LIFE

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बहाव के विरुद्ध

Mohit Trendster   72 views   2 years ago

सपनों के शहर में सपनों को चकनाचूर होता देखने के बाद इन प्रतिभावान गायकों ने साधारण निजी नौकरियां पकड़ ली। दोनों तरफ से दर्ज हुए मामले या तो रद्द हो गए या अनिर्णीत घिसटते रहे। किसी भी केस में सुरजीत और देविका को सज़ा नहीं हुई थी पर झूठ इतनी बार दोहराया जा चुका था कि आम जनता आरोपों को सच मानती थी।

the Truth

shivangi   72 views   2 years ago

life is unpredictable. It reflects different shades but certainly no phase is permanent. Life is more about how you see it. Truth and darkness are parts of it and the one who swims out in every situations is the real winner

" ब्लू व्हेल :- मौत की सौदागर "

Neha Neh   69 views   2 years ago

आत्महत्या करनें वालों के पास सबसे ज्यादा अपनों की कमी होती है। उस अपने की जिससे वो दिल की बात कह सके। कोशिश किजिये अगर किसी अपने के व्यवहार में अचानक से परिवर्तन आया है। तो आप उसके दिल की बात जान सके। यकीन माने आत्महत्या बहुत कम हो सकती है ,पर एक दोस्त एक हमदर्द अगर साथ हो तो ......

उम्मीदों की कश्ती-६

abhidha   66 views   2 years ago

अगली सुबह से हम लोग अलख के अंडर ट्रेनिंग में थे। कर्नल साहब आर्मी में थे और मैं खुद भी एक बार एवरेस्ट की आधी चढ़ाई चढ़ चुका था इसलिए हमें कोई परेशानी नहीं होती। अलख के नए पैरों की वजह से उसे पहले छोटे-छोटे रास्तों पर ट्रैकिंग करवानी थी जिससे उसके पैरों को पहाड़ी रास्तों की आदत हो जाये।

विकिपीडिया और बिकाऊ मीडिया के पार की दुनिया

Mohit Trendster   65 views   2 years ago

हरीश शांत स्वर में मेघना को समझाने लगे - “चिंता मत कर मेघू बेटे! ऐसे करियर बर्बाद होने लगते तो मैं कबका एक्टिंग छोड़ चुका होता। तेरा वीडियो मैंने देखा है। एक पार्सल भेजा है तुझे, बाकी फ़ोन पर नहीं समझाऊंगा। अपने मैनेजर और टीम को बुला ले उन्हें समझा दिया है, उनकी बात ध्यान से सुनकर वैसा ही करना… ”

खत: अजन्मे बच्चे के नाम

kavita   65 views   2 years ago

एक माँ की संवेदना भरी बातें ...जो वो अपने जिगर के टुकड़े से बोलना चाहती है..!

उम्मीदों की कश्ती-७

abhidha   64 views   2 years ago

बर्फीले तूफ़ान के गुज़रते ही हमने अपनी चढ़ाई शुरू की। अब धीरे-धीरे जैसे-जैसे हम ऊपर चढ़ रहे थे हमें ऑक्सीजन की कमी महसूस रही थी परन्तु अलख में पता नहीं कहाँ से एक नयी ऊर्जा का संचार हो गया था

MY NAME IS SHANTI AND I AM AN ANGRY GODDESS

poojaomdhoundiyal   64 views   2 years ago

THIS STORY IS ABOUT A LADY, WHO FIGHT FOR HERSELF, FOR HER DIGNITY, FOR HER IDENTITY. WHO GIVE A BIG FIGHTS TO ALREADY ESTABLISHED NOTIONS IN A SOCIETY. HER STORY TELLS SOCIETY, ITS NOT NAME THAT DOES MATTERS ITS ACTS THAT HAS THE MEANING AND IDENTITY.

बहू या अलादीन का चिराग

harish999   63 views   2 years ago

पति को भगवान मानने वाले समाज में आखिर कब बहू-बेटियों को इस मानसिक, शारीरिक उत्पीडऩ से मुक्ति मिलेगी, यह सवाल हर समय हमको परेशान रखता है. आखिर ऐसा क्यों होता है और कब तक होता रहेगा?

Dadaji

shashankbhartiya   60 views   2 years ago

A journey to America: this is a story how my mission to discovery of america met with a pathetic disaster. How even colambus was not spared by Mom.

कर्मफल

prakash   58 views   2 years ago

क्या हमे इस जन्म मे भी पूर्व जन्म के कर्मों के फल भोगना होता है ? हमे इस जन्म मे मिलने वाले सुख या दुख का क्या पूर्व जन्म से भी कोई संबंध है या ये एक कोरी कल्पना मात्र है । ऐसी जिज्ञासा सदैव ही लोगों के मन मे बनी रहती है अतः एक छोटा स विश्लेषण .....

vivaah: ek nayi shuruaat

shashankbhartiya   57 views   2 years ago

एक टूटा हुवा दिल,और उस टूटे हुवे दिल से प्यार करने वाली,उम्मीदों से भरी,आँखों में सपने सजाये हुवे एक नवविवाहिता...

नारी

Nidhi Bansal   53 views   1 year ago

अधूरी अभिलाषाओ और अनजानी जिम्मेदारी में उलझी एक नारी का अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश

घूंघरू

kumarg   53 views   2 years ago

आजकल उसके घूंघरूओं से न जाने माँ को क्यों चिढ़ होने लगी है । जबकि अब तो जब चलती है तो घूंघरूओं की छनकार सुन हर आता जाता उसे कितनी हसरत से निहारता है । माँ बाप के सपने से इतर उसने भी एक सपना देखा सिल्वर स्क्रीन पर चमकने का । माँ को समझा बुझाकर पिता को बिना बताये वो बम्बई पहुंच गई ।

दो बेज़ुबान - चीकू और मैं।

nidhi   52 views   1 year ago

मुझे रोज़ चीकू याद आता है..उसकी बड़ी बड़ी लाल आँखें याद आती हैं जो चीख चीख कर मुझसे पूछ रही हैं तुमने मुझे आज़ाद क्यों नही कराया??