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ज़िन्दगी कभी न, मुस्कुराई फिर बचपन की तरह....

poojaomdhoundiyal   29 views   1 year ago

कभी कभी मन करता है फिर से बच्चे बन जाये। बचपन के वही पल वही मस्ती फिर से जी जाये । जब जब मौका मिला कोशिश भी की। वही सब करने की, जो वही बचपन वाली अनिभूति दे जाये। खुशी तो मिली लेकिन बचपन नहीं !!

दर्द

sonikedia12   24 views   1 year ago

एक शराबी ने दूसरे से कहा किस दर्द ने तुझे यहाँ लाया बता सृष्टि ने तुझसे क्या खेल रचाया

पिंजरा

sidd2812   40 views   1 year ago

उसको हर सोमवार के दिन आकर, पंछियों को स्वतंत्र करना सुहाता था। मुश्ताक़ की नज़र में वो बहुत भला आदमी था। पर भ्रम एक दिन सबके टूटते हैं।

Dadaji

shashankbhartiya   57 views   1 year ago

A journey to America: this is a story how my mission to discovery of america met with a pathetic disaster. How even colambus was not spared by Mom.

खलनायिका

swa   33 views   1 year ago

रिनी कभी अपनी मां को मां नहीं समझ पाई। जिस मां को उसकी मां के स्थान पर लाया गया था। उसने हमेशा सरला को एक सबसे बड़ी खलनायिका समझा और सरला कभी अपने आप को चाह कर भी अच्छी मां साबित नहीं कर पाई।

दानी

sidd2812   40 views   1 year ago

उसके पास जागीरें थीं। और वो कंगाल हो गया। लेकिन उसके चेहरे से मुस्कराहट न हटी। क्योंकि जीत फिर भी उसी की हुई थी।

मेरे कंधे से ऊपर भी मैं हूँ!

shashankbhartiya   47 views   1 year ago

मेरे कंधे से ऊपर भी मैं ही हूँ, पर तुम देखते ही नहीं,

दिल की सुनो, दिमाग से चलो

harish999   23 views   1 year ago

दिल की बात सुनते हुए दिमाग से काम किया जाए तो सफलता की उम्मीद बहुत ज्यादा रहती है. दोनों ही हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.

और फिर मनीशंकर भाग गया (एक कहानी युवाओं की)

dhirajjha123   117 views   1 year ago

अब वो अपने दायित्वों के निर्वाह से बिल्कुल नहीं डरता था और ना ही कहीं भाग जाने के बारे में सोचता था । कुल मिला कर वह अपनी उलझनों से बाहर निकल चुका था ।

कागा सब तन खाइयो........!

chandrasingh   65 views   1 year ago

दुनियाँ के वे तमाम रिश्तें जो स्वार्थ , जरुरत , पर टिके हैं जो आपसे हमेशा कुछ ना कुछ लेने की बाँट ही जोहते हैं।

पापा तुम्हारे नाम एक खत

shashank25   44 views   1 year ago

पापा आप जानते हो मम्मी सुबेरे से चुप हो गयी है, कुछ खायी नई, कुछ बोलती नई । दिन भर आपको फोन करती रही आप फोन उठाये नई तो रोने लगी और आज तो टीवी में सिरियल की जगह न्यूज देखती रही । दादी भी चुप चाप बाहर वाले बरामदे में बैठी है जहाँ आपकी वो फ़ौजी ड्रेस वाली फोटो टंगी है ।

पुरुष आत्महत्या का सच

Mohit Trendster   31 views   1 year ago

मर्द इतनी अधिक संख्या में आत्महत्या क्यों करते हैं। इसका एक बड़ा कारण...

काश में दबी आह!

Mohit Trendster   29 views   1 year ago

एक अधूरे प्यार की खैर में खुशी ढूँढती औरत और अपने ख्वाबों का क़त्ल कर चुके आदमी की कहानी।

A DATE WITH DEPRESSION

mehakmirzaprabhu   19 views   1 year ago

I am so sleepy. Eye lids are heavy as wet winter blankets. Phone is ringing. I forgot to keep it off hook and I have only myself to blame for that. I have only myself to blame for many more things.

मै टूटता जा रहा हूँ..

arn   23 views   1 year ago

हमेशा से बडे सपने पाने की चाह मे असफल शख्श के मन का दर्द