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आसान नहीं "माँ" बनना..

Kalpana Jain   527 views   11 months ago

बहुत मुश्किल हालतों से गुजरने के बाद एक नन्हीं ख़ुशी गोद में आई।

निशा तुम डरती क्यों हो??

rita1234   1.08K views   1 year ago

ससुराल में अपनी जिम्मेदारियों को बखूभी निभाती निशा को सासु माँ से मायके जाने की इजाज़त लेने में बहुत डर लगता है

ठूंठ

Maneesha Gautam   646 views   1 year ago

उस बिस्तर के कोने में, एक दिन में न जाने कितनी बार वो अपने पूरे जीवन को याद कर के जी लेती है।

शांति निकुंज

kavita   1.33K views   11 months ago

वर्तमान युग मे अविश्वसनीय प्रेम की पराकाष्ठा को प्राप्त एक मार्मिक प्रेम कथा

तेरा ज़िक्र हो रहा है इबादत की तरह

Maneesha Gautam   1.46K views   1 year ago

ख्याल रखिये अपनी पत्नियों का, अपने घर में रहने वाली महिलाओं का, वो आपका ख्याल रखते- रखते अपने आप से दूर हो जाती है. आपके मकान को घर बनाने के लिए अपने शरीर को मशीन बना देती है

नार्मल डिलीवरी ही होनी चाहिए।

Maneesha Gautam   872 views   1 year ago

वो पिकं रेखाएं माँ बनने की परीक्षा में पास होने के संकेत थे। आंनद ,रमा का पति भी संपूर्णता की परीक्षा में सफल होकर गर्व महसूस कर रहा था।

अंत

mmb   1.20K views   10 months ago

उसको अपने अंत का अहसास होने लगा था

सच्चा सैल्यूट

Mohit Trendster   204 views   10 months ago

विमलेश - "अच्छा, थाने के आस-पास ये बुढ़िया कौन घूमती रहती है? इतना मन से सैल्यूट तो सिपाही नहीं मारते जितने मन से वो सैल्यूट करती है।" दीवान - "अरे वो पागल है सर कुछ भी बड़बड़ाती रहती है। डेढ़ साल से तो मैं ही देख रहा हूँ..."

कर्तव्य और अधिकार

utkrishtshukla   48 views   2 years ago

कर्तव्यों का ढिंढोरा पीटना एक मूर्खतापूर्ण​ कार्य है।

बरगद

Amritanshu Yadav   7 views   2 years ago

एक कविता है जो समसायिक विश्व में स्वार्थीपन पर तंज कसती है...

खौफ की खाल (नज़्म)

Mohit Trendster   2 views   1 year ago

खौफ की खाल उतारनी रह गयी, रुदाली अपनी बोली कह गयी... रौनक कहाँ खो गयी? तानो को सह लिया, बानो को बुन लिया। कमरे के कोने में खुस-पुस शिकवों को गिन लिया।

मानव श्रेष्ठ

Rajeev Pundir   302 views   1 year ago

अक्सर हमें यही उपदेश दिया जाता है कि पृथ्वी पर पाए जाने वाली सभी योनियों में मानव योनी सर्वश्रेष्ठ है I लेकिन क्या ये सही है ? शायद नहीं I हर एक जीव जंतु पशु पक्षी अपने में सम्पूर्ण है I अस्तित्व की इस लड़ाई में वो किसी को हरा भी सकता है और किसी से हार भी सकता है I

बच्चो के राम, बड़ों के राम से अलग है..

shipratrivedi   23 views   1 year ago

राम की समझ आजकल बच्चो को बड़ों से ज्यादा है. बड़ों ने तो राम को एक समस्या बना दिया है जो कभी लोगो के बीच तो कभी कचहरियो मे सुनी जा रही है..

MY NAME IS SHANTI AND I AM AN ANGRY GODDESS

poojaomdhoundiyal   64 views   1 year ago

THIS STORY IS ABOUT A LADY, WHO FIGHT FOR HERSELF, FOR HER DIGNITY, FOR HER IDENTITY. WHO GIVE A BIG FIGHTS TO ALREADY ESTABLISHED NOTIONS IN A SOCIETY. HER STORY TELLS SOCIETY, ITS NOT NAME THAT DOES MATTERS ITS ACTS THAT HAS THE MEANING AND IDENTITY.

યાદ

pravinakadkia   167 views   1 year ago

એક માતાનાં મનોભાવની વાત છે. હૃદય્સ્પર્શીવાર્તા જરૂરથી વાંચશો.