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धारा विरुद्ध

suneel   127 views   9 months ago

पर मैं सोच रही थी, कि हम लोगों ने जिस तरह अकारण ही बेटे के जन्म को उत्सव का पर्याय बना दिया है, अब उसे बदलने का वक्त आ गया है।

कर्मफल

prakash   58 views   10 months ago

क्या हमे इस जन्म मे भी पूर्व जन्म के कर्मों के फल भोगना होता है ? हमे इस जन्म मे मिलने वाले सुख या दुख का क्या पूर्व जन्म से भी कोई संबंध है या ये एक कोरी कल्पना मात्र है । ऐसी जिज्ञासा सदैव ही लोगों के मन मे बनी रहती है अतः एक छोटा स विश्लेषण .....

अपशकुनी

kavita   117 views   9 months ago

समाज की घृणित सोच और गिरी हुई मानसिकता की शिकार एक युवती की कहानी

યાદ

pravinakadkia   166 views   8 months ago

એક માતાનાં મનોભાવની વાત છે. હૃદય્સ્પર્શીવાર્તા જરૂરથી વાંચશો.

जाने वालों ज़रा, मुड़ के देखो इन्हें..!

chandrasingh   23 views   1 year ago

देह से अधूरे है तो क्या आत्मा तो पूरी है न, मुस्कुराहटों में मिलावट तो नहीं है ना, इक सवाल अक्सर मन में उठता है कि विकलांग कौन? जिसकी देह अधूरी है वो या जिसे इश्वर ने देह तो सुन्दर दे दी लेकिन मन की सुन्दरता नहीं दिया ह्रदय में किसी के लिए प्रेम,?

लाउड स्पीकर

Piyush Shukla   26 views   1 year ago

लाउड स्पीकर का आविष्कार1900 में हुआ था किंतु 1935 सबसे पहले लाउड स्पीकर का उपयोग मस्जिदों के लिए किया गया था। मंदिरो के लिए इसका प्रयोग कब से किया गया इसके विषय में कोई जानकारी अभी तक प्राप्त नही हुई हैं। लेकिन एक लाउड स्पीकर औसतन 5 किलोमीटर के दायरे में अपनी आवाज को पहुचा सकता है।

A CURSED CHILD

khyati   24 views   1 year ago

This story is about a boy who is devoid of her mother's love and remembers her on the mother's day. he craves for her but she is nowhere to be seen.

मरणोपरांत आशीर्वाद

Mohit Trendster   28 views   1 year ago

बीमा एजेंट के अनुसार रविन्दु सामंत के सुसाइड नोट की लिखावट उनकी राइटिंग से पूरी तरह नहीं मिलती थी। पुलिस टीम द्वारा जांच के लिए कुछ सामग्री जप्त की गयी और थोड़े दिन के बाद नतीजे की पुष्टि की बात हुई।

बहाव के विरुद्ध

Mohit Trendster   72 views   1 year ago

सपनों के शहर में सपनों को चकनाचूर होता देखने के बाद इन प्रतिभावान गायकों ने साधारण निजी नौकरियां पकड़ ली। दोनों तरफ से दर्ज हुए मामले या तो रद्द हो गए या अनिर्णीत घिसटते रहे। किसी भी केस में सुरजीत और देविका को सज़ा नहीं हुई थी पर झूठ इतनी बार दोहराया जा चुका था कि आम जनता आरोपों को सच मानती थी।

तर्पण

kumarg   135 views   1 year ago

वो दौड़कर कटोरी में गंगाजल ले आई । बटेसर सर पर हाथ धड़े वहीं बैठे रहे । भौजाई सुरक्षित दूरी से दुआरी पर खड़े होकर रमेसर से इहलोक से प्रस्थान का आग्रह कर रही थी और वीर रस की कविताओं से दलन के इस कंटक को मिटा डालने का आवाहन ।

दर्द-ए-वेलेंगटाइन

arn   25 views   1 year ago

और सोचने लगा की दो साल कालेज मे खपाने के बाद भी किसी भी लड़की ने उस जैसे हैंण्सम को अपना बायफ्रेंड क्यो नही बनाया...........

और फिर मनीशंकर भाग गया (एक कहानी युवाओं की)

dhirajjha123   116 views   1 year ago

अब वो अपने दायित्वों के निर्वाह से बिल्कुल नहीं डरता था और ना ही कहीं भाग जाने के बारे में सोचता था । कुल मिला कर वह अपनी उलझनों से बाहर निकल चुका था ।

जब जड़ों में पनपता हो भेदभाव

harish999   11 views   1 year ago

भारत को डिजिटल इंडिया बनाने पहले कुछ सवालों के सकारात्मक जवाब तलाशने होंगे।

औरत की जंग

kumarg   39 views   1 year ago

मच्छरहट्टे में दो किलो रेहू तौलाने के बाद विधायकजी के पोते ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो गंगिया मलाहिन ने फांसुल चला दिया । दूर्योग से निशाना ऐसा चूका की नेताबीज जीवन भर के लिए बियाह से वंचित हो गये ।

If I would be someone else !

mehrashanti   16 views   11 months ago

One fine morn , eyes peep into the mirror and she gets lost in a world , virtual yet which kept her spellbound and where all her torment was lost. But then she greets her own persona and then is compelled to ponder what if she would be someone ?