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​चले आओ

dhirajjha123   16 views   2 years ago

तेजाबी बूंदों ने बना दिया है थोड़ा सा बदसूरत जो छटपटा रही है इस अनचेते हमले से

दर्द

sonikedia12   24 views   1 year ago

एक शराबी ने दूसरे से कहा किस दर्द ने तुझे यहाँ लाया बता सृष्टि ने तुझसे क्या खेल रचाया

WOMEN'S ARE NOT TO PLEASE YOU.

beingsheblog   8 views   1 year ago

A women, is not here to please everyone, by her look, by her body, she is also a human, and people need to understand that. @beingsheblog

नारी का मन

sonikedia12   22 views   2 years ago

धू धू कर धधकता नारी का....... नहीं ...ये तन नहीं मन धधक रहा

Come here again

arahman   8 views   1 year ago

It's just an outcome of my thoughts on people leaving this world and leaving us alone.

जीवन में विलेन ढूँढने की आदत (लेख)

Mohit Trendster   20 views   1 year ago

बचपन से हमें बुराई पर अच्छाई की जीत वाली कई गाथाओं का इस तरह रसपान करवाया जाता है तो कोई भी बुरा नहीं बनना चाहता। अब सवाल उठते हैं कि अगर कोई बुरा नहीं तो फिर समाज में फैली बुराई का स्रोत क्या है? दुनिया में सब अच्छे क्यों नहीं?

समूह वाली मानसिकता (लेख)

Mohit Trendster   2 views   1 year ago

समूहों की रेखाओं में उलझे समाज का विश्लेषण।

Living under the skin

Shrey Sharma   2 views   1 year ago

Emotions running wild when everything seems to fall apart

चल चलें

poojaomdhoundiyal   7 views   1 year ago

वह बचपन और उसकी यादें अकसर मेरे संग आंखमिचोली करती हैं। माना कि आज भी जीवन खुशहाल है पर वह बचपन वाली अमीरी सच में बहुत याद आती है।

काश में दबी आह!

Mohit Trendster   29 views   1 year ago

एक अधूरे प्यार की खैर में खुशी ढूँढती औरत और अपने ख्वाबों का क़त्ल कर चुके आदमी की कहानी।

"ज़िन्दगी है"

ayushjain   15 views   1 year ago

"कहीं रोती ज़िन्दगी है कहीं हँसती ज़िन्दगी है

स्वप्न संगिनी

shivamtiwari   1 views   1 year ago

एक बाल मन की महत्वाकांछाएँ व सपने किस प्रकार से उम्र का रास्ता अकेलेपन के साये में तय करते-करते प्रेम के 'ढाई अक्षर' में विलीन होने को मचलने लगती है उसी अनुभूति को कविता में पिरोने की एक कोशिश।

ज़िंदगी रोटी से चलती है, गोलियों से नहीं

harish999   12 views   1 year ago

हर कोई अपनी बीन ऐसे बजा रहा है जैसे जनता सांप हो और वो नासमझ खुद अभी अभी आसमान से टपका हो. चाहे कितना भी हंगामा कर लीजिये,

बंद होना करो संवेदनाओं के नाम पर अपना फायदा निकालने का ये खेल

dhirajjha123   3 views   2 years ago

हम सब की ज़िन्दगी में कभी न कभी कोई न कोई बड़ा हादसा हुआ होता है । जो हमें जब भी याद आये तो हम भावुक हो जाते हैं, कई बार क्रोध आता है तो कई बार अनसु निकल आते हैं ।

The introvert's story

nandini   7 views   1 year ago

The life of a girl who likes to stay alone with her dreams to make them come true.