अब वो कभी वापस नहीं आयेगा.

Maneesha Gautam   1.01K views   1 year ago

बस के पीछे लिखा था - IF YOU SEE RASH DRIVING.. PLEASE CALL.........लेकिन आज तक किसी ने फ़ोन लगाया ही नहीं था

पैसे की खनक या किस्मत की मार ??

Kalpana Jain   75 views   1 year ago

आज रुपये दे कर कहीँ भी कुछ भी करवाया जा सकता है या फिर किस्मत तेज़ होती हैं।

झुलसी दुआ (कहानी) #ज़हन

Mohit Trendster   147 views   1 year ago

उसकी दिनभर की थकान नींद से कम बल्कि घरवालों से घंटे-आधा घंटे बातें कर ज़्यादा ख़त्म होती थी। अक्सर उसने कितने लोगो को कैसे बचाया, कैसे बीमारी में भी स्टेशन आने वालो में सबसे पहला वो था, कैसे घायल पीड़ित के परिजन उस से लिपट गए...

घूंघरू

kumarg   53 views   1 year ago

आजकल उसके घूंघरूओं से न जाने माँ को क्यों चिढ़ होने लगी है । जबकि अब तो जब चलती है तो घूंघरूओं की छनकार सुन हर आता जाता उसे कितनी हसरत से निहारता है । माँ बाप के सपने से इतर उसने भी एक सपना देखा सिल्वर स्क्रीन पर चमकने का । माँ को समझा बुझाकर पिता को बिना बताये वो बम्बई पहुंच गई ।

क्रियाकर्म

kumarg   89 views   1 year ago

एकमुश्त इतनी मौतें प्रशासन की परेशानी की वजह न बन जाए इसलिए रातों रात उन्हें बोरी में भर प्रशासन ने स्टीमर से दूसरी तरफ चोरगांव में फिंकवा दिया और वहाँ के मुखिया को कुछ पैसे देते हुए कहा इन लाशों को चुपचाप ठिकाने लगा दो और मुँह खोला तो गाँव में कोई न बचेगा ।

तर्पण

kumarg   137 views   1 year ago

वो दौड़कर कटोरी में गंगाजल ले आई । बटेसर सर पर हाथ धड़े वहीं बैठे रहे । भौजाई सुरक्षित दूरी से दुआरी पर खड़े होकर रमेसर से इहलोक से प्रस्थान का आग्रह कर रही थी और वीर रस की कविताओं से दलन के इस कंटक को मिटा डालने का आवाहन ।

मां का नायाब मोती

swa   103 views   1 year ago

वो झांककर बंगले में देखने की कोशिश कर रहा था, चार चक्कर लगा चुका था अगल-बगल पूरे बंगले के।

घर क्यों बन जाता है नरक

harish999   16 views   1 year ago

हम सत्ता पलटने और दुश्मन को धूल चटाने में माहिर है, तो फिर भी बच्चों को संस्कारवान बनाने में क्यों नाकाम साबित हो रहे है?

रंग का मोल

Mohit Trendster   9 views   2 years ago

आज भारत और नेपाल में हो रहीं 2 शादियों में एक अनोखा बंधन था।

मरणोपरांत आशीर्वाद

Mohit Trendster   29 views   2 years ago

बीमा एजेंट के अनुसार रविन्दु सामंत के सुसाइड नोट की लिखावट उनकी राइटिंग से पूरी तरह नहीं मिलती थी। पुलिस टीम द्वारा जांच के लिए कुछ सामग्री जप्त की गयी और थोड़े दिन के बाद नतीजे की पुष्टि की बात हुई।