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चिट्ठी - दादाजी के नाम

abhi92dutta   672 views   1 year ago

यह चिट्ठी 2016 मैं अपने दादाजी के जन्मदिवस पर उनके याद में लिखा था । एक दिन में लिखने के कारण इसमें वर्तनी सम्बंधित काफी अशुद्धियाँ है । लेकिन मैं उन अशुद्धियाँ नहीं हटाना चाहता हूँ । मेरे लिए यह चिट्ठी कोई रचना नही थी , यह मेरे जज्बात है । और जज्बातों में कोई सुधार की आवश्यकता नहीं होती है

ठूंठ

Maneesha Gautam   646 views   1 year ago

उस बिस्तर के कोने में, एक दिन में न जाने कितनी बार वो अपने पूरे जीवन को याद कर के जी लेती है।

"सुम्मी की माँ.."

kavita   592 views   2 years ago

एक अबोध बच्ची की माँ को खो देने की और उसके... संघर्ष की कहानी..!!

आसान नहीं "माँ" बनना..

Kalpana Jain   535 views   1 year ago

बहुत मुश्किल हालतों से गुजरने के बाद एक नन्हीं ख़ुशी गोद में आई।

रीति रिवाज हैं 'दहेज' का दूसरा नाम

Kalpana Jain   528 views   1 year ago

आज कल देहज को मांग कर नहीं रीत रिवाज के नाम पर लिया जाता है।

वो चेहरा कहीं खो गया।

rita1234   527 views   1 year ago

माँ का महत्व हम सब को मालूम है। बचपन से लेकर हर अवस्था में हमे माँ के स्नेह और प्रेम की जरूरत होती है

अक्स

Sharma Divya   520 views   1 year ago

सच्चे प्रेम की दास्तां। दो प्यार करनेवाले एक दूसरे को अपनी रूह से चाहते है अगर प्रेम सच्चा हो तो जीने की वजह देता है।

LIFE - your journey

lubna   486 views   2 years ago

An article on the meaning of life where in your trials and tribulations are just a part of it.

खून का रंग लाल होता है, नीला नही.

Maneesha Gautam   482 views   1 year ago

अंधिकाशतय विज्ञापन में पैड की गुणवत्ता और क्षमता के प्रदर्शन के लिए नीले रंग के लिक्विड का इस्तेमाल किया गया. कई सवाल दिमाग में एक साथ आये कि नीले रंग का क्या मतलब है ? खून दिखाने के लिए नीला रंग क्यों? खून का रंग लाल होता है ,नीला नही.

वो खत.... अहसासों के !

rgsverma   469 views   1 year ago

कुछ खतों में सिमट अहसास, और जीवन के साधारण से पलों की सहज व्याख्या है यह कहानी। और वह अहसास ओढ़ कर ही समझे जा सकते हैं। आइये, पढ़ें--

रामरस

kumarg   441 views   1 year ago

गरीब के पेट पर लात पड़ती है तो सांप की तरफ फुंफकारता है गजोधर भी फुंफकारे। लेकिन ढ़ोरबा सांप से कौन डरता है । कुछ ही देर में कुचाकर चोखा बन गए ।

"फुर्सत के दो पल मिल जाते काश"......

vandita   430 views   1 year ago

आज के समय मे लोग इतना व्यस्त हो गए है कि उनके पास अपने लोगों के लिए वक्त नहीं है। ऐसा ही कुछ मेरी इस कहानी में आपको पढ़ने को मिलेगा।

ज़िंदगी जीत गई

kusumakardubey69   356 views   2 years ago

रोहित नामक एक युवक को अचानक ज्ञात होता है कि वह एच आई वी पॉजिटिव है। वह जीने की आशा छोड़ देता है। उसकी पारिवारिक परिस्थिति खराब हो जाती है। एक शुभचिंतक के सहयोग से वह अपनी ज़िंदगी की जंग जीत जाता है।

नई पीढ़ी नये रंग

Manju Singh   311 views   1 year ago

तब और अब का अन्तर हमेशा रहा है किन्तु यदिथोदी सी समझदारी दिखाई जाये तो शायद हम इस अन्तर को समाप्त कर सकते हैं।

“मन के हारे हार है मन के जीते जीत”

poojaomdhoundiyal   310 views   1 year ago

डिप्रेशन चुप चाप दबे पाँव आकर कब हमारे दिल और दिमाग को अपने काबू में कर लेता है हमे पता ही नहीं चलता। जब पता चलता है तब तक हम हार चुके होते हैं। अपने अपनों से, दोस्तों से समाज से दूर हो चुके होते हैं।