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दादी की यादें .....!

nehabhardwaj123   149 views   1 year ago

एक यादों में खोई सी राशि जो बरबस ही अपनी दादी को याद करते हुए उनकी ही दुनिया मे खो जाती है !

उम्मीदों की कश्ती-७

abhidha   61 views   2 years ago

बर्फीले तूफ़ान के गुज़रते ही हमने अपनी चढ़ाई शुरू की। अब धीरे-धीरे जैसे-जैसे हम ऊपर चढ़ रहे थे हमें ऑक्सीजन की कमी महसूस रही थी परन्तु अलख में पता नहीं कहाँ से एक नयी ऊर्जा का संचार हो गया था

उम्मीदों की कश्ती-६

abhidha   64 views   2 years ago

अगली सुबह से हम लोग अलख के अंडर ट्रेनिंग में थे। कर्नल साहब आर्मी में थे और मैं खुद भी एक बार एवरेस्ट की आधी चढ़ाई चढ़ चुका था इसलिए हमें कोई परेशानी नहीं होती। अलख के नए पैरों की वजह से उसे पहले छोटे-छोटे रास्तों पर ट्रैकिंग करवानी थी जिससे उसके पैरों को पहाड़ी रास्तों की आदत हो जाये।

उम्मीदों की कश्ती-५

abhidha   74 views   2 years ago

सारी रात मुझे नींद नहीं आई। देर रात मैं उठकर कागज़ पर कुछ लिखकर कश्तियाँ बना रहा था। अगली सुबह मैं झरने की ओर भागा देखा तो अलख नहीं थी।

सुकून की तलाश

Kavita Nagar   875 views   1 year ago

कैसे पकंज को अपनों से अलग होते ही संसार की वास्तविकता समझ आई, और अपनी भूल का एहसास हुआ।

मोर्चा

sidd2812   145 views   1 year ago

रात एक बजे उस माँ को क्या सूझी कि कश्मीर में सोते अपने बेटे को जगा दिया। उस माँ को किसी अनहोनी की आशंका थी, जैसे कुछ बुरा होने वाला है

उम्मीदों की कश्ती-४

abhidha   76 views   2 years ago

अलख के साथ जब मैं घर पहुँचा तो कर्नल साहब और तृप्ति जी मुझे हैरानी से देख रही थीं।

उम्मीदों की कश्ती-३

abhidha   85 views   2 years ago

'शायद मेरी शादी का ख्याल दिल में आया है, इसीलिए मम्मी ने तेरी मुझे चाय पर बुलाया है'

उम्मीदों की कश्ती-२

abhidha   94 views   2 years ago

यूथ हॉस्टल पहुँचकर जूता एक तरफ फेंक केयर टेकर को आवाज़ दी- काका खाने में क्या है? वो बोला- साब,आज तो जीरा आलू, रोटी और दाल तड़का ही है

उम्मीदों की कश्ती- १

abhidha   120 views   2 years ago

पिछली बारिश पहाड़ों से घिरे छोटे से कस्बे में मैं एक स्टडी टूर पर था, कुछ जड़ी-बूटियाँ खोजने गया था।यूथ हॉस्टल से सुबह-सुबह निकल पड़ता मैं।अभी अपने कमरे से बाहर ही आया था कि केयर टेकर ने आवाज़ दी- 'साब जी वो जन्तो के यहाँ पकोड़े बहुत अच्छे बनते हैं, लौटते में खाते आना, खाने में देर हो जाएगी

अपना सा घर

Sharma Divya   754 views   8 months ago

जिसके लिए बचपन से तरसती रही वह घर आखिर मिल ही गया पवित्रा को।

बहू की उड़ान

jyotiorrajdeep   1.57K views   1 year ago

बहू बन कर केवल घर की जिम्मेदारी तक सिमट कर नहीं रहना चाहिए बल्कि अपनी पहचान बनानी चाहिए।

सिर्फ तुम

rajmati777   818 views   1 year ago

आज एक कार्यक्रम में शर्मा जी से मुलाकात हुई। उनके व्यक्तित्व को देख मैं बहुत अभिभूत हो गई। पर जब अनायास ही उनके घर जाना हुआ, और जो देखा तो दिमाग विचलित हो उठा।

मायका: ‘कुछ अहसास’ ‘कुछ उम्मीदें’... जो हर दिल में जगती है।।।

rita1234   713 views   1 year ago

मायका हर लड़की के जीवन में बेहद अहम होता है। किसी भी लड़की का मायका उसे याद करता हो या नहीं मगर उसे ‘मायका’ का सम्मोहन हमेशा होता है।

रूहानी मोहब्बत

kavita   1.42K views   1 year ago

प्यार के एहसास और त्याग के विचार के बीच मे फंसी एक युवती की कहानी