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If I would be someone else !

mehrashanti   16 views   8 months ago

One fine morn , eyes peep into the mirror and she gets lost in a world , virtual yet which kept her spellbound and where all her torment was lost. But then she greets her own persona and then is compelled to ponder what if she would be someone ?

" ब्लू व्हेल :- मौत की सौदागर "

Neha Neh   69 views   8 months ago

आत्महत्या करनें वालों के पास सबसे ज्यादा अपनों की कमी होती है। उस अपने की जिससे वो दिल की बात कह सके। कोशिश किजिये अगर किसी अपने के व्यवहार में अचानक से परिवर्तन आया है। तो आप उसके दिल की बात जान सके। यकीन माने आत्महत्या बहुत कम हो सकती है ,पर एक दोस्त एक हमदर्द अगर साथ हो तो ......

जिन्दगी से कोई वादा तो नहीं था..!

chandrasingh   28 views   11 months ago

तुम बिन जीने का इरादा नहीं था जिन्दगी। पर मैं अब तुम बिन ही जीना चाहता हूँ। अब मुझे तुम्हारी जरुरत भी नहीं | इस बार जिन्दगी बड़ी मायूस होकर मेरे पास से चली गयी। जिन्दगी तुमसे कोई वादा नहीं था मेरा। हाँ लेकिन तेरे बिना जीने का अब इरादा है मेरा। सुबह हो गया।

An eulogy for the girl who killed herself.

tanushree08   14 views   1 year ago

This post is about how a girl kills herself as her freedom is curbed, her heart is broken and her trust is shattered. Lonely and aloof, sad and depressed, she decides to end her moments of despair.

चल चलें

poojaomdhoundiyal   7 views   11 months ago

वह बचपन और उसकी यादें अकसर मेरे संग आंखमिचोली करती हैं। माना कि आज भी जीवन खुशहाल है पर वह बचपन वाली अमीरी सच में बहुत याद आती है।

vivaah: ek nayi shuruaat

shashankbhartiya   55 views   10 months ago

एक टूटा हुवा दिल,और उस टूटे हुवे दिल से प्यार करने वाली,उम्मीदों से भरी,आँखों में सपने सजाये हुवे एक नवविवाहिता...

औरत की जंग

kumarg   39 views   10 months ago

मच्छरहट्टे में दो किलो रेहू तौलाने के बाद विधायकजी के पोते ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो गंगिया मलाहिन ने फांसुल चला दिया । दूर्योग से निशाना ऐसा चूका की नेताबीज जीवन भर के लिए बियाह से वंचित हो गये ।

नारी का मन

sonikedia12   22 views   1 year ago

धू धू कर धधकता नारी का....... नहीं ...ये तन नहीं मन धधक रहा

बच्चो के राम, बड़ों के राम से अलग है..

shipratrivedi   19 views   10 months ago

राम की समझ आजकल बच्चो को बड़ों से ज्यादा है. बड़ों ने तो राम को एक समस्या बना दिया है जो कभी लोगो के बीच तो कभी कचहरियो मे सुनी जा रही है..

Mother-God In Flesh

troubleseeker11   11 views   10 months ago

A mother's feelings about her child as she grows old. The bond is described here.

प्रसव पीड़ा

kumarg   35 views   10 months ago

छोटे किसान जब दलालों के चंगुल से बचने और अपनी फसल की उचित कीमत पाने की कोशिश में बाजार की तरफ बढ़ता है तो हर किसी को दिक्कत होने लगती है । ऐसे ही एक उत्पादक किसान की कहानी जो प्रचलित तरीके को छोड़ खुद अपनी फसल बेचने निकला है ।

Come here again

arahman   8 views   10 months ago

It's just an outcome of my thoughts on people leaving this world and leaving us alone.

ज़िंदगी रोटी से चलती है, गोलियों से नहीं

harish999   12 views   10 months ago

हर कोई अपनी बीन ऐसे बजा रहा है जैसे जनता सांप हो और वो नासमझ खुद अभी अभी आसमान से टपका हो. चाहे कितना भी हंगामा कर लीजिये,

कैसी भूल..

Kavita Nagar   1.45K views   4 months ago

अपनी शिक्षा के सहज सम्मान की इच्छा लिए शिक्षा सपनों की ससुराल के ख्बाब देख रही थी

યાદ

pravinakadkia   166 views   5 months ago

એક માતાનાં મનોભાવની વાત છે. હૃદય્સ્પર્શીવાર્તા જરૂરથી વાંચશો.