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स्तनपान

rishav   28 views   1 year ago

सामाजिक तबके कभी एक से दृष्टिकोण नहीं पाते! नज़र के साथ बदलते हैं। स्तनपान कराना क्या शर्म का मुद्दा है?

घूंघरू

kumarg   51 views   10 months ago

आजकल उसके घूंघरूओं से न जाने माँ को क्यों चिढ़ होने लगी है । जबकि अब तो जब चलती है तो घूंघरूओं की छनकार सुन हर आता जाता उसे कितनी हसरत से निहारता है । माँ बाप के सपने से इतर उसने भी एक सपना देखा सिल्वर स्क्रीन पर चमकने का । माँ को समझा बुझाकर पिता को बिना बताये वो बम्बई पहुंच गई ।

जीवन में विलेन ढूँढने की आदत (लेख)

Mohit Trendster   20 views   6 months ago

बचपन से हमें बुराई पर अच्छाई की जीत वाली कई गाथाओं का इस तरह रसपान करवाया जाता है तो कोई भी बुरा नहीं बनना चाहता। अब सवाल उठते हैं कि अगर कोई बुरा नहीं तो फिर समाज में फैली बुराई का स्रोत क्या है? दुनिया में सब अच्छे क्यों नहीं?

उम्मीदों की कश्ती-५

abhidha   60 views   1 year ago

सारी रात मुझे नींद नहीं आई। देर रात मैं उठकर कागज़ पर कुछ लिखकर कश्तियाँ बना रहा था। अगली सुबह मैं झरने की ओर भागा देखा तो अलख नहीं थी।

महिलाओं का पहनावा

nehabhardwaj123   1.51K views   3 months ago

ये कहानी है वंदना की, जो अपनी गर्भावस्था के कारण पूजा में साड़ी की जगह सूट पहन लेती है, लेकिन अपनी नन्द साक्षी के कारण अपनी सास को समझाने में भी सफल हो जाती है

गरीबी की दिल कचोटती तस्वीर

rashmi   28 views   9 months ago

जहाँ अमीरों के बच्चों के कई शौक और इच्छाएँ पूरे करने में दिन बीतते है वही गरीब बच्चों का पूरा दिन केवल खाने की तलाश में बीत जाता है. फिर जो कुछ भी मिलता है उसे भी मिल बाँट कर खाते है. ये गरीब बच्चें भी दिल के बड़े अमीर होते है. बस ऐसी ही कुछ स्थिति को अल्फाज़ देने की एक कोशिश.

काश में दबी आह!

Mohit Trendster   29 views   11 months ago

एक अधूरे प्यार की खैर में खुशी ढूँढती औरत और अपने ख्वाबों का क़त्ल कर चुके आदमी की कहानी।

अक्स

Sharma Divya   516 views   3 months ago

सच्चे प्रेम की दास्तां। दो प्यार करनेवाले एक दूसरे को अपनी रूह से चाहते है अगर प्रेम सच्चा हो तो जीने की वजह देता है।

​तुम्हारे बिना वो खुद खुद का भी नहीं

dhirajjha123   16 views   1 year ago

हर बात पर रूठना और रूठ कर कह देना कि अब जा रहा हूँ मैं

मुंबई कॉलिंग

kumarg   26 views   10 months ago

ट्रकवाला ओवरटेक करने लगा तो ड्राईवर ने गाड़ी का एक चक्का साइड में उतार दिया । बगल से गुजरती लड़कियां साइकिल रोककर खड़ी हो गई । गाड़ी पास आते ही सब ने एक साथ हाथ हिलाया "बाय बाय " एक गर्व भरी मुस्कान मूंछों के नीचे छुपाते हुए बाबूजी बोले "वहाँ लफंगई थोड़ा कम करिएगा । "

निराशा

Rajeev Pundir   260 views   6 months ago

दूसरों की मजबूरियां किस तरह हमारी समझ में नहीं आती और हमारे लिए एक पहेली बन कर रह जाती है , पढ़िए इस कहानी में I

तेरा मेरा प्यार....!

chandrasingh   18 views   10 months ago

जब लहरे मुझे थोड़ा भीगो के कुछ कहने लगी, तो मै भी निःशब्द होकर खो गया कुछ यूं ही उनमें।

ख्वाहिशों वाली खिड़की

avinashsurajpur   227 views   6 months ago

"आसमान में आज काले काले बदल थे, न तारो के कोई निशान थे न चाँद था. फैली थी अंदर से चीखती हुई, अनंत सी ख़ामोशी. और बेजान सी हो गयी थी, ख्वाहिशों कि खिड़की भी."

"ज़िन्दगी है"

ayushjain   15 views   10 months ago

"कहीं रोती ज़िन्दगी है कहीं हँसती ज़िन्दगी है

अनसुलझा चेहरा

gauravji   48 views   5 months ago

वो काली अंधेरी रात को पसंद करने लगा था अब।  जिसे रौशनी से नफरत करते मैं आज-कल देख रहा हूँ, वो जिंदगी में कुछ खास करेगा या ना करेगा ये तो कोइ नहीं जानता पर वो खुद में संपूर्ण है और सफल है ,ये उसने साबित कर दिया है